UPI पर अब लगेगी फीस : ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर क्या बदलेगा, PhonePe-Google Pay को कितना फायदा? पूरी डिटेल

सौरभ दीक्षित

• 03:26 PM • 23 Sep 2026

15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ऊपर के कुछ यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर एमडीआर शुल्क लागू हो सकता है. जानिए इससे दुकानदारों, बड़े ऐप्स और छोटे खिलाड़ियों पर क्या असर पड़ेगा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

नया शुल्क कुछ कारोबारी भुगतानों पर होगा, आम ग्राहक पर नहीं

2,000 रुपये से ऊपर के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत तक शुल्क संभव

विश्लेषकों के मुताबिक ऐप कंपनियों के लिए बड़ा कमाई पूल बन सकता

सोचिए, आप रोज की तरह दुकान पर गए. सामान खरीदा, QR Code निकाला और UPI से पेमेंट कर दिया. अब तक UPI से पेमेंट करना लगभग मुफ्त था. लेकिन अब इसी UPI सिस्टम में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है.

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15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI Merchant Payments पर फीस लगने की व्यवस्था शुरू होगी. इस फीस को Merchant Discount Rate यानी MDR कहा जाता है.

इस बदलाव में सबसे ज्यादा चर्चा दो कंपनियों की हो रही है - PhonePe और Google Pay. वजह यह है कि UPI के जरिए होने वाले पेमेंट की रकम में इन दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 80% है.

यानी सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि UPI पर फीस लगेगी या नहीं. बड़ा सवाल यह है कि इस बदलाव से PhonePe और Google Pay जैसे बड़े खिलाड़ियों को कितना फायदा होगा और छोटे UPI Apps के लिए आगे की राह कितनी मुश्किल हो सकती है.

पहले समझिए नया नियम क्या है

UPI आज भारत में 500 million यानी 50 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. चाय की दुकान से लेकर बड़े मॉल और iPhone खरीदने तक, लोग UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं.

करीब 6 साल तक UPI नेटवर्क पर पेमेंट का इस्तेमाल बिना Merchant Fee के होता रहा. UPI की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे कई वजहें थीं.

2016 की Demonetisation यानी नोटबंदी के दौरान कैश की कमी, फिर COVID-19 के दौरान Digital Payments की बढ़ती जरूरत और कंपनियों की तरफ से दिए गए Customer Incentives ने UPI को तेजी से आगे बढ़ाया.

लेकिन अब सिस्टम बदल रहा है.

15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के Merchant Transactions पर 0.4% तक MDR लगाया जा सकेगा.

उदाहरण के लिए, अगर कोई Merchant UPI के जरिए 10,000 रुपये का पेमेंट लेता है, तो 0.4% के हिसाब से फीस 40 रुपये होगी.

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर UPI Payment पर ग्राहक से सीधे फीस वसूली जाएगी.

PhonePe और Google Pay को कितना फायदा हो सकता है

Brokerage firm Bernstein का अनुमान है कि इस नई फीस से मार्च 2028 तक Payment Apps के लिए सालाना करीब 1.1 billion dollar यानी लगभग 9,000 करोड़ रुपये तक का Revenue Pool बन सकता है.

अगर UPI में PhonePe और Google Pay की करीब 80% हिस्सेदारी को आधार माना जाए, तो इस अतिरिक्त Revenue में इन दोनों की हिस्सेदारी करीब 900 million dollar यानी करीब 7,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है.

यानी जिस UPI सिस्टम पर अब तक कमाई करना मुश्किल था, वहां बड़े Apps के लिए कमाई का एक नया रास्ता खुल सकता है.

PhonePe के Co-founder Rahul Chari ने भी कहा है कि MDR लागू होने से कंपनी को UPI चलाने की बड़ी Operational Costs और Liabilities को संभालने में मदद मिलेगी.

इस अतिरिक्त कमाई का इस्तेमाल कहां हो सकता है

अब सवाल है कि इस नए Revenue का इस्तेमाल कंपनियां कहां करेंगी.

Industry में चर्चा है कि PhonePe और Google Pay छोटे शहरों और Rural India में ज्यादा तेजी से विस्तार कर सकते हैं.

गांव और छोटे शहरों में UPI Transactions की संख्या बड़े शहरों से अलग हो सकती है, लेकिन Digital Payments से मिलने वाला Transaction Data आगे चलकर दूसरे Financial Products बेचने में काम आ सकता है.

मसलन Loans, Credit और दूसरे Financial Services.

यानी एक छोटा UPI Payment आगे चलकर किसी ग्राहक के लिए दूसरे Financial Product की बिक्री का रास्ता बन सकता है.

छोटे UPI Apps के सामने बढ़ेगा Competition

अब जरा दूसरी तरफ देखिए.

अगर PhonePe और Google Pay को UPI से ज्यादा Revenue मिलने लगता है, तो उनके पास Marketing, Technology और Rural Expansion पर खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा होगा.

इससे छोटे Players के सामने Competition और बढ़ सकता है.

इसी वजह से छोटे UPI Apps ज्यादा Value वाले Transactions पर फोकस कर सकते हैं.

जैसे Flight और Train Ticket Booking, Business Payments, Utility Bills और Online Commerce.

यानी छोटे Players के लिए बड़ी चुनौती यह होगी कि वे सिर्फ छोटे रोजमर्रा के UPI Payments पर निर्भर रहने के बजाय ज्यादा Revenue वाले Segments में अपनी जगह बनाएं.

क्या UPI में बड़े Apps का दबदबा और बढ़ेगा

यहीं से एक बड़ा Regulatory सवाल भी खड़ा होता है.

UPI का संचालन NPCI यानी National Payments Corporation of India करता है.

UPI में किसी एक App का Market Share बहुत ज्यादा न हो, इसके लिए 30% Market Share Cap लगाने पर लंबे समय से चर्चा होती रही है. लेकिन इस पर फैसला दो बार टाला जा चुका है.

अब MDR से PhonePe और Google Pay के पास ज्यादा Revenue आने की संभावना है.

इससे यह सवाल फिर उठ सकता है कि UPI Ecosystem में बड़े Apps की स्थिति और मजबूत होगी या छोटे Players भी इसका फायदा उठाकर अपनी हिस्सेदारी बढ़ा पाएंगे.

UPI के बाद अब आगे क्या बदलेगा

UPI भारत के Digital Payments Ecosystem का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है. आज करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल रोजमर्रा के छोटे-बड़े पेमेंट के लिए करते हैं.

अब 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ Merchant Transactions पर MDR की व्यवस्था शुरू होने से UPI का Business Model बदलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

एक तरफ Payment Apps के लिए नया Revenue Source तैयार होगा. PhonePe और Google Pay जैसे बड़े Players के पास अपने Network को और बढ़ाने के लिए ज्यादा Resources हो सकते हैं.

दूसरी तरफ छोटे Payment Apps को ज्यादा Value वाले Transactions, Bills, Ticket Booking, Business Payments और Online Commerce जैसे क्षेत्रों में अपनी जगह बनाने की जरूरत पड़ सकती है.

दुकानदारों के लिए भी यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि Merchant Fee का सवाल सीधे उनके Payment Costs से जुड़ा है.

कुल मिलाकर जिस UPI को हमने सालों तक लगभग मुफ्त Digital Payment System के तौर पर देखा, अब उसकी कमाई का मॉडल बदल रहा है.

इस बदलाव का असर सिर्फ PhonePe, Google Pay या छोटे Payment Apps पर नहीं, बल्कि Merchants और आने वाले समय में पूरे Digital Payments Ecosystem पर पड़ सकता है.