Chattisgarh Weather Update: अक्टूबर के आखिरी दिनों में छत्तीसगढ़ में मानसून जैसी स्थिति फिर से लौट आई है. आंध्र प्रदेश और बापटला के तटों पर भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के टकराने के बाद अब इसका सीधा असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है. सुबह से ही राज्य के कई हिस्सों में ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है और सर्दी का अहसास तेज हो गया है.
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आइए जानते हैं कि इस चक्रवात का छत्तीसगढ़ पर कैसा असर रहेगा और मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है.
छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा 'अर्नब' का प्रभाव?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, चक्रवात 'अर्नब' का यह असर छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से 28 और 29 अक्टूबर तक ही रहना है. इसका सबसे खतरनाक और व्यापक असर 28 अक्टूबर को देखने को मिला. हालांकि, इसके बाद 30 अक्टूबर को भी लोकल वेदर कंडीशंस (स्थानीय सिनॉप्टिक फीचर्स) की वजह से हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
30 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम
छत्तीसगढ़ में मौसम के गंभीर मिजाज को देखते हुए 30 अक्टूबर को बालोद, बस्तर, रायपुर, दुर्ग और महासमुंद समेत 12 से अधिक जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश, वज्रपात और 50-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है. जिसके चलते सुरक्षा के मद्देनजर बस्तर, रायपुर, गरियाबंद, रायगढ़, दुर्ग और सरगुजा संभाग के सभी स्कूलों में कल अवकाश घोषित कर नागरिकों को घरों में रहने की सलाह दी गई है. साथ ही, मौसम के इस तांडव से फसलों को बचाने के लिए किसानों को अगले 2 से 4 दिन तक धान, दलहन और तिलहन की कटाई टालने तथा कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.
तापमान की बात करें तो, पिछले 24 घंटों के दौरान बादलों और बारिश के चलते न्यूनतम (रात के) तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रातें थोड़ी गर्म महसूस हुईं. वहीं, दिन के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आई है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा, लेकिन तूफान के गुजरने के बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है.
मौसम विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. गायत्रीवाणी कांचीभोटला ने जानकारी दी है कि यह चक्रवात अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ते हुए कमजोर हो जाएगा, लेकिन इसका रुख छत्तीसगढ़ की तरफ रहेगा. इसके प्रभाव से दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है.
तूफान के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और डरावनी हवाएं चल सकती हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है:
- रेड अलर्ट: कोंडागांव और गरियाबंद जैसे जिलों के लिए भारी तबाही की आशंका के मद्देनजर 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है.
- ऑरेंज अलर्ट: बस्तर और रायपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किया गया है.
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, इन इलाकों में कहीं-कहीं 100 मिमी से लेकर 200 मिमी तक भारी बारिश हो सकती है. वहीं, गुरुवार को जब यह साइक्लोन थोड़ा कमजोर पड़ेगा, तब उत्तर छत्तीसगढ़ में भी एक-दो स्थानों पर 60 मिमी से 100 मिमी तक पानी बरसने के आसार हैं.
सड़कों पर नजर आए छाते और रेनकोट, स्कूलों में छुट्टी
अचानक बदले इस मौसम ने लोगों को एक बार फिर अलमारियों से छाते और रेनकोट निकालने पर मजबूर कर दिया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने स्थिति की नजाकत को भांपते हुए सभी जिला कलेक्टरों को पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहने के सख्त निर्देश दिए हैं. एहतियात के तौर पर प्रदेश के लगभग 10 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है, ताकि बच्चों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. किसी भी आपात स्थिति या आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है.
प्रशासन की अपील: घरों में रहें, सुरक्षित रहें
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस चक्रवाती तूफान को हल्के में न लें और पूरी सावधानी बरतें.
- जब तक बहुत जरूरी न हो, खराब मौसम में घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें.
- नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव (पानी भरने) वाले खतरनाक स्थानों से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें.
- प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें.
सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें. केवल आधिकारिक (सरकार या मौसम विभाग) माध्यमों से मिलने वाली जानकारियों पर ही भरोसा करें.
आपातकालीन सहायता नंबर:
चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए और आम जनता की मदद के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. किसी भी तरह की मदद या जानकारी के लिए 0771-2413233 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कड़े निर्देशों के बाद पूरा जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हरसंभव तैयारियों में जुटा हुआ है. सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अगर कोई आपदा आए, तो तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें.
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