₹2000 से ऊपर वाले UPI पेमेंट पर MDR क्यों? 4% Transactions में घूमता है 67% पैसा, समझिए पूरा गणित

ललित यादव

18 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 18 2026 12:31 PM)

15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के कुछ Merchant UPI Payments पर 0.4% MDR लागू होगा. ₹2,000 तक के Eligible Payments और सामान्य Person-to-Person ट्रांजैक्शन पर चार्ज नहीं लगेगा. अनुमान है कि इससे सालाना करीब ₹15,000 करोड़ का Revenue बनेगा. यह पैसा Banks, Payment Apps और Service Providers के बीच बांटा जाएगा.

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UPI से पेमेंट करने वालों के लिए 15 अक्टूबर 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब ₹2,000 से ज्यादा के कुछ Merchant Payments पर 0.4% MDR यानी Merchant Discount Rate लगेगा. सीधे शब्दों में समझें तो अगर आप किसी दुकान, कारोबारी या सर्विस प्रोवाइडर को UPI से ₹2,000 से ज्यादा का पेमेंट करते हैं, तो उस पेमेंट पर MDR लागू होगा. हालांकि यह चार्ज हर UPI Payment पर नहीं लगेगा.

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₹2,000 तक के Eligible Merchant Payments पर MDR नहीं लगेगा. वहीं एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले सामान्य UPI पेमेंट पर भी यह चार्ज लागू नहीं होगा.

सबसे पहले समझिए MDR क्या है?

MDR का पूरा नाम Merchant Discount Rate है. इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए. जब कोई Customer UPI के जरिए किसी Merchant को पेमेंट करता है, तो उस पेमेंट को Process करने के पीछे Bank, Payment App और Payment Service Provider का पूरा सिस्टम काम करता है.

अब नए सिस्टम में ₹2,000 से ज्यादा के Eligible Merchant Payment पर 0.4% तक MDR लगेगा. यह चार्ज Merchant से जुड़ा होगा. यानी Customer के UPI पेमेंट के ऊपर सीधे अलग से MDR जोड़ने की व्यवस्था नहीं है.

₹15,000 करोड़ की कमाई का अनुमान

अब इस पूरे फैसले में सबसे ज्यादा चर्चा ₹15,000 करोड़ की हो रही है. द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में Payment Sector से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि नए MDR System से करीब ₹15,000 करोड़ की सालाना कमाई का अनुमान है. यह पैसा सीधे सरकार की कमाई का हिस्सा नहीं है.

यह रकम Bank, Payment App और Payment Service Providers के बीच बांटी जाएगी. यानी UPI का पूरा सिस्टम चलाने वाली अलग-अलग कंपनियों और संस्थाओं को इससे Revenue मिलेगा.

₹2000 तक UPI Payment रहेगा फ्री

नए सिस्टम में ₹2,000 तक के Eligible Person-to-Merchant यानी P2M Payment पर MDR नहीं लगेगा. P2M का मतलब बहुत आसान है. जब आप किसी दुकान या Business को UPI से पेमेंट करते हैं, तो वह P2M Payment होता है.

इसके अलावा Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले सामान्य UPI Payment पर यह MDR नहीं लगेगा. RuPay Debit Card के Eligible Transactions के लिए भी Zero-MDR की व्यवस्था जारी रहेगी.

UPI Apps कोई Hidden Charge नहीं ले सकते

सरकार ने UPI Apps को लेकर भी एक बात साफ की है. Finance Ministry ने कहा है कि UPI Apps को Customer से कोई Platform Fee या Hidden Charge नहीं लेना चाहिए. हालांकि यहां एक जरूरी बात है. यह सरकार की Advice है. इसे ऐसा नया कानून नहीं कहा जा सकता, जिसके तहत हर मामले में सीधे Legal Action की बात हो.

Customer से MDR लेने पर सरकार की क्या Advice है?

सरकार ने Banks को सलाह दी है कि Merchant यानी दुकानदार MDR का बोझ Customer पर न डालें. मतलब अगर आपने किसी दुकान पर ₹5,000 का UPI Payment किया है, तो दुकानदार सिर्फ UPI इस्तेमाल करने के नाम पर आपसे अलग से MDR नहीं मांगना चाहिए.

हालांकि सरकार की तरफ से यह Advice है. इसलिए Ground Level पर इसे कैसे लागू किया जाता है, यह 15 अक्टूबर के बाद ज्यादा साफ होगा.

UPI पर पहले भी लगता था MDR

UPI पर MDR पहली बार नहीं लगाया जा रहा है. साल 2020 में भी UPI Merchant Payments पर MDR लगता था. जनवरी 2020 में यह MDR अधिकतम 0.30% तक था. इसके बाद Digital Payments को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने Payment and Settlement Systems Act, 2007 और Income Tax Act, 1961 में बदलाव किया.

इसके बाद UPI Merchant Payments के लिए MDR को Zero कर दिया गया. यानी 2020 के बाद से UPI Merchant Payments पर MDR नहीं लिया जा रहा था.

MDR खत्म होने के बाद Banks को मिला Incentive

MDR खत्म होने के बाद Banks और Payment Industry की तरफ से UPI System को चलाने की Cost को लेकर चिंता जताई जाती रही. इसके बाद सरकार ने Banks के लिए Incentive Scheme शुरू की.

इसका मकसद छोटे Merchants के Low-Value UPI Payments को बढ़ावा देना था. आंकड़ों के मुताबिक Financial Year 2022 से 2025 के बीच Banks को कुल ₹8,730 करोड़ का Payment किया गया. 2024-25 के लिए सरकार ने ₹1,500 करोड़ की Incentive Scheme को भी मंजूरी दी थी.

जून 2025 में सरकार ने MDR की खबरों को बताया था गलत

इस पूरे मामले में एक और दिलचस्प बात है. जून 2025 में UPI पर MDR लगाए जाने की खबरें सामने आई थीं. उस समय Finance Ministry ने Social Media पर इन खबरों को गलत और भ्रामक बताया था. सरकार ने कहा था कि UPI को Promote करने की Policy जारी रहेगी. लेकिन अब करीब एक साल बाद सिस्टम में बदलाव किया जा रहा है. 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के Eligible Merchant UPI Payments पर 0.4% MDR लागू होगा.

अगस्त में UPI से हुए 2,450 करोड़ से ज्यादा Transactions

UPI का इस्तेमाल देश में तेजी से बढ़ा है. इसका अंदाजा अगस्त 2026 के आंकड़ों से लगाया जा सकता है. NPCI के मुताबिक, अगस्त में UPI के जरिए करीब 2,450.9 करोड़ पेमेंट हुए. इन सभी पेमेंट में कुल ₹29.82 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ. यानी सिर्फ एक महीने में लोगों ने UPI से करीब ₹30 लाख करोड़ का पेमेंट किया.

4% Transactions लेकिन 67% Value

अब नए MDR चार्ज को समझने के लिए यह आंकड़ा और भी जरूरी है. ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट की संख्या कुल पेमेंट का करीब 4% है. यानी 100 UPI पेमेंट में करीब 4 पेमेंट ही ऐसे हैं, जिनकी रकम ₹2,000 से ज्यादा है. लेकिन इन 4 पेमेंट में बड़ी रकम शामिल होती है. इसलिए पैसों के हिसाब से इनका हिस्सा करीब 67% है.

इसे एक आसान उदाहरण से समझिए

100 UPI पेमेंट हुए. इनमें करीब 4 पेमेंट ₹2,000 से ज्यादा के हैं. संख्या कम होने के बावजूद इन 4 पेमेंट में घूमने वाला पैसा कुल पेमेंट की रकम का करीब 67% है. यही वजह है कि ₹2,000 से ज्यादा वाले पेमेंट पर MDR लगाने से करीब ₹15,000 करोड़ की कमाई का अनुमान लगाया जा रहा है.

नए MDR System को लेकर क्या Concerns हैं?

UPI पर MDR चार्ज लगाने के फैसले को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं. इसको लेकर तीन बड़ी बातें कही जा रही हैं.

1. UPI पेमेंट कम हो सकते हैं

UPI आज रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. लोग छोटी से लेकर बड़ी खरीदारी तक UPI से पेमेंट करते हैं. अब ₹2,000 से ज्यादा के कुछ पेमेंट पर चार्ज लगेगा. ऐसे में डर है कि दुकानदार और कुछ कस्टमर UPI की जगह कैश से पेमेंट करना शुरू कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो Digital Payment की रफ्तार पर असर पड़ सकता है.

2. आगे दूसरे UPI पेमेंट पर भी चार्ज लग सकता है?

दूसरा सवाल यह है कि अभी ₹2,000 से ज्यादा के कुछ पेमेंट पर MDR लगाया जा रहा है. तो क्या आगे UPI के दूसरे पेमेंट पर भी चार्ज बढ़ाया जा सकता है?
इसी बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि UPI के चार्ज में इतने बड़े बदलाव कैसे किए जा रहे हैं और इसमें Parliament की भूमिका क्या होनी चाहिए.

3. कहीं दुकानदार कस्टमर से कैश न मांगने लगें

तीसरा सवाल दुकानदारों को लेकर है. सरकार ने कहा है कि MDR का पैसा कस्टमर से नहीं लेना चाहिए. लेकिन छोटे दुकानदारों के लिए 0.4% का चार्ज भी एक्स्ट्रा खर्च है. ऐसे में कुछ दुकानदार UPI लेने के बजाय कस्टमर से कैश मांग सकते हैं. कुछ दुकानदार इस खर्च को सामान या सर्विस की कीमत में भी जोड़ सकते हैं. हालांकि अभी यह सिर्फ एक आशंका है. 15 अक्टूबर से नियम लागू होने के बाद ही पता चलेगा कि इसका असली असर कस्टमर और दुकानदारों पर कितना पड़ता है.

15 अक्टूबर के बाद क्या बदलेगा?

15 अक्टूबर से नया MDR System लागू होने के बाद इसका असली असर सामने आएगा. देखना होगा कि Merchants इस Extra Cost को कैसे Handle करते हैं. साथ ही यह भी देखना होगा कि क्या Customer से किसी तरह का Extra Charge मांगा जाता है और क्या इससे Cash Payments बढ़ते हैं.

UPI के इतने बड़े User Base को देखते हुए यह बदलाव Digital Payment Industry के लिए काफी अहम है.