एक कंपनी का मौजूदा Order Book करीब ₹1,529 करोड़ हो और उसे लगभग उतने ही आकार का नया ऑर्डर मिल जाए, तो बाजार में हलचल होना स्वाभाविक है. कुछ ऐसा ही Tejas Networks के शेयर में देखने को मिला. BSNL के 4G नेटवर्क के लिए ₹1,537 करोड़ के Letter of Intent यानी LoI की खबर सामने आते ही शेयर में करीब 10 फीसदी तक की तेजी आई.
ADVERTISEMENT
लेकिन निवेशकों के लिए कहानी सिर्फ बड़े ऑर्डर और शेयर की तेजी तक सीमित नहीं है. कंपनी अभी घाटे में है और उस पर ₹4,000 करोड़ से ज्यादा का Net Debt भी है. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या यह ऑर्डर Tejas Networks की Growth Story को बदल सकता है या फिर शेयर की मौजूदा तेजी सिर्फ एक Short-Term Reaction है?
₹1,537 करोड़ का ऑर्डर क्यों है इतना बड़ा?
यह ऑर्डर TCS की तरफ से मिला है, जो BSNL के 4G Expansion Project में System Integrator की भूमिका निभा रही है. इस प्रोजेक्ट के तहत Tejas Networks को BSNL के 4G नेटवर्क के लिए RAN Equipment, Accessories और Installation Material की सप्लाई करनी है.
इसका इस्तेमाल करीब 18,685 BSNL Sites पर किया जाना है.
नए LoI की खास बातें:
- ऑर्डर वैल्यू: ₹1,537 करोड़.
- करीब 18,685 Sites के लिए Equipment Supply.
- BSNL के 4G Network Expansion से जुड़ा प्रोजेक्ट.
- ऑर्डर का आकार कंपनी के मौजूदा Order Book के लगभग बराबर.
हालांकि यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. यह अभी LoI है. Detailed Purchase Order जारी होना बाकी है. इसलिए ₹1,537 करोड़ को तुरंत कंपनी के Revenue में जोड़ना सही नहीं होगा.
BSNL पहले भी दे चुका है बड़ा बिजनेस
Tejas Networks के लिए BSNL कोई नया ग्राहक नहीं है. कंपनी पहले ही BSNL के Indigenous 4G Rollout का बड़ा हिस्सा रही है.
कंपनी को करीब 1 लाख BSNL Sites के लिए 4G RAN Equipment सप्लाई करने का लगभग ₹7,492 करोड़ का ऑर्डर मिला था. इस प्रोजेक्ट के आगे बढ़ने के साथ Tejas Networks के कारोबार को बड़ा सपोर्ट मिला.
अब नया ₹1,537 करोड़ का LoI ऐसे समय आया है, जब कंपनी को BSNL से जुड़े बिजनेस में एक और बड़ा Opportunity मिला है.
यानी बाजार इसे सिर्फ एक नए ऑर्डर के तौर पर नहीं देख रहा, बल्कि BSNL के साथ Tejas Networks के लंबे कारोबारी रिश्ते के अगले चरण के तौर पर भी देख रहा है.
Revenue बढ़ा, लेकिन Profit कहां है?
यहीं से कहानी थोड़ी पेचीदा हो जाती है.
June Quarter में Tejas Networks का Revenue करीब दोगुना होकर ₹402 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि में करीब ₹202 करोड़ था.
लेकिन इस Revenue Growth का असर Profit पर नहीं दिखा.
- Revenue: ₹402 करोड़.
- पिछले साल Revenue: ₹202 करोड़.
- Net Loss: ₹202 करोड़.
- पिछले साल Net Loss: करीब ₹194 करोड़.
यानी कारोबार बढ़ा, लेकिन कंपनी अभी भी नुकसान में है. निवेशकों के लिए असली सवाल यही है कि नए ऑर्डर्स Revenue बढ़ाने के साथ-साथ कंपनी की Profitability और Cash Flow को भी कब सुधारेंगे.
₹4,000 करोड़ से ज्यादा का Debt बना बड़ी चुनौती
Tejas Networks के सामने दूसरी बड़ी चुनौती उसका Debt है.
कंपनी का Gross Debt करीब ₹4,866 करोड़ है, जबकि Cash करीब ₹589 करोड़ है. इस हिसाब से Net Debt लगभग ₹4,277 करोड़ बैठता है.
यानी कंपनी के पास बड़ा Order Opportunity जरूर है, लेकिन उसे पूरा करने के लिए Working Capital, Execution और Cash Flow पर भी नजर रखनी होगी.
निवेशकों को अब तीन चीजों पर खास नजर रखनी चाहिए:
- Order Execution: LoI कितनी जल्दी Purchase Order और फिर Revenue में बदलता है.
- Profitability: Revenue बढ़ने के साथ Loss कितना कम होता है.
- Debt: कंपनी अपने कर्ज और Cash Flow को कैसे संभालती है.
सिर्फ BSNL पर निर्भर नहीं है कंपनी
Tejas Networks की कहानी सिर्फ BSNL के 4G Project तक सीमित नहीं है. कंपनी Telecom और Networking Equipment के कई सेगमेंट में काम करती है.
इसके कारोबार में 4G और 5G RAN Equipment, Optical Networking, Broadband Access, Switching और Routing Solutions शामिल हैं.
June Quarter में International 5G Radio Shipments के अलावा Domestic Optical और Fibre Products से भी कंपनी को Revenue मिला.
यानी अगर कंपनी अलग-अलग सेगमेंट में अपने कारोबार को बढ़ाने में सफल रहती है, तो BSNL के अलावा भी Growth के रास्ते खुल सकते हैं.
शेयर में आगे क्या?
₹1,537 करोड़ का LoI निश्चित तौर पर Tejas Networks के लिए एक बड़ा Business Trigger है. लेकिन सिर्फ ऑर्डर मिलने से शेयर की लंबी अवधि की कहानी तय नहीं होगी.
अगर Purchase Order समय पर आता है, Execution मजबूत रहता है, Revenue Profit में बदलता है और Debt का दबाव कम होता है, तो यह ऑर्डर कंपनी की Recovery Story के लिए बड़ा Turning Point बन सकता है.
लेकिन अगर Order Execution में देरी होती है, Loss जारी रहता है या Debt का दबाव बढ़ता है, तो मौजूदा तेजी टिकना मुश्किल भी हो सकता है.
इसलिए Tejas Networks की कहानी को सिर्फ ₹1,537 करोड़ के Jackpot के तौर पर देखना सही नहीं होगा. असली Jackpot तभी माना जाएगा, जब यह Order कंपनी की Balance Sheet और Profitability में भी दिखाई दे.
ADVERTISEMENT

