शाह के बयान ने पकड़ा तूल, बघेल बोले- ‘गृहमंत्री होकर कर रहे हैं भड़काने वाला काम’

ChhattisgarhTak

• 11:52 AM • 18 Oct 2023

Amit Shah Vs Bhupesh Baghel- छत्तीसगढ़ में एक चुनावी रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के लिंचिंग वाले बयान को लेकर…

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Amit Shah Vs Bhupesh Baghel- छत्तीसगढ़ में एक चुनावी रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के लिंचिंग वाले बयान को लेकर सियासी हलचल तेज है. अमित शाह के खिलाफ छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल की ओर से मंगलवार को चुनाव आयोग में शिकायत के बाद अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने उन पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि वे बिल्कुल शिकायत कराएंगे. उन्होंने गृहमंत्री होकर भड़काऊ बयान दिया है.

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रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए अमित शाह के कथित भड़काऊ बयान पर सीएम बघेल ने कहा कि बिल्कुल शिकायत करेंगे, गृहमंत्री होकर भड़काने वाला काम कर रहे हैं.

कांग्रेस का आरोप है कि शाह ने सोमवार को राजनांदगांव में भड़काऊ भाषण दिया है. यह आचार संहिता का उल्लंघन है. शाह का बयान ना केवल आपत्तिजनक है बल्कि इसका मकसद शांत प्रदेश छत्तीसगढ़ में सांप्रदायिक हिंसा भड़काना है.

बता दें कि राजनांदगांव की रैली में अमित शाह ने कहा, “छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए छत्तीसगढ़ के बेटे भुनेश्वर साहू की लिंचिंग करवाकर हत्या करवा दी. भाजपा ने उनके पिता श्री ईश्वर साहू को टिकट देकर उनका मान बढाया.”

 

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत

गृहमंत्री अमित शाह के इस बयान को भड़काऊ करार देते हुए कांग्रेस ने इसकी शिकायत मंगलवार को चुनाव आयोग से की. कांग्रेस के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि गृहमंत्री ने चुनावी फायदे की नीयत से उन्माद भड़काने के लिए जो बयान दिया वो बिल्कुल झूठा है. उस मामले में सरकार ने तुरंत कार्रवाई की थी और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. मगर अपनी हार से बौखलाए अमित शाह अब सांप्रदायिकता का सहारा लेना चाहते हैं.

कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग में की गई शिकायत में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के गृह मंत्री अमित शाह ने राजनांदगांव से पार्टी उम्मीदवार डॉ रमन सिंह की नामांकन सभा में दिए अपने भाषण में दंगा भड़काने के मकसद से गलत बयानी की. कांग्रेस ने कहा कि जिस मामले में जांच पूरी हो चुकी है, अदालत में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, निचली अदालत का निर्णय भी आ गया है. उसके खिलाफ देश के गृह मंत्री की ओर से सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के मकसद से उन्माद भड़काने का प्रयास साफ तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.

 

अमित शाह ने क्या कहा था?

राजनांदगांव की रैली में अमित शाह ने अप्रैल में बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर भूपेश बघेल सरकार पर हमला बोला था और लोगों से पूछा कि क्या वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ फिर से सांप्रदायिक दंगों का केंद्र बने. मंच पर मौजूद ईश्वर साहू की ओर इशारा करते हुए शाह ने कहा था कि वोट बैंक और तुष्टिकरण के लिए भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई. उन्होंने कहा, “हम भुनेश्वर साहू के हत्यारे को सजा दिलाएंगे. हमने उनके पिता को टिकट दिया है.”

शाह ने कहा था, “छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए छत्तीसगढ़ के बेटे भुनेश्वर साहू की लिंचिंग करवाकर हत्या करवा दी. भाजपा ने उनके पिता श्री ईश्वर साहू को टिकट देकर उनका मान बढाया.”

उन्होंने कहा था, “क्या आप चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ एक बार फिर सांप्रदायिक दंगों का केंद्र बने? भुनेश्वर साहू को न्याय मिलना चाहिए या नहीं? अगर कांग्रेस फिर से सत्ता में आती है, तो वह तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति जारी रखेगी.”

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