देश की बड़ी IT कंपनी TCS के जून तिमाही नतीजों के बाद पूरे IT सेक्टर पर फिर से ध्यान गया है. कंपनी के नतीजे आने के बाद शेयर में करीब 3.5 फीसदी तेजी आई लेकिन बाद में ऊपरी स्तर से शेयर फिसलता दिखा. Infosys, HCL Tech, Wipro और Tech Mahindra जैसे दूसरे IT शेयरों में भी खरीदारी दिखी.अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या यह सिर्फ एक अच्छी तिमाही का असर है, या फिर IT सेक्टर में वापसी की शुरुआत हो रही है. साथ ही AI से बढ़ती कमाई, बड़े ऑर्डर और ब्रोकरेज की अलग-अलग राय ने TCS को फिर चर्चा के बीच ला दिया है.
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तिमाही नतीजों में क्या रहा खास
TCS का अप्रैल-जून तिमाही का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 5% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये रहा. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 12,760 करोड़ रुपये था.वहीं कंपनी की आय यानी Revenue 14% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये पहुंच गई. तिमाही आधार पर भी कंपनी की आय में बढ़ोतरी देखने को मिली.ऑपरेटिंग मार्जिन 24% रहा जबकि नेट मार्जिन 19.2% दर्ज किया गया. कंपनी ने ऑपरेशन से 12,412 करोड़ रुपये का कैश भी कमाया, जो उसके मुनाफे का करीब 93% है। इसका मतलब है कि कंपनी सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि वास्तविक कैश भी मजबूत तरीके से बना रही है.
बाजार ने नतीजों को कैसे लिया
नतीजों के बाद बाजार का रुख सकारात्मक दिखा और शुक्रवार को टीसीएस का शेयर करीब 3.5 फीसदी चढ़ गया. पिछले कुछ महीनों से IT शेयर दबाव में थे, क्योंकि निवेशकों को अमेरिका और यूरोप में सुस्ती, AI के असर और कंपनियों के कम IT खर्च को लेकर चिंता थी. इन नतीजों ने उस चिंता को पूरी तरह खत्म नहीं किया, लेकिन भरोसा कुछ हद तक जरूर लौटाया.
बाजार खुश क्यों हुआ
- पहली वजह है कंपनी के बड़े ऑर्डर
इस तिमाही में TCS को 9.5 अरब डॉलर के नए ऑर्डर मिले हैं. इनमें लगभग 80 करोड़ डॉलर का एक बड़ा AI प्रोजेक्ट भी शामिल है.
- दूसरी वजह है AI बिजनेस की तेज रफ्तार
कंपनी ने बताया कि उसका AI बिजनेस अब सालाना आधार पर करीब 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है यानी कंपनी की कुल कमाई का लगभग 8% हिस्सा अब AI सेवाओं से आ रहा है. सबसे अच्छी बात ये है कि पहले जहां ग्राहक AI के छोटे-छोटे प्रयोग कर रहे थे, अब वे बड़े स्तर पर AI लागू कर रहे हैं। इसका मतलब आने वाले समय में AI से होने वाली कमाई और बढ़ सकती है.
कमजोर पक्ष
तस्वीर पूरी तरह एकतरफा मजबूत नहीं है. कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने की वजह से EBIT मार्जिन करीब 1.3% घटकर 24% पर आ गया. इसके अलावा दुनिया भर में कंपनियां अभी भी खर्च को लेकर सावधानी बरत रही हैं और कई बड़े प्रोजेक्ट आगे खिसक रहे हैं.अमेरिका की ब्याज दरें, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता जैसे जोखिम अभी भी आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहे हैं. यही वजह है कि अच्छे नतीजों के बाद भी आगे का रास्ता पूरी तरह साफ नहीं माना जा रहा.
कंपनी का कहना है कि दूसरी तिमाही में मांग बेहतर रह सकती है. टीसीएस पूरे वित्त वर्ष के अंत तक कामकाज का मार्जिन 25% फीसदी से ऊपर ले जाना चाहती है. इसके लिए कंपनी ने काम की रफ्तार बढ़ाने, एआई का ज्यादा इस्तेमाल करने और कर्मचारियों के बेहतर उपयोग पर जोर देने की बात कही है.
ब्रोकरेज हाउस क्या कह रहे हैं
Morgan Stanley
Morgan Stanley ने Equal Weight की रेटिंग बरकरार रखी है
टारगेट प्राइस 2,200 रुपये रखा है
ब्रोकरेज का कहना है कि नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे हैं
AI कारोबार तेजी से बढ़ रहा है
लेकिन अभी भी कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने से बच रही हैं
इसलिए बहुत बड़ी तेजी की उम्मीद फिलहाल नहीं करनी चाहिए
Citi
Citi सबसे ज्यादा सतर्क नजर आया
उसने Sell रेटिंग बरकरार रखी है
टारगेट प्राइस घटाकर 1,825 रुपये कर दिया है
ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में ग्रोथ कमजोर रह सकती है।
AI की वजह से प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है
Global Capability Centres यानी GCCs भी आईटी कंपनियों के लिए चुनौती बन रहे हैं
यानी Citi को फिलहाल TCS में ज्यादा दम नजर नहीं आ रहा
Nuvama
Nuvama सबसे ज्यादा बुलिश नजर आया
Buy रेटिंग. टारगेट प्राइस 3,000 रुपये रखा
ब्रोकरेज का कहना है कि शेयर पहले ही काफी गिर चुका है
अब वैल्यूएशन आकर्षक हो गई है
अगर अगले कुछ तिमाहियों में मांग सुधरती है और AI खर्च बढ़ता है तो शेयर में अच्छी तेजी आ सकती है
Motilal Oswal
Motilal Oswal ने भी Buy रेटिंग बनाए रखी है
टारगेट प्राइस 2,350 रुपये है
ब्रोकरेज का कहना है कि दूसरी तिमाही बेहतर हो सकती है
हालांकि पूरे सेक्टर में एक साथ तेजी आने की उम्मीद अभी नहीं है
कुछ चुनिंदा क्षेत्रों से ही ग्रोथ आएगी
आखिर ब्रोकरेज की राय इतनी अलग-अलग क्यों है?
इसकी सबसे बड़ी वजह AI है कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि AI आने वाले वर्षों में TCS की कमाई कई गुना बढ़ा सकता है.जबकि दूसरे एक्सपर्ट का मानना है कि AI खुद आईटी कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस के लिए चुनौती भी बन सकता है.इसके अलावा दुनिया की अर्थव्यवस्था भी अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है.अगर अमेरिका और यूरोप में कंपनियां आईटी खर्च बढ़ाती हैं तो TCS को फायदा मिलेगा. अगर खर्च कम रहता है तो ग्रोथ भी धीमी रह सकती है.
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अगर आप लंबे समय के निवेशक हैं तो TCS जैसी मजबूत कंपनी पर नजर बनाए रख सकते हैं.कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है. कैश फ्लो मजबूत है. डिविडेंड लगातार मिलता है.AI में कंपनी तेजी से निवेश कर रही है लेकिन अगर आप अगले दो-तीन महीने में तेज रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं तो थोड़ा धैर्य रखना बेहतर हो सकता है, क्योंकि वैश्विक माहौल अभी भी पूरी तरह साफ नहीं है.
डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से है. इसमें दी गई राय और विश्लेषण निवेश की सलाह नहीं हैं. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें.
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