कर्ज के बोझ से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea के शेयरों में 11 अगस्त को खरीदारी देखने को मिली. कंपनी के जून तिमाही के नतीजों में घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी कम हुआ है. इसके अलावा कंपनी की कमाई बढ़ी और प्रति ग्राहक औसत आय यानी ARPU में भी सुधार हुआ. हालांकि, कंपनी के सामने अभी भी सबसे बड़ी चुनौती भारी कर्ज और नेटवर्क विस्तार के लिए जरूरी फंड जुटाना है.
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शेयर में 1.5% से ज्यादा की तेजी
11 अगस्त को शुरुआती कारोबार में Vodafone Idea का शेयर 1.8% बढ़कर ₹13.14 के आसपास पहुंच गया. इससे पहले कंपनी ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए थे, जिसमें घाटा कम होने की जानकारी सामने आई.
घाटा हुआ काफी कम
Vodafone Idea का जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹3,754 करोड़ रहा. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹6,611 करोड़ का घाटा हुआ था. यानी सालाना आधार पर कंपनी का घाटा करीब 43% कम हुआ है. यहां ये समझना जरूरी है कि घाटे में कमी का बड़ा हिस्सा सामान्य कारोबार से नहीं, बल्कि कुछ खास वित्तीय बदलावों से आया है.
इन वजहों से कम हुआ घाटा
Vodafone Idea को अपने प्रमोटर Vodafone Group के साथ हुए एक समझौते के तहत करीब ₹5,836 करोड़ का फायदा मिला. इसके अलावा Vodafone Group की ओर से कंपनी के लिए अलग रखे गए 328 करोड़ शेयरों की कीमत में बदलाव से Vodafone Idea को करीब ₹1,816 करोड़ का लाभ हुआ. इसे कंपनी ने असाधारण यानी exceptional item के तौर पर दर्ज किया.यानी तिमाही घाटा कम होने में इन दोनों घटनाओं की बड़ी भूमिका रही.
कंपनी की कमाई में भी सुधार
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू जून तिमाही में सालाना आधार पर 6% बढ़कर ₹11,689 करोड़ हो गया. पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹11,023 करोड़ था. वहीं कंपनी का EBITDA करीब 9% बढ़कर ₹5,030 करोड़ रहा. तिमाही आधार पर भी EBITDA में करीब 3% की बढ़ोतरी हुई. कंपनी की वित्तीय लागत भी कम हुई है. जून तिमाही में यह 13% घटकर ₹5,120 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹5,893 करोड़ थी.
ग्राहक घटे, लेकिन ARPU बढ़ा
Vodafone Idea के लिए एक तरफ चुनौती यह है कि कुल ग्राहक संख्या में गिरावट आई है. जून 2026 तिमाही में कंपनी का सब्सक्राइबर बेस 19.31 करोड़ रहा, जो एक साल पहले 19.77 करोड़ था. दूसरी तरफ कंपनी के ARPU यानी प्रति ग्राहक औसत कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. कंपनी का ग्राहक ARPU ₹177 से बढ़कर ₹195 हो गया. यानी सालाना आधार पर करीब 10.2% की बढ़ोतरी हुई. 4G और 5G ग्राहकों की संख्या भी बढ़ी है. यह संख्या करीब 2% बढ़कर 13 करोड़ हो गई है.
डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा
Vodafone Idea के 4G और 5G ग्राहकों का औसत डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है. जून तिमाही में यह 21.7 GB प्रति ग्राहक रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 17.3 GB था. कंपनी का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क में सुधार के कारण ग्राहक जुड़ाव और डेटा इस्तेमाल में बढ़ोतरी हुई है.
कंपनी को अभी चाहिए बड़ी फंडिंग
Vodafone Idea के लिए सबसे बड़ा सवाल अभी भी फंडिंग का है. कंपनी ने अगले तीन साल में करीब ₹45,000 करोड़ के कैपेक्स का प्लान बनाया है. इसमें नेटवर्क और 5G विस्तार पर बड़ा खर्च किया जाना है. कंपनी ने बताया कि इस योजना के तहत करीब ₹9,000 करोड़ के ऑर्डर पहले ही दिए जा चुके हैं. जून तिमाही में कंपनी का कैपेक्स करीब ₹1,930 करोड़ रहा. तिमाही के दौरान Vodafone Idea ने करीब ₹6,400 करोड़ की फंडिंग भी हासिल की है, जिसमें वारंट और फंड आधारित व गैर-फंड आधारित सुविधाएं शामिल हैं.
Nomura की राय
Nomura ने शेयर पर Neutral रेटिंग दी है और ₹12.60 का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक शेयर के लिए आगे चार चीजें अहम होंगी—कर्ज जुटाने में सफलता, टैरिफ बढ़ोतरी, ग्राहकों की संख्या में तेजी और रणनीतिक निवेश.
CLSA की राय
वहीं CLSA ने शेयर पर Hold रेटिंग के साथ ₹13 का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का EBITDA अनुमान के मुताबिक रहा, लेकिन करीब ₹1.53 लाख करोड़ का कुल कर्ज अभी भी बड़ी चिंता है. इसमें करीब ₹1.30 लाख करोड़ का स्पेक्ट्रम कर्ज शामिल है.
JPMorgan की राय
JPMorgan ने शेयर पर Underweight रेटिंग दी है और ₹9 का टारगेट रखा है. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के लिए बैंक फंडिंग बेहद जरूरी है, क्योंकि इसी से नेटवर्क विस्तार और भविष्य के कैपेक्स को सपोर्ट मिलेगा.
Vodafone Idea के लिए पॉजिटिव संकेत
कंपनी के लिए कुछ सकारात्मक संकेत भी हैं. ARPU में लगातार सुधार, 4G और 5G ग्राहकों में बढ़ोतरी, डेटा इस्तेमाल बढ़ना और EBITDA में सुधार कंपनी के कारोबार में रिकवरी के संकेत देते हैं. इसके अलावा नेटवर्क में सुधार और टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना आने वाले समय में कंपनी की कमाई को और मजबूत कर सकती है.
सबसे बड़ा जोखिम क्या है?
Vodafone Idea के सामने सबसे बड़ा जोखिम उसका भारी कर्ज और फंडिंग की जरूरत है. कंपनी को अगले तीन साल में ₹45,000 करोड़ का निवेश करना है. इसके लिए बैंक फंडिंग और दूसरी पूंजी जुटाना बेहद जरूरी है. अगर कंपनी समय पर फंड नहीं जुटा पाती है, तो नेटवर्क विस्तार और 5G निवेश की रफ्तार प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा ग्राहक संख्या में लगातार गिरावट भी चिंता का विषय है. कंपनी को एक तरफ ARPU बढ़ाने के साथ-साथ नए ग्राहकों को जोड़ने और मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने की चुनौती है.
डिस्क्लेमर: ये जानकारी केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य से है. इसमें किसी शेयर को खरीदने, बेचने या निवेश करने की सलाह नहीं दी गई है. शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें.
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