Stock Scan: कर्ज में डूबी Vi को SBI का सहारा, क्या अब आएंगे अच्छे दिन?

चिराग ठाकुर

• 04:20 PM • 25 Aug 2026

वोडाफोन आइडिया शेयर में तेजी के पीछे 35000 करोड़ फंडिंग, एजीआर राहत और एआरपीयू सुधार की उम्मीद है. जानिए क्या कंपनी की वापसी अब सच में मजबूत दिख रही है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

कंपनी 25000 करोड़ बैंक कर्ज और 10000 करोड़ क्रेडिट जुटाना चाहती है

तीन साल में 45000 करोड़ नेटवर्क, 4जी और 5जी पर खर्च होगा

एजीआर भुगतान फिलहाल टला, इससे कारोबार बढ़ाने के लिए राहत मिली

Vodafone Idea यानी Vi के शेयर में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली. शेयर करीब 7 फीसदी उछलकर ₹15 के आसपास पहुंच गया. पिछले कुछ समय से शेयर में तेजी का सिलसिला बना हुआ है. एक हफ्ते में शेयर करीब 10 फीसदी और एक महीने में लगभग 14.5 फीसदी चढ़ चुका है. वहीं पिछले एक साल में Vodafone Idea के शेयर ने करीब 112 फीसदी का रिटर्न दिया है.

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लेकिन सवाल सिर्फ शेयर की तेजी का नहीं है. जिस कंपनी पर भारी कर्ज है और जो अभी भी घाटे में है, उसके शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी अचानक क्यों बढ़ रही है? क्या Vodafone Idea की turnaround story अब मजबूत होती दिख रही है? इसकी सबसे बड़ी वजह फिलहाल funding को लेकर बनी नई उम्मीद है.

SBI की खबर से बढ़ा भरोसा, लेकिन पूरी Funding अभी बाकी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Vodafone Idea करीब ₹35,000 करोड़ की नई funding जुटाने की कोशिश कर रही है. इसमें करीब ₹25,000 करोड़ का बैंक लोन और ₹10,000 करोड़ की Line of Credit शामिल है.

इस पूरी कहानी में सरकारी बैंक SBI की भूमिका अहम है. रिपोर्ट्स के मुताबिक SBI Vodafone Idea के proposed loan में अपने हिस्से को मंजूरी देने के लिए तैयार है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी को पूरी रकम मिल गई है.

SBI की ओर से फंड तभी जारी किया जाएगा जब Vodafone Idea बाकी रकम दूसरे बैंकों और lenders से भी जुटा लेगी. यानी funding की दिशा में बड़ा कदम जरूर बढ़ा है, लेकिन अभी पूरी financing final नहीं हुई है.

₹35,000 करोड़ की जरूरत क्यों है?

Vodafone Idea अगले करीब तीन साल में लगभग ₹45,000 करोड़ का Capex करने की योजना पर काम कर रही है. कंपनी इस रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से नेटवर्क और 4G-5G capacity बढ़ाने में करना चाहती है.

  • Network expansion.
  • 4G और 5G capacity बढ़ाना.
  • Infrastructure को मजबूत करना.
  • बड़े telecom players से मुकाबले की क्षमता बढ़ाना.

कंपनी जून तिमाही में करीब ₹6,400 करोड़ की long-term bank facility भी हासिल कर चुकी है. अब नई funding मिलने पर असली चुनौती इस रकम को तेजी से network expansion में बदलने की होगी.

Promoter Support भी बना बड़ा Positive

Vodafone Idea के लिए सिर्फ बैंक funding ही राहत नहीं है. Promoter support भी कंपनी की turnaround story का अहम हिस्सा बन रहा है.

जून 2026 में Aditya Birla Group की Surya Investments को करीब 430 करोड़ convertible warrants ₹11 प्रति warrant की कीमत पर allot किए गए. इसमें करीब ₹1,182.5 करोड़ की 25 फीसदी रकम पहले ही जमा की जा चुकी है. बाकी रकम का भुगतान होने पर इन warrants को 18 महीने के भीतर shares में बदला जा सकता है.

पूरी conversion होने पर promoter group का कुल निवेश करीब ₹4,730 करोड़ तक पहुंच सकता है.

AGR राहत से मिला बड़ा Breathing Room

Vodafone Idea के लिए एक और बड़ी राहत AGR dues को लेकर मिली है. अप्रैल 2026 में कंपनी की AGR liability करीब ₹87,695 करोड़ से घटाकर ₹64,046 करोड़ कर दी गई.

हालांकि असली राहत repayment schedule में है.

  • FY2032 से FY2035 तक हर साल सिर्फ ₹100 करोड़ का भुगतान.
  • बाकी रकम FY2036 से FY2041 के बीच छह बराबर किस्तों में.
  • यानी बड़ी repayment फिलहाल काफी आगे चली गई है.

इससे कंपनी को अपना cash network और business expansion पर लगाने के लिए ज्यादा समय मिला है.

Subscribers बढ़े, लेकिन आंकड़ों में एक Twist

Vi ने फरवरी से जून के बीच लगातार net wireless subscriber additions दर्ज किए. जून में करीब 1.63 लाख subscribers जुड़े, जो इस अवधि में सबसे ज्यादा रहे.

लेकिन यहां एक जरूरी सावधानी है. इन आंकड़ों में M2M यानी Machine-to-Machine connections भी शामिल हो सकते हैं. ऐसे SIM स्मार्ट मीटर, IoT devices और दूसरी मशीनों में इस्तेमाल होते हैं.

Motilal Oswal के मुताबिक M2M को हटाने पर जून तिमाही में वास्तविक customer wireless subscribers करीब 17 लाख घटे. इसलिए सिर्फ headline subscriber numbers को देखकर Vi के complete turnaround का दावा करना जल्दबाजी होगी.

Revenue और ARPU में दिखा सुधार

कंपनी के financial performance में भी कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं.

  • Revenue 6 फीसदी बढ़कर ₹11,689 करोड़.
  • EBITDA 9.1 फीसदी बढ़कर ₹5,034 करोड़.
  • Net loss ₹6,608 करोड़ से घटकर ₹3,754 करोड़.
  • ARPU ₹177 से बढ़कर ₹195.

ARPU यानी Average Revenue Per User बढ़ने का मतलब है कि कंपनी अपने हर ग्राहक से पहले के मुकाबले ज्यादा revenue कमा रही है. हालांकि Vi का ARPU अभी भी उसके बड़े competitors से कम है.

₹17 तक Target, लेकिन Brokerages में मतभेद

Vodafone Idea को लेकर brokerages की राय एक जैसी नहीं है.

Citi ने Buy rating के साथ ₹17 का target दिया है. UBS का target ₹15 और rating Hold है. Nomura ने ₹13.50 का target रखा है. Axis Capital का Sell target ₹13.21 है, जबकि Motilal Oswal ने Neutral rating के साथ ₹11 का target दिया है.

यानी एक तरफ ₹17 का bullish target है, तो दूसरी तरफ ₹11 के आसपास के cautious targets भी मौजूद हैं.

क्या Vi की कहानी बदल गई?

कुल मिलाकर Vodafone Idea की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर जरूर हुई है. Funding की उम्मीद, promoter support, AGR repayment में राहत, ARPU में सुधार और network expansion की योजना कंपनी को turnaround का मौका दे रही है. लेकिन इसे अभी complete turnaround कहना जल्दबाजी होगी. असली परीक्षा अब execution की है.

Funding → Network Expansion → Customers → Revenue 

अगर Vodafone Idea इन चारों कड़ियों को सफलतापूर्वक जोड़ पाती है, तभी उसकी turnaround story वास्तव में मजबूत मानी जाएगी. फिलहाल Vi को मौका मिला है, लेकिन इस मौके को कारोबार में बदलना कंपनी की सबसे बड़ी चुनौती है.

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है. शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.