Union Budget 2026: बजट में इनकम टैक्स में क्या-क्या बदलाव हुए हैं, डिटेल में जानें

Union Budget 2026: पिछले साल नए टैक्स रिजीम के तहत 87ए रिबेट के साथ 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री किया गया था. इसलिए इस बार भी टैक्स स्लैब, बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट, स्टैंडर्ड डिडक्शन, होम लोन, हेल्थ इंश्योरेंस और शिक्षा से जुड़े खर्चों पर मिलने वाले टैक्स लाभ को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

न्यूज तक डेस्क

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Income Tax Form Changes: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करना शुरू कर दिया है और इस बार भी सबसे ज्यादा चर्चा इनकम टैक्स को लेकर हो रही है. खासकर नौकरीपेशा और मिडिल क्लास लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि बजट के बाद उनकी जेब पर कितना असर पड़ेगा- टैक्स बढ़ेगा या राहत मिलेगी.

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पिछले साल नए टैक्स रिजीम के तहत 87ए रिबेट के साथ 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री किया गया था. इसलिए इस बार भी टैक्स स्लैब, बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट, स्टैंडर्ड डिडक्शन, होम लोन, हेल्थ इंश्योरेंस और शिक्षा से जुड़े खर्चों पर मिलने वाले टैक्स लाभ को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है.

पुरानी बनाम नई टैक्स व्यवस्था

पुरानी टैक्स व्यवस्था में 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता, जबकि 87ए रिबेट के साथ 5 लाख रुपये तक की कमाई टैक्स फ्री रहती है. वहीं नई टैक्स व्यवस्था में बेसिक छूट 4 लाख रुपये तक है और रिबेट के बाद 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं देना पड़ता. यही वजह है कि करीब 90 प्रतिशत टैक्सपेयर्स अब नई टैक्स व्यवस्था को अपना चुके हैं.

बजट में इनकम टैक्स से जुड़े बड़े ऐलान

  • 1 अप्रैल 2026 से नया टैक्स सिस्टम लागू: नए नियमों के तहत इनकम टैक्स रिटर्न भरना पहले से आसान बनाने की तैयारी है.
  • छोटे टैक्सपेयर्स के लिए योजना: सरकार स्मॉल टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए नई स्कीम लाने की बात कर रही है.
  • क्लाउड सर्विस कंपनियों को टैक्स हॉलिडे: ऐसी कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है. 
  • कोर टैक्स डिमांड में राहत: इसकी सीमा 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का ऐलान किया गया है.
  • पेनाल्टी की जगह फीस: अकाउंट ऑडिट या फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन रिपोर्ट समय पर न देने पर लगने वाली पेनाल्टी को फीस में बदलने का प्रस्ताव है.
  • नॉन-ऑडिट ट्रस्ट के लिए डेडलाइन बढ़ सकती है: इनके लिए आखिरी तारीख 31 अगस्त करने पर विचार किया जा रहा है.
  • आईटीआर फाइलिंग की समयसीमा: ITR-1 और ITR-2 भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई रखने पर विचार चल रहा है.
  • ओवरसीज टूर पैकेज पर राहत: विदेश यात्रा पैकेज पर लगने वाले टीसीएस रेट को कम करने की योजना है.

बजट 2026 में टैक्स सिस्टम को आसान बनाने और छोटे टैक्सपेयर्स को राहत देने पर जोर दिखाई दे रहा है. हालांकि असली फायदा किसे और कितना मिलेगा के कुछ देर में साफ हो पाएगा.

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