टाटा ग्रुपकी कंपनी टाइटन का शेयर बुधवार को करीब 3.8 फीसदी गिरकर 4,376 रुपये के आसपास आ गया. इससे पहले मंगलवार को शेयर 4,550 रुपये पर बंद हुआ था.कारोबार के दौरान शेयर 4,440 रुपये तक पहुंचा, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से यह 4,335 रुपये के स्तर तक भी फिसल गया. कंपनी के कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी के बावजूद शेयर में आई इस गिरावट से संकेत मिलता है कि निवेशक आने वाले समय की कमाई और कारोबार की रफ्तार को लेकर सावधानी बरत रहे हैं.
ADVERTISEMENT
शेयर क्यों गिरा?
बाजार सिर्फ यह नहीं देखता कि कंपनी का कारोबार कितना बढ़ा है, बल्कि ये भी देखता है कि बढ़ोतरी बाजार की उम्मीदों के मुताबिक रही या नहीं और आगे ये रफ्तार कितनी टिकाऊ है. टाइटन के मामले में सबसे बड़ी चिंता ज्वेलरी कारोबार को लेकर है. सितंबर तिमाही में ज्वेलरी कारोबार करीब 21 फीसदी बढ़ा, जबकि बाजार में करीब 25 फीसदी या उससे ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद थी. इसके अलावा तिमाही के आखिर में ज्वेलरी की मांग कुछ धीमी पड़ी, क्योंकि इस बार त्योहारों का बड़ा हिस्सा दिसंबर तिमाही में चला गया है. सोने की ऊंची कीमत भी ग्राहकों की खरीदारी पर असर डाल सकती है. वहीं, ज्वेलरी बाजार में बढ़ते मुकाबले के बीच टाइटन के लिए आने वाले समय में अपनी तेज बढ़ोतरी को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती होगी.
Q2 में कारोबार 25 फीसदी बढ़ा
सितंबर तिमाही में टाइटन का कंज्यूमर कारोबार सालाना आधार पर 25 फीसदी बढ़ा है. कंपनी के घरेलू कारोबार में सालाना आधार पर 22 फीसदी की बढ़ोतरी रही, जबकि इंटरनेशनल कारोबार करीब 97 फीसदी बढ़ा. कंपनी ने इस दौरान 78 नए स्टोर खोले. अब कंपनी के कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 3,758 हो गई.
नोमुरा को टाइटन पर भरोसा क्यों?
शेयर में गिरावट के बावजूद जापानी वित्तीय कंपनी नोमुरा ने टाइटन पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है. नोमुरा ने टाइटन के लिए 5,425 रुपये का लक्ष्य दिया है. ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में टाइटन की कुल बिक्री में करीब 19 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं ऑपरेटिंग प्रॉफिट करीब 23 फीसदी बढ़ सकता है. नोमुरा को वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2029 के बीच टाइटन की प्रति शेयर कमाई यानी EPS में औसतन करीब 22 फीसदी सालाना बढ़ोतरी की उम्मीद है. यानी नोमुरा का मानना है कि सोने की ऊंची कीमत और दूसरी चुनौतियों के बावजूद टाइटन की लंबी अवधि की विकास कहानी मजबूत बनी हुई है.
चुनौतियां क्या हैं?
नोमुरा ने सोने की ऊंची कीमत, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और पिछले साल की मजबूत बिक्री को बड़ी चुनौती बताया है. पिछले साल आभूषण कारोबार में पहले ही काफी अच्छी बढ़ोतरी हुई थी. ऐसे में इस साल उसी मजबूत स्तर के ऊपर दोबारा बड़ी बढ़ोतरी हासिल करना मुश्किल हो सकता है.इसी वजह से आने वाली तिमाहियों में टाइटन की बिक्री की रफ्तार पर निवेशकों की खास नजर रहेगी.
क्या करती है टाइटन?
टाइटन को सिर्फ घड़ियां बनाने वाली कंपनी समझना सही नहीं होगा. कंपनी का सबसे बड़ा कारोबार गोल्ड ज्वेलरी का है. तनिष्क, मिया, जोया और कैरेटलेन जैसे ब्रांड के जरिए कंपनी देश के ज्वेलरी बाजार में मजबूत मौजूदगी रखती है. इसके अलावा टाइटन घड़ियां, चश्मे और दूसरे कंज्यूमर उत्पादों के कारोबार में भी मौजूद है. कंपनी भारत के अलावा उत्तर अमेरिका और खाड़ी देशों समेत कई विदेशी बाजारों में भी अपना कारोबार बढ़ा रही है.
आगे क्या है उम्मीद?
टाइटन के लिए तस्वीर फिलहाल मिली-जुली है. एक तरफ कंपनी के कारोबार में 25 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी हुई है. ज्वेलरी, घड़ी और चश्मे के कारोबार में अच्छी मांग बनी हुई है और विदेशों में कारोबार तेजी से बढ़ रहा है.दूसरी तरफ सोने की ऊंची कीमत, बढ़ता मुकाबला और पिछले साल की मजबूत बिक्री आने वाले समय में कारोबार की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में टाइटन के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपनी तेज बढ़ोतरी को कितनी मजबूती से बनाए रखती है. फिलहाल नोमुरा को कंपनी की लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा है, लेकिन बाजार की नजर अब आने वाले तिमाही आंकड़ों पर रहेगी.
डिस्क्लेमर: ये केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है. इसमें दी गई राय, ब्रोकरेज रिपोर्ट और आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं. यह किसी भी शेयर में खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें.
ADVERTISEMENT

