क्या है STT? जिसके बढ़ाने के ऐलान से धराशाही हो गया शेयर बाजार! निफ्टी 700 अंक फिसला, सेंसेक्स 80,500 के नीचे!

बजट 2026 में F&O पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% करने के फैसले से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. सेंसेक्स 2000 और निफ्टी 700 अंक टूट गया, हालांकि रिकवरी भी हो रही है. मेटल शेयरों में बड़ी बिकवाली दिखी.

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न्यूज तक डेस्क

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What is STT: बजट भाषण समाप्त होते ही शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई. Bombay Stock Exchange का सेंसेक्स करीब 2000 अंक गिरकर 80,500 के नीचे पहुंच गया, जबकि National Stock Exchange of India का निफ्टी 700 अंक टूटकर 24,800 के नीचे कारोबार करता दिखा.

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गिरावट की मुख्य वजह

बाजार में अचानक गिरावट की मुख्य वजह बजट में F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ाने का ऐलान माना जा रहा है. सरकार ने सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया है. पिछली बार भी STT बढ़ाया गया था और इस बार दोबारा बढ़ोतरी से ट्रेडर्स में बेचैनी बढ़ गई.

STT क्या है और क्यों पड़ा असर?

STT यानी सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स वह टैक्स है, जो शेयर, डेरिवेटिव या किसी भी मार्केट एसेट की खरीद-बिक्री पर लगता है. F&O में प्रीमियम की खरीद-बिक्री पर STT बढ़ने से ट्रेडिंग महंगी हो जाती है. इसका सीधा असर बड़े ट्रेडर्स और डेरिवेटिव मार्केट पर पड़ता है, जिससे अचानक बिकवाली बढ़ी.

बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से केवल तीन शेयर

इस बिकवाली में सिर्फ Sun Pharmaceutical Industries, Tata Consultancy Services और Kotak Mahindra Bank में हल्की तेजी रही. बाकी 27 शेयरों में 8% तक की गिरावट देखी गई.

मेटल शेयरों में बड़ी गिरावट

मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव देखा गया. Hindustan Zinc के शेयर में 10% तक की गिरावट, Hindustan Copper में 18% से ज्यादा की टूट, Vedanta और Hindalco Industries में भी भारी बिकवाली देखी गई.  ऑटो, बैंक, फार्मा और एफएमसीजी जैसे सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में दिखे.

डिफेंस शेयरों में खरीदारी, मेटल में हल्की रिकवरी

जहां ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में रहे, वहीं डिफेंस सेक्टर में खरीदारी दिखी. Bharat Electronics Limited और Data Patterns के शेयर करीब 2% की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे. बाद के सत्र में कुछ मेटल शेयरों में भी हल्की रिकवरी के संकेत मिले.

विदेशी निवेशकों के लिए बड़ा ऐलान

बजट में PIO (भारतीय मूल के विदेशी नागरिक) को भारतीय बाजार में निवेश की अनुमति देने का ऐलान भी किया गया. इससे आने वाले समय में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन STT बढ़ने के तात्कालिक असर ने बाजार को दबाव में ला दिया.

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