TVS परिवार में संपत्ति की जंग, बेटे सुदर्शन को टीवीएस मोटर और बेटी लक्ष्मी को सुंदरम क्लेटन? जानिए क्या है पूरा विवाद

सौरभ दीक्षित

• 07:35 PM • 09 Oct 2026

TVS परिवार में संपत्ति और विरासत को लेकर विवाद की खबर सामने आई है. एक तरफ वेणु श्रीनिवासन और सुदर्शन वेणु हैं, तो दूसरी तरफ मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु. विवाद इस बात पर है कि क्या परिवार की संपत्ति का बंटवारा पहले ही हो चुका है या अभी अंतिम समझौता होना बाकी है. जानिए 2020 और 2024 के समझौतों को लेकर दोनों पक्षों के दावे, TVS Motor और Sundaram Clayton की बाजार कीमत में अंतर और कंपनी के बोर्डरूम तक पहुंचे इस विवाद की पूरी कहानी.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

टीवीएस परिवार इन दिनों संपत्ति और विरासत को लेकर चर्चा में है

मतभेद अब संभावित कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे

दोनों पक्षों के करीबी लोगों के दावे अलग-अलग हैं

भारत के बड़े कारोबारी घरानों में शामिल टीवीएस परिवार इन दिनों संपत्ति और विरासत को लेकर चर्चा में है. परिवार के भीतर करीब 18 महीने से चल रहे मतभेद अब संभावित कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं. विवाद का मुख्य सवाल यह है कि क्या परिवार की संपत्ति का बंटवारा पहले ही हो चुका है या अभी इस पर अंतिम सहमति बनना बाकी है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक तरफ टीवीएस मोटर कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुदर्शन वेणु और उनके पिता वेणु श्रीनिवासन हैं. दूसरी तरफ उद्योगपति मल्लिका श्रीनिवासन और उनकी बेटी लक्ष्मी वेणु हैं. दोनों पक्षों के करीबी लोगों के दावे इस बात पर अलग-अलग हैं कि परिवार के कारोबार और संपत्ति का बंटवारा किस तरह हुआ था.

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टीवीएस परिवार में कौन संभाल रहा है कौन-सा कारोबार?

सुदर्शन वेणु टीवीएस मोटर कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं. वह टीवीएस होल्डिंग्स के प्रबंध निदेशक भी हैं. टीवीएस मोटर कंपनी दोपहिया और तिपहिया वाहन बनाने वाली प्रमुख कंपनी है. वहीं, लक्ष्मी वेणु सुंदरम क्लेटन कंपनी की प्रबंध निदेशक हैं. यह कंपनी मोटर वाहनों के कलपुर्जे बनाने के कारोबार से जुड़ी है. लक्ष्मी मार्च 2025 से ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड की उपाध्यक्ष भी हैं. उनकी मां मल्लिका श्रीनिवासन इस कंपनी की अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं. यहीं से विवाद का एक अहम पहलू सामने आता है. किसी कंपनी को चलाने की जिम्मेदारी मिलने और उस कंपनी का मालिकाना हक मिलने में अंतर होता है. विवाद इसी बात को लेकर है कि क्या कारोबार की जिम्मेदारियां अगली पीढ़ी को सौंपने के साथ संपत्ति का बंटवारा भी तय हो गया था. इस विवाद के केंद्र में 21 मार्च 2024 को परिवार के चार सदस्यों के बीच हुआ एक समझौता है. इसे समझौता ज्ञापन कहा जाता है.

वेणु श्रीनिवासन और सुदर्शन के करीबी लोगों का दावा है कि इस समझौते का संबंध परिवार की संपत्ति के बंटवारे से था. दूसरी तरफ, मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी के करीबी लोगों का कहना है कि यह समझौता मुख्य रूप से कारोबार के नाम और पहचान के इस्तेमाल तथा एक-दूसरे के कारोबार से प्रतिस्पर्धा नहीं करने जैसी शर्तों से जुड़ा था. उनके मुताबिक, इसे संपत्ति के अंतिम बंटवारे का समझौता नहीं माना जा सकता.

अप्रैल 2025 में शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, सुदर्शन वेणु टीवीएस होल्डिंग्स में लाभकारी स्वामी बन गए थे. इसके बाद लक्ष्मी के पक्ष की ओर से इस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई. लाभकारी स्वामी का मतलब ऐसे व्यक्ति से है, जिसे किसी संपत्ति या हिस्सेदारी से वास्तविक आर्थिक लाभ या संबंधित अधिकार मिलते हैं. हालांकि, इसकी सटीक प्रकृति कंपनी की व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों पर निर्भर करती है.

2020 में भी हुआ था पारिवारिक समझौता

टीवीएस परिवार के कारोबार को अलग-अलग पारिवारिक शाखाओं के बीच व्यवस्थित करने के लिए 2020 में भी एक बड़ा समझौता हुआ था. 10 दिसंबर 2020 को औपचारिक रूप दिए गए इस समझौते का मकसद अलग-अलग शाखाओं की कारोबारी हिस्सेदारी और कंपनियों में निवेश की व्यवस्था को व्यवस्थित करना था. इस प्रक्रिया में वेणु श्रीनिवासन की पारिवारिक शाखा को समूह के प्रमुख वाहन और विनिर्माण कारोबार पर नियंत्रण मिला. कंपनियों के पुनर्गठन के बाद सुंदरम क्लेटन में हिस्सेदारी टीवीएस होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड में रखी गई.

इस समझौते के तहत वेणु श्रीनिवासन के परिवार पर दूसरी पारिवारिक शाखाओं को चुकाने के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये की देनदारियां भी थीं. फिलहाल टीवीएस होल्डिंग्स के पास टीवीएस मोटर कंपनी की 50.26 प्रतिशत हिस्सेदारी है. दूसरी तरफ, श्रीनिवासन परिवार अपने न्यास के जरिए सुंदरम क्लेटन में बहुमत हिस्सेदारी रखता है. वेणु और सुदर्शन के करीबी लोगों का कहना है कि 2020 के समझौते के बाद परिवार के भीतर यह समझ थी कि सुदर्शन को टीवीएस मोटर कंपनी, जबकि लक्ष्मी को सुंदरम क्लेटन और मल्लिका की ओर से ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड से जुड़ा कारोबार मिलेगा.

हालांकि, लक्ष्मी के करीबी लोग इस दावे से सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि कंपनियों के संचालन की जिम्मेदारी मिलने से परिवार की संपत्ति का अंतिम बंटवारा अपने आप साबित नहीं होता. उनके मुताबिक, दोनों भाई-बहन का परिवार की संपत्ति पर बराबर अधिकार है.

टीवीएस मोटर और सुंदरम क्लेटन की कीमत में बड़ा अंतर

इस विवाद में दोनों कंपनियों के बाजार मूल्य का अंतर भी महत्वपूर्ण है. गुरुवार को शेयर बाजार बंद होने के समय टीवीएस मोटर कंपनी का बाजार मूल्य करीब 1.83 लाख करोड़ रुपये था. वहीं, सुंदरम क्लेटन का बाजार मूल्य करीब 24,000 करोड़ रुपये था. पिछले तीन वर्षों में टीवीएस मोटर कंपनी का बाजार मूल्य करीब चार गुना बढ़ा है. किसी कंपनी का बाजार मूल्य उसके सभी शेयरों की शेयर बाजार में कुल कीमत को कहा जाता है. हालांकि, कंपनी का बाजार मूल्य और परिवार की कुल संपत्ति एक ही चीज नहीं हैं. बाजार मूल्य शेयरों की कीमत के आधार पर बदलता रहता है.

वेणु और सुदर्शन के करीबी लोगों का दावा है कि 2020 के समझौते के तहत तय देनदारियों का पूरा भुगतान कर दिया गया था. उनके मुताबिक, वेणु और सुदर्शन ने टीवीएस मोटर कंपनी की करीब 7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर भुगतान के लिए रकम जुटाई थी. उनका यह भी दावा है कि मल्लिका और लक्ष्मी ने इस भुगतान में योगदान नहीं दिया. दूसरी तरफ, लक्ष्मी के करीबी लोगों का कहना है कि परिवार की संपत्ति का अंतिम आर्थिक बंटवारा नहीं हुआ था. इसलिए वे पहले हुए समझौतों को भाई-बहन के बीच संपत्ति का अंतिम बंटवारा नहीं मानते.

इस विवाद में ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड की भूमिका भी अहम है. वेणु और सुदर्शन के करीबी लोगों का दावा है कि मल्लिका श्रीनिवासन ने निजी तौर पर इस कंपनी समेत अपने कारोबार में हिस्सेदारी लक्ष्मी को देने के संकेत दिए थे. हालांकि, मल्लिका के करीबी लोगों ने इस दावे का खंडन किया है.

दोनों पक्षों के बीच इस बात पर भी मतभेद है कि वेणु श्रीनिवासन को परिवार की संपत्ति के बारे में किस हद तक फैसला लेने का अधिकार है. वेणु के पक्ष के लोगों का कहना है कि वह अपनी निजी संपत्ति के बारे में निर्णय ले सकते हैं. वहीं, मल्लिका के करीबी लोगों का कहना है कि परिवार की संपत्ति को केवल एक व्यक्ति की निजी संपत्ति मानकर उसका फैसला नहीं किया जा सकता.

सुंदरम क्लेटन के निदेशक मंडल तक पहुंचा विवाद

टीवीएस परिवार के बीच तनाव का असर कंपनी के कामकाज पर भी दिखाई दिया है. मार्च के आखिर में सुंदरम क्लेटन के कंपनी सचिव के इस्तीफे को स्वीकार करने का फैसला तीन दिन के भीतर पलट दिया गया और फिर उन्हें दोबारा नियुक्त किया गया. इसी दौरान कंपनी के मानद अध्यक्ष वेणु श्रीनिवासन ने सेवानिवृत्त नौकरशाह आर. गोपालन की जगह अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली. इस घटनाक्रम के बाद कंपनी के प्रशासन और फैसले लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठे.

इकोनॉमिक टाइम्स ने अप्रैल में रिपोर्ट किया था कि वेणु और लक्ष्मी के बीच तनाव कंपनी के निदेशक मंडल तक पहुंच गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मी कारोबार पर ध्यान दे रही थीं, जबकि वेणु ने कंपनी के प्रशासन में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी थी. फिलहाल टीवीएस परिवार की ओर से इस विवाद पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की गई है. दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं. ऐसे में यह साफ होना बाकी है कि पहले हुए समझौतों का परिवार की संपत्ति के बंटवारे पर क्या असर पड़ता है और क्या इस विवाद का समाधान बातचीत से निकल पाएगा या मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंचेगा.