Iran War: ईरान के साथ युद्ध जीतते ही क्रैश होंगी तेल-गैस की कीमतें? ट्रंप की बड़ी भविष्यवाणी, जानें क्या है पूरा मामला

सौरभ दीक्षित

• 05:56 PM • 08 Sep 2026

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 97 डॉलर के पार है और महंगाई का जोखिम बढ़ा है. ट्रंप का दावा है कि युद्ध के बाद तेल और गैस के दाम तेजी से नीचे आ सकते हैं.

NewsTak
Google CTA

न्यूज़ हाइलाइट्स

मिडिल ईस्ट तनाव से कच्चे तेल और गैस के दाम लगातार चढ़े

ब्रेंट क्रूड 97 डॉलर के पार गया, महंगाई का जोखिम बढ़ा

ट्रंप ने दावा किया, युद्ध जीतने पर बाजार फिर स्थिर होंगे

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर साफ दिखाई दे रहा है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी बनी हुई है. Brent Crude Price 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे दुनियाभर में महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है.

Read more!

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल और गैस की कीमतों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है. ट्रंप का कहना है कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका की जीत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी और गैस की कीमतें भी तेजी से नीचे आ सकती हैं.

ट्रंप ने तेल की कीमतों को लेकर क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए तेल और गैस की बढ़ती कीमतों पर अपनी राय रखी. उन्होंने मौजूदा एनर्जी प्राइस हाइक को मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष से जोड़ा.

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका की जीत के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी और बाजार में स्थिरता लौटेगी.

उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ युद्ध जीतने के बाद तेल की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी. साथ ही उन्होंने अमेरिकी गैस की कीमतों को लेकर भी बड़ा दावा किया. ट्रंप के मुताबिक, गैस की कीमतें पहले 3 डॉलर प्रति गैलन तक आ सकती हैं और बाद में 2 डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे जा सकती हैं.

ट्रंप ने यह भी कहा कि यह सब जल्द होगा. उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

US-Iran तनाव के बीच बढ़ी एनर्जी मार्केट की टेंशन

ट्रंप की यह भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ ईरानी अधिकारियों ने अपने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी संभावित हमले को लेकर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

मिडिल ईस्ट दुनिया के लिए बेहद अहम एनर्जी सप्लाई क्षेत्र है. ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर आशंकाएं बढ़ जाती हैं. यही वजह है कि युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े हर नए अपडेट पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज हलचल देखने को मिल रही है.

ईरान ने क्यों बढ़ाई गैस की कीमत?

एक तरफ ट्रंप भविष्य में तेल और गैस की कीमतों में भारी गिरावट की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अपने बड़े गैस खरीदारों के लिए कीमतों में बढ़ोतरी की है.

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के साथ महीनों से चल रहे युद्ध के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट के बीच ईरान की ओर से गैस की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है.

ईरान के इस फैसले के बाद उन खरीदारों को ज्यादा कीमत चुकानी होगी, जो अपने 110 लीटर यानी करीब 29 गैलन के मासिक कोटे से ज्यादा ईंधन खरीदते हैं.

बताया जा रहा है कि ऐसे खरीदारों के लिए कीमत बढ़ाकर 100,000 रियाल प्रति लीटर कर दी गई है. यह कीमत दिसंबर से लागू कीमत की तुलना में करीब दोगुनी है.

कच्चे तेल की कीमतों में कितना उबाल?

खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई थी. Brent Crude करीब 97.55 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.

वहीं WTI Crude करीब 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था.

इसके अलावा Murban Crude में भी तेज उछाल देखने को मिला. यह करीब 3.40 फीसदी की तेजी के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था.

यानी फिलहाल ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर दिखाई दे रहा है.

तेल महंगा हुआ तो दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर सिर्फ पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं रहता. महंगा कच्चा तेल ट्रांसपोर्टेशन से लेकर इंडस्ट्री और कई दूसरी चीजों की लागत को बढ़ा सकता है.

अगर तेल लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है, तो दुनियाभर में महंगाई का दबाव बढ़ने का खतरा रहता है. इसका असर केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों की नीतियों पर भी पड़ सकता है.

भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए भी क्रूड की कीमतों में लगातार तेजी अहम है, क्योंकि महंगा तेल देश के इंपोर्ट बिल और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकता है.

ट्रंप की भविष्यवाणी कितनी अहम?

फिलहाल ट्रंप का दावा भविष्य की एक भविष्यवाणी है और यह कई परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किस दिशा में जाता है, मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई पर कितना असर पड़ता है और वैश्विक बाजार में तेल की मांग कैसी रहती है—इन सभी फैक्टर्स से क्रूड की कीमत तय होगी.

ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की जीत के बाद बाजार स्थिर होंगे और तेल-गैस की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी. लेकिन फिलहाल बाजार में तस्वीर इसके उलट नजर आ रही है और Brent Crude 97 डॉलर के पार बना हुआ है.

अब नजर इस बात पर रहेगी कि अमेरिका-ईरान तनाव आगे किस दिशा में जाता है और क्या ट्रंप की बताई गई कीमतों में गिरावट वास्तव में देखने को मिलती है या नहीं.