Tata Sons Listing: IPO से बचने के लिए Noel Tata का बड़ा प्लान, कंपनी को कई हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव

न्यूज तक

• 01:53 PM • 22 Sep 2026

टाटा सन्स में लिस्टिंग बनाम पुनर्गठन पर मतभेद खुलकर सामने आया है. नोएल टाटा ने आरबीआई नियमों के बीच कंपनी का ढांचा बदलने का विकल्प सुझाया. बोर्ड में राय बंटी दिखी.

Noel Tata wants to split Tata Sons into smaller entities?
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न्यूज़ हाइलाइट्स

IPO से बचने के लिए नोएल टाटा का बड़ा प्लान

कंपनी को कई हिस्सों में बांटने का प्लान

एसेट दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर करने का विकल्प

अपर लेयर NBFC की कैटेगरी से बाहर निकलने की कोशिश

डिमर्जर, मर्जर और Scheme of Arrangement पर विचार

Tata Sons Listing: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर विवाद अब और बढ़ता दिख रहा है. टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने के बजाय कंपनी के स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव का सुझाव दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, Tata Sons को कई अलग-अलग कंपनियों या संस्थाओं में बांटने का विकल्प भी सामने रखा गया है.

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17 सितंबर की बोर्ड मीटिंग में आया प्रस्ताव

नोएल टाटा ने ये प्रस्ताव 17 सितंबर को हुई टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में रखा. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि बोर्ड इस प्रस्ताव पर आगे विचार करेगा या नहीं.इस बैठक में टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर एन चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति और कंपनी की लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर भी फैसला हुआ. नोएल टाटा ने इन दोनों फैसलों का विरोध किया था.

RBI के नियमों के कारण बढ़ा दबाव

टाटा संस को RBI ने अपर लेयर NBFC के तौर पर वर्गीकृत किया है. इस कैटेगरी में आने वाली कंपनियों पर ज्यादा सख्त नियम लागू होते हैं. इनमें तय समय सीमा के भीतर शेयर बाजार में लिस्टिंग की शर्त भी शामिल है.इसी वजह से टाटा संस के सामने अब लिस्टिंग या ऐसा कॉरपोरेट स्ट्रक्चर तैयार करने का विकल्प है, जिससे कंपनी पर लागू नियमों में बदलाव की गुंजाइश बन सके.रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड मीटिंग में RBI के निर्देश पर कोई वोट नहीं हुआ. इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई और नोएल टाटा ने दोनों पक्षों की एक टीम बनाकर पूरे मामले का विस्तार से अध्ययन करने का सुझाव दिया.

Tata Sons को कैसे बांटा जा सकता है?

अगर इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ा जाता है तो टाटा संस के मौजूदा स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव हो सकता है. इसमें कंपनी के कुछ कारोबार या एसेट्स को अलग-अलग सब्सिडियरी कंपनियों में ट्रांसफर करना, डिमर्जर, मर्जर या किसी दूसरे Scheme of Arrangement का इस्तेमाल किया जा सकता है.हालांकि, टाटा संस का आकार बहुत बड़ा है. कंपनी के पास TCS, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा केपिटल, टाटा कम्यूनिकेशन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टाटा इन्वेस्टमेंट्स, एयर इंडिया, टाटा डिजिटल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी है.इसलिए किसी भी तरह के री-स्ट्रक्चरिंग में रेगुलेटरी मंजूरी के साथ टैक्स और कारोबारी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं.

फरवरी 2027 तक IPO की तैयारी?

रिपोर्ट के मुताबिक, RBI के निर्देश के बाद टाटा संस ने संभावित IPO की तैयारी भी शुरू कर दी है. कंपनी के अंदर करीब फरवरी 2027 तक बाजार में लिस्टिंग का लक्ष्य रखा गया है. ऐसे में नोएल टाटा का री-स्ट्रक्चरिंग प्रस्ताव टाटा संस को IPO से बचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, अभी यह प्रस्ताव सिर्फ चर्चा के स्तर पर है और बोर्ड ने इसे मंजूरी नहीं दी है.

SP Group की भी Tata Sons में बड़ी हिस्सेदारी

टाटा संस में Shapoorji Pallonji Group की करीब 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है. SP Group Tata Sons की लिस्टिंग के पक्ष में है . SP Group ने जुलाई में करीब ₹21,500 करोड़ की री-फाइनेंसिंग पूरी की थी. ग्रुप ने टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी के एक हिस्से को अगले 18 महीनों में मॉनेटाइज करने की योजना भी बताई है. वहीं, सितंबर के अंत तक करीब ₹3,500 करोड़ का भुगतान भी करना है.

Tata Sons का कारोबार कितना बड़ा?

टाटा संस के कंसोलिडेटेड आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 17 फीसदी बढ़कर ₹6.61 लाख करोड़ हो गया. हालांकि, इस दौरान नेट प्रॉफिट 35.7 फीसदी घटकर ₹17,923 करोड़ रह गया. अब असली सवाल यह है कि टाटा संस RBI के नियमों का पालन किस रास्ते से करेगा IPO के जरिए या कंपनी के मौजूदा स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करके. नोएल टाटा के प्रस्ताव ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है.