अगर आप Gold में निवेश करते हैं या इसकी कीमतों पर नजर रखते हैं, तो आपके लिए एक अहम अपडेट है. एक तरफ Central Banks की खरीदारी और Geopolitical Uncertainty से Gold को सपोर्ट मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के दिग्गज बैंक Wells Fargo ने 2026 के Gold Price Target में फिर कटौती कर दी है. बैंक ने इस साल तीसरी बार अपना अनुमान घटाया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या Gold की तेजी पर अब ब्रेक लग सकता है?
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कितना घटाया Gold का Target?
Wells Fargo Investment Institute ने 2026 के अंत के लिए Gold का नया Target $4,900-$5,100 प्रति Troy Ounce रखा है.
इससे पहले बैंक का अनुमान $5,300-$5,500 था. यानी नए अनुमान में दोनों सिरों पर $400 की कटौती की गई है.
फरवरी 2026 से तुलना करें तो बदलाव और भी बड़ा है:
- फरवरी 2026 Target: $6,100-$6,300
- पिछला Target: $5,300-$5,500
- नया Target: $4,900-$5,100
- फरवरी से Midpoint में कटौती: करीब $1,200 प्रति Ounce
आखिर क्यों घटा Gold का अनुमान?
Gold पर दबाव की बड़ी वजह अमेरिकी ब्याज दरों का माहौल है. Gold खुद कोई ब्याज नहीं देता. ऐसे में जब US Treasury Yields बढ़ती हैं और Federal Reserve के Rates लंबे समय तक ऊंचे रहने की उम्मीद बनती है, तो Gold रखने की Opportunity Cost बढ़ जाती है.
इसके अलावा Crude Oil की कीमतों और Inflation को लेकर चिंता भी Gold के लिए चुनौती बनी हुई है. मजबूत Dollar भी कीमती धातु पर दबाव डाल सकता है.
फिर भी Gold पर भरोसा कायम
Target घटाने के बावजूद Wells Fargo ने Gold को लेकर अपना Positive Outlook खत्म नहीं किया है.
2027 के लिए बैंक का Target $5,400-$5,600 प्रति Troy Ounce है. यानी लंबी अवधि में Gold को लेकर तेजी की गुंजाइश अभी भी देखी जा रही है.
इसके पीछे कुछ अहम वजहें हैं:
- 2026 की पहली छमाही में Global Spot Gold करीब 5% नीचे रहा.
- लेकिन Asian Trading Hours में Gold करीब 13% चढ़ा.
- Central Banks की Gold Buying मजबूत बनी हुई है.
- Gold ETFs में Outflows का दबाव भी कम हुआ है.
यानी कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद एशियाई निवेशकों और Central Banks की मांग Gold को सहारा दे रही है.
Short Term में बड़ी गिरावट का खतरा?
Wells Fargo के Sameer Samana ने Gold में Short Term Downside Risk की भी बात कही है. उनके मुताबिक कीमत $3,500 तक फिसल सकती है.
वहीं $4,500-$4,900 के बीच Gold को मजबूत Resistance का सामना करना पड़ सकता है.
इसका मतलब साफ है कि आगे Gold में Volatility काफी ज्यादा रह सकती है.
निवेशकों के लिए क्या है सबक?
Gold की कहानी को सिर्फ Target कटौती या तेजी के नजरिए से देखना ठीक नहीं होगा. Short Term में ऊंची ब्याज दरें और मजबूत Dollar दबाव बना सकते हैं, लेकिन Long Term में Geopolitical Uncertainty, Central Bank Buying और संभावित Rate Cuts Gold के लिए Support बन सकते हैं.
इसलिए Target घटने की खबर देखकर घबराकर बेचने या तेजी देखकर बिना सोचे खरीदने के बजाय अपनी Risk Profile, Investment Horizon और Portfolio Allocation को ध्यान में रखना जरूरी है.
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