टाटा ग्रुप की अहम कंपनी टाटा संस में नए चेयरमैन को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है. मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दिया है, लेकिन वह तुरंत पद नहीं छोड़ेंगे. उनका कार्यकाल फरवरी 2027 तक जारी रहेगा.
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इसी बीच टाटा संस के अगले चेयरमैन को लेकर चर्चा तेज है. इस समय टाटा स्टील के प्रमुख टीवी नरेंद्रन का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है. हालांकि अभी तक उन्हें आधिकारिक तौर पर अगला चेयरमैन घोषित नहीं किया गया है.
टीवी नरेंद्रन का नाम क्यों चर्चा में है
मौजूदा जानकारी के मुताबिक टीवी नरेंद्रन करीब 4 दशक से टाटा ग्रुप से जुड़े हैं. वह 1988 में टाटा स्टील में आए थे और उनका पूरा पेशेवर सफर वहीं रहा है.
टाटा स्टील में उन्होंने कर्ज, विदेशी कारोबार और बाजार के उतार चढ़ाव जैसी चुनौतियों पर काम किया. कंपनी की पैसों की हालत मजबूत करने, कर्ज घटाने और नकदी की स्थिति सुधारने पर भी उन्होंने जोर दिया. ब्रिटेन और नीदरलैंड्स के कारोबार में मुश्किल फैसले संभालना भी उनके अनुभव का हिस्सा रहा है.
नए चेयरमैन का चुनाव कैसे होगा
टाटा संस के नियमों के मुताबिक नए चेयरमैन के चयन के लिए 5 सदस्यीय समिति बनाई जाएगी. यह समिति नामों पर विचार करेगी, छंटनी करेगी और जरूरत पड़ने पर बातचीत भी करेगी. इसके बाद समिति अपनी सिफारिश टाटा संस बोर्ड को देगी.
- 3 सदस्य सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट की ओर से नामित होंगे. - 1 सदस्य टाटा संस बोर्ड की तरफ से चुना जाएगा. - 1 स्वतंत्र सदस्य भी बोर्ड की ओर से चुना जाएगा.
एन चंद्रशेखरन अभी पद पर बने रहेंगे
इस्तीफे के बावजूद टाटा संस में बदलाव तुरंत नहीं होगा. चंद्रशेखरन फरवरी 2027 तक अपने पद पर बने रहेंगे. इससे नए चेयरमैन के चयन और जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी के लिए समय मिलेगा.
टीवी नरेंद्रन के पक्ष में क्या बातें हैं
टीवी नरेंद्रन के पक्ष में उनकी लंबी सेवा और ग्रुप की समझ बड़ी वजह मानी जा रही है. वह टाटा ग्रुप के काम करने के तरीके और कारोबारी जरूरतों को करीब से जानते हैं.
टाटा संस के चेयरमैन की भूमिका सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं होती. इस पद पर पूरे ग्रुप की दिशा, बड़े निवेश और अलग अलग कारोबारों में पैसे के सही इस्तेमाल पर नजर रखनी होती है. जानकारी के मुताबिक नरेंद्रन के पास बड़े कामकाज, कर्मचारियों से जुड़े मामलों, नियमों से जुड़ी चुनौतियों और लंबे समय के निवेश का अनुभव है.
नए चेयरमैन की तलाश शुरू हो चुकी है, लेकिन रास्ता पूरी तरह आसान नहीं है. महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के एक निर्देश की वजह से सर रतन टाटा ट्रस्ट फिलहाल अपने ट्रस्टियों की बैठक नहीं कर पा रहा है. इसका असर चयन समिति के लिए ट्रस्ट की तरफ से 3 नाम तय करने की प्रक्रिया पर पड़ सकता है.
नोएल टाटा इस समय टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं. लेकिन 2022 में नियमों में हुए बदलाव के बाद टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन एक साथ टाटा संस का चेयरमैन नहीं बन सकता. इसी वजह से उनके लिए टाटा संस का यह पद संभालना संभव नहीं माना जा रहा है.
रतन टाटा आखिरी ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस, दोनों की जिम्मेदारी एक साथ संभाली थी.
फिर नोएल टाटा की भूमिका क्या रहेगी
नोएल टाटा इस साल नवंबर में 70 साल के हो जाएंगे. ग्रुप की नीति के मुताबिक गैर कामकाजी निदेशकों के लिए आम रिटायरमेंट उम्र 70 साल है. ऐसे में वह ग्रुप की दूसरी कंपनियों के बोर्ड से रिटायर हो सकते हैं.
हालांकि टाटा संस बोर्ड में उनकी स्थिति अलग बताई जा रही है. वह ट्रस्ट के नामित निदेशक हैं और ऐसे निदेशकों पर आम रिटायरमेंट उम्र की सीमा लागू नहीं होती. इसलिए वह टाटा संस बोर्ड में अपनी भूमिका जारी रख सकते हैं.
अंत में सबसे अहम बात
फिलहाल टाटा संस के नए चेयरमैन को लेकर टीवी नरेंद्रन का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है. चयन समिति की सिफारिश और टाटा संस बोर्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि एन चंद्रशेखरन के बाद यह जिम्मेदारी किसे मिलेगी.
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