शराब के नशे में बेसुध मिले दुर्ग पुलिस के जवान, सड़क पर लावारिस मिली INSAS रायफल, SSP ने किया सस्पेंड

नरेश शर्मा

• 09:48 AM • 20 Oct 2026

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शराब के नशे में बेसुध पड़े दुर्ग पुलिस के दो जवानों के पास उनकी सर्विस INSAS रायफल लावारिस हालत में मिली.

छत्तीसगढ़ से आया हैरान करने वाला मामला
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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पुलिस विभाग की बड़ी लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दुर्ग जिले से एक कैदी को छोड़ने आए दो पुलिसकर्मी शराब के नशे में इस कदर बेसुध मिले कि उनकी सर्विस रायफल भी सड़क किनारे लावारिस हालत में पड़ी हुई थी. इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और दोनों जवानों पर गाज गिर गई है.

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क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, दुर्ग जिले के एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और कॉन्स्टेबल ऋषिकांत त्रिपाठी को 17 अक्टूबर को एक कैदी को अंबिकापुर सेंट्रल जेल में दाखिल कराने की जिम्मेदारी दी गई थी. इसके बाद उन्हें पेशी पर ले जाकर वापस लौटना था.

आरोप है कि 18 अक्टूबर को कैदी को जेल में दाखिल कराने के बाद जब दोनों जवान दुर्ग वापसी के लिए प्रतीक्षा बस स्टैंड पहुंचे, तो शाम करीब 5:40 बजे वे बस स्टैंड के बाहर एक ठेले के पास नशे में पूरी तरह सुध-बुध खो बैठे.

लावारिस मिली सरकारी रायफल

इस पूरी घटना का सबसे चिंताजनक हिस्सा यह था कि एएसआई जीवन प्रकाश एक्का की सरकारी INSAS रायफल उनके पास ही जमीन पर लावारिस हालत में पड़ी हुई थी. गनीमत रही कि कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई, लेकिन वहां से गुजर रहे स्थानीय लोगों की नजर जब इस पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत इसका वीडियो बना लिया. यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

वीडियो वायरल होने के बाद अंबिकापुर कोतवाली पुलिस हरकत में आई और तुरंत मौके पर पहुंचकर रायफल को अपने कब्जे में लिया. इसके बाद सरगुजा के एसएसपी राजेश अग्रवाल ने इस पूरे वाकये की जानकारी दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल को दी.

एसएसपी ने लिया कड़ा एक्शन, 5 दिन में मांगी रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने दोनों पुलिसकर्मियों (ASI जीवन प्रकाश एक्का और कॉन्स्टेबल ऋषिकांत त्रिपाठी) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. दोनों को रक्षित केंद्र (लाइन) अटैच कर दिया गया है.

इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी रक्षित निरीक्षक को सौंपी गई है और उन्हें सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पांच दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट पेश करें.

एक तरफ जहां पुलिस पर जनता की सुरक्षा और सरकारी हथियारों की हिफाजत की बड़ी जिम्मेदारी होती है, वहीं इस तरह की लापरवाही ने खाकी की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अब जांच रिपोर्ट आने के बाद इन दोनों पर आगे और क्या विभागीय कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं.

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