TCS Q1 Results: Tata की कंपनी का मुनाफा 5% बढ़ा, निवेशकों को ₹12 प्रति शेयर डिविडेंड

चिराग ठाकुर

• 05:04 PM • 09 Jul 2026

TCS के पहली तिमाही नतीजों में मुनाफा और रेवेन्यू बढ़ा है, ₹12 प्रति शेयर डिविडेंड घोषित हुआ है. जानिए AI ऑर्डर, मार्जिन और निवेशकों के लिए आगे के संकेत.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 24 फीसदी रहा और नकदी प्रवाह मजबूत बना

तिमाही में 9.5 अरब डॉलर की ऑर्डर बुक, कई बड़े AI प्रोजेक्ट

एंथ्रोपिक के साथ नई इकाई बनेगी, 50,000 कर्मचारियों को क्लॉड एक्सेस मिलेगा

भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली है और शेयरधारकों के लिए ₹12 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया गया है. ऐसे समय में ये नतीजे आए हैं जब पूरी आईटी इंडस्ट्री पर कमजोर डिमांड, बढ़ती लागत और AI के असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि TCS के नतीजों में क्या खास रहा और निवेशकों के लिए इसमें क्या संकेत छिपे हैं.

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मुनाफे में 5% की बढ़ोतरी

TCS का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 12,760 करोड़ रुपये था. यानी सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में करीब 5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

रेवेन्यू भी मजबूत रहा

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये हो गया. यह पिछले साल की तुलना में करीब 14 फीसदी ज्यादा है. वहीं पिछली तिमाही के मुकाबले भी रेवेन्यू में बढ़त देखने को मिली. इससे साफ है कि कंपनी का कारोबार लगातार आगे बढ़ रहा है.

निवेशकों को मिलेगा ₹12 प्रति शेयर डिविडेंड

TCS के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹12 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है. इसके लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय की गई है. यानी जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें इस डिविडेंड का फायदा मिलेगा.

मार्जिन और कैश फ्लो भी मजबूत

कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 24 फीसदी रहा, जबकि नेट मार्जिन 19.2 फीसदी दर्ज किया गया. वहीं ऑपरेशंस से कंपनी को 12,412 करोड़ रुपये का नेट कैश मिला, जो उसके नेट इनकम का करीब 93 फीसदी है. यह दिखाता है कि कंपनी का कैश फ्लो अभी भी मजबूत बना हुआ है.

AI बिजनेस लगातार बढ़ रहा है

इस तिमाही में TCS को कुल 9.5 अरब डॉलर का ऑर्डर बुक मिला. इसमें कई बड़े AI आधारित प्रोजेक्ट शामिल हैं. कंपनी का कहना है कि उसका AI बिजनेस अब सालाना आधार पर 2.6 अरब डॉलर की रन रेट तक पहुंच चुका है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 13.6 फीसदी ज्यादा है. कंपनी को इस दौरान AI, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, आईटी मॉडर्नाइजेशन, SaaS इम्प्लीमेंटेशन और ऑटोमेटेड बिजनेस सर्विसेज से जुड़े कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट भी मिले.

AI पर कंपनी का बड़ा दांव

TCS ने इस तिमाही में Anthropic और Mistral जैसी AI कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी भी की है. Anthropic के साथ साझेदारी के तहत कंपनी एक अलग AI बिजनेस यूनिट बनाएगी और अपने 50,000 कर्मचारियों को Claude AI प्लेटफॉर्म का एक्सेस देगी. वहीं Mistral के साथ समझौते के बाद TCS उसकी पहली ग्लोबल सिस्टम्स इंटीग्रेटर पार्टनर बन गई है.

CEO ने क्या कहा

कंपनी के CEO के. कृतिवासन ने कहा कि वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद कंपनी की ग्रोथ बनी हुई है. उनके मुताबिक अब दुनिया भर के ग्राहक AI, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड, प्लेटफॉर्म मॉडर्नाइजेशन और नई टेक्नोलॉजी पर पहले से ज्यादा निवेश कर रहे हैं. यही आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट करेगा.

कर्मचारियों की संख्या और वेतन बढ़ोतरी

जून 2026 के आखिर तक TCS में कुल 5,93,798 कर्मचारी थे. कंपनी ने इस तिमाही में सभी कर्मचारियों के लिए सालाना वेतन वृद्धि भी लागू की. साथ ही भारत के नए लेबर कोड के मुताबिक सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव किए गए. पिछले 12 महीनों में कंपनी का एट्रिशन रेट यानी नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 13.6 फीसदी रही.

किस सेक्टर में कैसी रही ग्रोथ

बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस यानी BFSI कारोबार में सालाना और तिमाही दोनों आधार पर बढ़त देखने को मिली. टेक्नोलॉजी और सर्विसेज सेगमेंट में भी सुधार रहा.हालांकि कंज्यूमर बिजनेस, लाइफ साइंसेज, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी से जुड़े कारोबार में कुछ कमजोरी देखने को मिली.

किस देश से सबसे ज्यादा ग्रोथ मिली

भौगोलिक आधार पर भारत TCS का सबसे मजबूत बाजार रहा. भारत में कंपनी का कारोबार सालाना आधार पर 22.9 फीसदी बढ़ा. वहीं तिमाही आधार पर भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई. दूसरी तरफ कंपनी के सबसे बड़े बाजार उत्तर अमेरिका में सालाना आधार पर हल्की बढ़त रही, जबकि तिमाही आधार पर कारोबार थोड़ा कमजोर रहा. यूरोप में भी कारोबार लगभग स्थिर बना रहा.

निवेशकों के लिए क्या संकेत

TCS के नतीजे बताते हैं कि आईटी सेक्टर के सामने चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं. बढ़ती सैलरी, AI की वजह से बदलता बिजनेस मॉडल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है. इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, रेवेन्यू मजबूत रहा है, ऑर्डर बुक अच्छी बनी हुई है और AI बिजनेस तेजी से आगे बढ़ रहा है. साथ ही कंपनी ने डिविडेंड भी घोषित किया है.

यानी फिलहाल TCS अपने मजबूत बिजनेस मॉडल और AI रणनीति के दम पर आईटी सेक्टर की चुनौतियों का सामना करती नजर आ रही है. आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि AI से मिलने वाले बड़े ऑर्डर कंपनी की कमाई को कितनी तेजी से आगे बढ़ाते हैं.