Videocon Bankruptcy Case: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रमोटर वेणुगोपाल नंदलाल धूत को दिवालिया घोषित कर दिया है. SBI और उसके सहयोगी बैंकों का उन पर 12,668.06 करोड़ रुपये बकाया है. जानिए क्या है पूरा मामला.
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वीडियोकॉन ग्रुप के पूर्व प्रमोटर और डायरेक्टर वेणुगोपाल नंदलाल धूत की मुश्किलें बढ़ गई हैं. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया है. धूत पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसके सहयोगी बैंकों का कुल 12,668.06 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है. कर्ज की रकम नहीं चुका पाने के चलते ट्रिब्यूनल ने यह फैसला सुनाया है.
NCLT ने SBI की ओर से इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के सेक्शन 121 के तहत दायर बैंकरप्सी एप्लीकेशन को स्वीकार कर लिया. यह आदेश धूत की पर्सनल इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया के असफल रहने के बाद आया है.
दरअसल, धूत ने कर्ज चुकाने के लिए एक प्रस्ताव दिया था. इसके तहत उन्होंने 36 महीने में 600 करोड़ रुपये का भुगतान करके अपनी बकाया देनदारियों को निपटाने की पेशकश की थी. हालांकि, क्रेडिटर्स ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी. इसके बाद मामला दिवालिया घोषित किए जाने तक पहुंच गया.
धूत की निजी संपत्ति अब ट्रस्टी के जिम्मे
NCLT ने धूत की निजी संपत्तियों के प्रबंधन और उनके वितरण के लिए इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल आशीष नारायण को बैंकरप्सी ट्रस्टी नियुक्त किया है. ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद धूत की पूरी संपत्ति अब ट्रस्टी के नियंत्रण में रहेगी.
ट्रस्टी को निर्देश दिया गया है कि वह कर्ज देने वाले सभी क्रेडिटर्स से उनके दावों के लिए पब्लिक नोटिस जारी करे. इसके अलावा, उसे 90 दिनों के भीतर NCLT के सामने एक शुरुआती रिपोर्ट भी जमा करनी होगी.
धूत पर कितना है बैंकों का कर्ज?
SBI की फाइलिंग के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक वेणुगोपाल धूत पर कुल 12,668.06 करोड़ रुपये बकाया थे. यह कर्ज वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (VIL) और वीडियोकॉन टेलीकम्युनिकेशंस लिमिटेड (VTL) को दी गई क्रेडिट सुविधाओं से जुड़ा है. इन कंपनियों को मिले कर्ज के लिए धूत ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी.
कुल बकाया रकम का ब्योरा इस तरह है:
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रुपया टर्म लोन: 9,322.10 करोड़ रुपये
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VTL क्रेडिट सुविधा: 1,437.76 करोड़ रुपये
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वर्किंग कैपिटल सुविधा: 1,908.19 करोड़ रुपये
इस तरह SBI और उसके सहयोगी बैंकों का कुल दावा 12,668.06 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
7 दिन में देनी होगी संपत्ति और वित्तीय स्थिति की जानकारी
वीडियोकॉन ग्रुप की कंपनियों के वित्तीय संकट में आने के बाद उनके लोन अकाउंट में डिफॉल्ट शुरू हुआ था. इसके बाद जून 2018 में वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के खिलाफ कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया शुरू की गई.
बाद में SBI ने धूत की ओर से दी गई व्यक्तिगत गारंटी के आधार पर उनसे बकाया कर्ज की वसूली के लिए NCLT का रुख किया. अब ट्रिब्यूनल ने धूत को आदेश दिया है कि वह सात दिनों के भीतर बैंकरप्सी ट्रस्टी को अपनी वित्तीय स्थिति का पूरा ब्योरा सौंपें.
इस फैसले के बाद धूत की निजी संपत्तियों और उनसे जुड़े वित्तीय दावों का प्रबंधन बैंकरप्सी ट्रस्टी के जरिए किया जाएगा. आने वाले समय में ट्रस्टी की रिपोर्ट और क्रेडिटर्स के दावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी.
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