TVS Success Story: एक छोटी बस सर्विस से कैसे खड़ा हुआ TVS का अरबों का साम्राज्य?

चिराग ठाकुर

• 05:45 PM • 10 Oct 2026

TVS की शुरुआत 1911 में हुई थी. जानिए टी. वी. सुंदरम अयंगर ने बस सर्विस से कारोबार शुरू करके कैसे TVS समूह की नींव रखी, TVS 50 मोपेड ने कंपनी को कैसे पहचान दिलाई और परिवार में मौजूदा उत्तराधिकार विवाद क्या है.

NewsTak
Google CTA
▌

न्यूज़ हाइलाइट्स

1911 में कारोबार की नींव, 1912 में बस सर्विस की शुरुआत.

चुंबक वाली बसों से लेकर TVS 50 मोपेड और वैश्विक विस्तार तक का सफर.

TVS परिवार में उत्तराधिकार और 2024 के समझौते को लेकर मतभेद.

आज TVS का नाम आते ही बाइक, स्कूटर और ऑटोमोबाइल कारोबार की तस्वीर सामने आती है. लेकिन इस बड़े कारोबारी सफर की शुरुआत दोपहिया वाहनों से नहीं, बल्कि बस सर्विस से हुई थी. टी. वी. सुंदरम अयंगर ने 1911 में मदुरै, तमिलनाडु में कारोबार की नींव रखी और 1912 में ग्रामीण इलाकों में बस सर्विस शुरू की. उनकी कारोबारी सोच का जोर सिर्फ कमाई पर नहीं, बल्कि ग्राहकों की जरूरतों को समझने और उनकी परेशानियां दूर करने पर भी था.

Read more!

बसों के टायर पंचर होने से निकाला अनोखा हल

उस दौर में सड़कों पर घोड़ागाड़ियों और बैलगाड़ियों से गिरी कीलें और लोहे के टुकड़े बसों के टायर पंचर होने की वजह बनते थे. इससे बसों के परिचालन में देरी होती थी. सुंदरम अयंगर ने इस समस्या को दूर करने के लिए बसों के नीचे बड़े चुंबक लगवाए, ताकि सड़क पर पड़े लोहे के टुकड़े खिंचकर इकट्ठा हो सकें और टायर पंचर होने की समस्या कम हो.

कारोबार बढ़ाने के लिए उन्होंने ग्राहकों तक पहुंचने के नए तरीके भी अपनाए. 1929 में TVS को जनरल मोटर्स की डीलरशिप मिली. उस समय कार खरीदना बड़ी बात थी. संभावित ग्राहकों को कार इस्तेमाल करके देखने का मौका देना कंपनी की बिक्री रणनीति का हिस्सा बना. इससे ग्राहकों को खरीदारी से पहले गाड़ी को समझने का अवसर मिलता था.

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पेट्रोल की कमी ने कारोबार के सामने नई चुनौती खड़ी की. ऐसे में 1943 में चारकोल गैस से चलने वाला प्लांट तैयार किया गया. यह उस दौर की परिस्थितियों के हिसाब से कारोबार को ढालने की कोशिश थी.

बसों से फाइनेंस और ऑटोमोबाइल तक कैसे बढ़ा कारोबार?

समय के साथ अगली पीढ़ी ने कारोबार का दायरा बढ़ाया. TVS समूह ने परिवहन से आगे बढ़कर फाइनेंस, ऑटो पार्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में कदम रखा.

इस विस्तार के कुछ अहम पड़ाव रहे:

  • 1954: Sundaram Finance की शुरुआत.

  • 1960: Wheels India की स्थापना.

  • 1979: TVS 50 मोपेड लॉन्च हुई, जिसने कंपनी को आम लोगों के बीच पहचान दिलाई.

TVS 50 छोटे कारोबारियों और परिवारों के लिए उपयोगी दोपहिया वाहन के रूप में लोकप्रिय हुई. इसके बाद TVS ने जापानी कंपनी Suzuki के साथ साझेदारी की और AX 100 तथा Shogun जैसी बाइक्स बाजार में आईं. 2001 में साझेदारी खत्म होने के बाद कंपनी ने अपने दम पर दोपहिया कारोबार को आगे बढ़ाया.

बाद के वर्षों में TVS Apache जैसे मॉडल आए. कंपनी ने Norton Motorcycles का अधिग्रहण किया और BMW Motorrad के साथ भी साझेदारी की. इस तरह TVS का कारोबार भारतीय बाजार से आगे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा.

TVS परिवार में अब किस बात पर विवाद है?

कारोबार की इस विरासत के बीच अब परिवार के भीतर उत्तराधिकार और संपत्तियों को लेकर मतभेद की खबरें सामने आई हैं. 2020 में परिवार ने समूह की कंपनियों में दशकों से चली आ रही क्रॉस-होल्डिंग्स को सुलझाने की दिशा में समझौता किया था.

लेकिन अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, विवाद की एक अहम वजह 2024 का फैमिली मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) है. परिवार के एक पक्ष की व्याख्या में यह संपत्तियों के बंटवारे से जुड़ा समझौता है, जबकि मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु का पक्ष इसे ब्रांड और प्रबंधन से जुड़े अधिकारों तक सीमित मानता है. इस मतभेद का अंतिम नतीजा अभी स्पष्ट नहीं है.

टी. वी. सुंदरम अयंगर की कहानी दिखाती है कि कारोबार को आगे बढ़ाने में सिर्फ बड़ा विचार ही नहीं, बल्कि ग्राहक की समस्या समझना, व्यावहारिक समाधान खोजना और बदलते समय के साथ खुद को ढालना भी अहम होता है. एक बस सर्विस से शुरू हुआ TVS का सफर इसी सोच के साथ कई कारोबारों तक पहुंचा.