टाटा ग्रुप से आई एक अहम खबर ने टाटा सन्स की आगे की कमान को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है. खबर के मुताबिक, टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि वह तुरंत पद छोड़ देंगे. उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है और उम्मीद है कि वह तब तक इस पद पर बने रहेंगे.
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अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि एन चंद्रशेखरन के बाद टाटा सन्स का अगला चेयरमैन कौन होगा. फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक नाम सामने नहीं आया है. लेकिन नियम, बोर्ड की बनावट और पुराने फैसलों को देखें तो कुछ संभावनाएं जरूर चर्चा में हैं.
नोएल टाटा का नाम क्यों चर्चा में है
इस सवाल पर सबसे पहले नोएल टाटा का नाम सामने आता है. वह इस समय टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं. रतन टाटा के निधन के बाद अक्टूबर 2024 में उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स की कमान संभाली थी. बाद में वह टाटा सन्स के बोर्ड में भी शामिल हुए.
लेकिन यहां एक अहम अड़चन है. मौजूदा नियमों के तहत नोएल टाटा एक साथ टाटा ट्रस्ट्स और टाटा सन्स, दोनों के चेयरमैन नहीं बन सकते.
नियम क्या कहते हैं
टाटा सन्स के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में 2022 में बदलाव किया गया था. आर्टिकल 118 के तहत यह प्रावधान किया गया कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट या सर रतन टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन, या दोनों ट्रस्ट के चेयरमैन, टाटा सन्स के चेयरमैन बनने के योग्य नहीं होंगे.
इस बदलाव को अगस्त 2022 में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिली थी. इसका मकसद टाटा सन्स और टाटा ट्रस्ट्स की लीडरशिप को अलग रखना था. आसान शब्दों में कहें तो जिस संस्था की टाटा सन्स में बड़ी हिस्सेदारी है, उसके चेयरमैन को टाटा सन्स की कमान से अलग रखा गया. इससे गवर्नेंस की साफ दूरी बनी रहे. रतन टाटा आखिरी ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने दोनों पद संभाले थे.
अभी तक क्या साफ है
एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है.अगले चेयरमैन के नाम पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.मौजूदा नियमों के कारण नोएल टाटा के लिए टाटा सन्स के चेयरमैन बनना आसान नहीं दिखता.चेयरमैन के चयन के लिए तय प्रक्रिया और मंजूरियां अहम होंगी.
बोर्ड में कौन-कौन से नाम हैं
टाटा सन्स के बोर्ड में कई बड़े नाम शामिल हैं. इनमें नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन, विजय सिंह, हरीश मनवानी, अजय पीरामल, अनिता मारंगोली जॉर्ज, राल्फ स्पेथ और सौरभ अग्रवाल जैसे नाम हैं. एन चंद्रशेखरन फिलहाल एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर सूचीबद्ध हैं.
हालांकि अगला चेयरमैन सिर्फ बोर्ड में मौजूद नामों में से ही होगा, यह जरूरी नहीं है. कंपनी के नियम चयन की एक अलग प्रक्रिया बताते हैं.
चेयरमैन चुनने की प्रक्रिया क्या है
टाटा सन्स के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के मुताबिक, चेयरमैन के चयन के लिए एक सेलेक्शन कमेटी का प्रावधान है. यह कमेटी किसी उम्मीदवार की सिफारिश कर सकती है. इसके बाद बोर्ड लागू नियमों और जरूरी मंजूरियों के तहत नियुक्ति कर सकता है.
यानी अगला चेयरमैन सिर्फ इस आधार पर तय नहीं होगा कि वह टाटा परिवार के करीब है या किसी बड़े शेयरहोल्डर का प्रतिनिधि है. अंतिम फैसला तय प्रक्रिया से ही होगा.
क्या फिर किसी अनुभवी प्रोफेशनल को मौका मिल सकता है
एक संभावना यह भी है कि टाटा ग्रुप फिर किसी अनुभवी प्रोफेशनल मैनेजर को कमान दे. 2017 में भी ऐसा ही हुआ था, जब एन चंद्रशेखरन को टाटा सन्स की कमान दी गई थी. वह इससे पहले टीसीएस के प्रमुख रह चुके थे. साइरस मिस्त्री के दौर के बाद समूह ने एक अनुभवी प्रोफेशनल को सबसे ऊपर रखने का फैसला किया था.
इसी वजह से आने वाले समय में टाटा ग्रुप की किसी बड़ी कंपनी के अनुभवी मुख्य कार्यकारी अधिकारी का नाम भी चर्चा में आ सकता है. हालांकि फिलहाल सार्वजनिक तौर पर ऐसा कोई भरोसेमंद संकेत नहीं है कि किसी खास व्यक्ति को उत्तराधिकारी के रूप में चुन लिया गया है.
कौन से नामों पर नजर रह सकती है
मौजूदा वरिष्ठ बोर्ड सदस्यों में सौरभ अग्रवाल का नाम ध्यान खींच सकता है. वह टाटा सन्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और ग्रुप के मुख्य वित्तीय अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. वह 2017 में टाटा ग्रुप से जुड़े और टाटा सन्स के वरिष्ठ प्रबंधन का हिस्सा रहे हैं.
वेणु श्रीनिवासन भी एक अनुभवी नाम हैं. वह टाटा ट्रस्ट्स और टाटा सन्स, दोनों के बोर्ड से जुड़े रहे हैं. हालांकि टाटा ट्रस्ट्स के प्रतिनिधित्व को लेकर टाटा सन्स के बोर्ड में पहले भी आंतरिक मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं.
फिलहाल तस्वीर क्या कहती है
नोएल टाटा का नाम चर्चा में है, लेकिन नियम बड़ी बाधा हैं.बोर्ड के भीतर से किसी वरिष्ठ सदस्य को मौका मिल सकता है.किसी बाहरी या समूह के भीतर के अनुभवी प्रोफेशनल को भी जिम्मेदारी दी जा सकती है.अब तक जो नाम सामने हैं, वे संभावनाएं हैं, आधिकारिक फैसला नहीं.
कुल मिलाकर, टाटा सन्स की अगली कमान को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन तस्वीर अभी साफ नहीं है. एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल फरवरी 2027 तक है, नए चेयरमैन का नाम तय होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, और मौजूदा नियमों के कारण नोएल टाटा की राह आसान नहीं दिखती. अब नजर इस बात पर रहेगी कि समूह किसी अनुभवी प्रोफेशनल को चुनता है, किसी वरिष्ठ बोर्ड सदस्य पर भरोसा करता है, या फिर कोई नया चेहरा सामने आता है.
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