वेदांता ग्रुप के डिमर्जर के बाद शेयर बाजार में लिस्ट हुई Vedanta Iron & Steel ने कम समय में तेज उछाल दिखाकर निवेशकों का ध्यान खींचा है. लिस्टिंग के एक महीने से भी कम समय में यह शेयर 100 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है और 2 जुलाई को लगातार 12वें कारोबारी सत्र में अपर सर्किट के साथ नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.
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तेजी की इस चाल के बाद बाजार में दो बातें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. पहली, शेयर इतनी तेजी से क्यों भाग रहा है. दूसरी, क्या इसमें अभी और दम बाकी है या अब मुनाफावसूली का दबाव आ सकता है.
शेयर की चाल कैसी रही
गुरुवार को वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयर में 10 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. एक हफ्ते में ये शेयर 42% चढ़ा. 15 जून को लिस्टिंग के बाद से इसमें 113 फीसदी की बढ़त देखी गई.
इसका मतलब यह है कि बहुत कम समय में निवेशकों का पैसा दोगुने से भी ज्यादा हो गया. अगर किसी निवेशक ने लिस्टिंग के दिन 1 लाख रुपये लगाए होते, तो उसकी रकम करीब 2 लाख 13 हजार रुपये हो चुकी होती. इतने कम समय में किसी नए लिस्ट शेयर का इस तरह चढ़ना बाजार में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है.
तेजी के पीछे क्या वजह मानी जा रही है
बाजार के जानकार इस रैली के पीछे सबसे पहले वैल्यू अनलॉकिंग को बड़ी वजह मान रहे हैं. डिमर्जर के बाद निवेशकों को पहली बार सिर्फ आयरन एंड स्टील कारोबार में सीधे निवेश का मौका मिला है. इससे कंपनी की असली कीमत अब अलग से दिखने लगी है, ऐसा बाजार का मानना है
• डिमर्जर के बाद सिर्फ आयरन एंड स्टील कारोबार पर फोकस वाला निवेश विकल्प सामने आया
• बाजार का मानना है कि इससे कंपनी की वैल्यू अब ज्यादा साफ दिख रही है
• तेजी का बड़ा ट्रिगर प्रेमजी इन्वेस्ट से जुड़ी खरीदारी को माना जा रहा है
• अजीम प्रेमजी समर्थित पीआई अपॉर्च्युनिटीज एआईएफ वी एलएलपी ने लिस्टिंग के तुरंत बाद 4.84 करोड़ शेयर 102 करोड़ रुपये में खरीदे
• डिमर्जर के बाद शुरुआती दिनों में बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या सीमित रही
• मांग ज्यादा और सप्लाई कम होने से शेयर में तेज उछाल देखने को मिला
डिमर्जर के बाद वेदांता ग्रुप की दूसरी कंपनियों में भी खरीदारी देखने को मिली है. इसके पीछे भी बाजार वैल्यू अनलॉकिंग की ही दलील दे रहा है.
कंपनी का कारोबार
वेदांता आयरन एंड स्टील भारत और अफ्रीका में कारोबार करती है. कंपनी की मौजूदगी पूरी वैल्यू चेन में बताई गई है, जिससे उसे कमाई के कई स्रोत मिलते हैं.
• आयरन ओर की खोज
• खनन
• आयरन ओर प्रोसेसिंग
• स्टील निर्माण
• वायर रॉड्स
• टीएमटी बार्स
• पिग आयरन
• डक्टाइल आयरन पाइप्स
• फेरो सिलिकॉन
• सीमेंट
• मेटलर्जिकल कोक
तकनीकी संकेत क्या कह रहे हैं?
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स के वरिष्ठ तकनीकी शोध विश्लेषक जिगर एस पटेल के मुताबिक, शेयर फिलहाल हायर हाई और हायर लो का पैटर्न बना रहा है. इसे शॉर्ट टर्म तेजी का संकेत माना जाता है. हालांकि, उनके अनुसार अब शेयर एक अहम रेजिस्टेंस जोन के करीब पहुंच चुका है.
जिगर एस पटेल ने 39 रुपये के स्तर को बहुत महत्वपूर्ण बताया है. उनका कहना है कि इस स्तर के ऊपर मजबूत बंद भाव मिलने पर नई तेजी शुरू हो सकती है. अगर ऐसा नहीं होता है, तो शेयर में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है
उन्होंने मौजूदा निवेशकों के लिए सलाह दी है कि वे कुछ हिस्से में मुनाफा बुक करें और बाकी हिस्सेदारी बनाए रखें. साथ ही, आगे की दिशा के लिए ब्रेकआउट का इंतजार किया जा सकता है.
आगे किन बातों पर नजर रहेगी
आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर कंपनी के कारोबार और नतीजों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर रहेगी
• पहली तिमाही के नतीजे
• ईबिट्डा यानी परिचालन कमाई और कुल मुनाफा
• कर्ज की स्थिति
• उत्पादन क्षमता
• आयरन ओर और स्टील की कीमतें
• पूंजी खर्च की योजनाएं
• प्रबंधन का आगे का रुख
फिलहाल तकनीकी संकेत पॉजिटिव दिख रहे हैं, लेकिन इतनी तेज रैली के बाद उतार चढ़ाव और मुनाफावसूली की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. नए निवेशकों के लिए सिर्फ तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसला लेना ठीक नहीं माना जा रहा है. वहीं, मौजूदा निवेशकों के लिए जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना अहम रहेगा. अब असली परीक्षा कंपनी के आने वाले वित्तीय नतीजों की होगी. अगर पहली तिमाही का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, तो हालिया उछाल के बाद दबाव बढ़ सकता है.
Disclaimer- ये लेख सिर्फ जानकारी और विश्लेषण के मकसद से तैयार किया गया है. इसमें दी गई राय, आंकड़े और विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं एवं बाजार विशेषज्ञों के विचारों पर आधारित हैं. इसे निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.
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