Chhattisgarh Lok Sabha Election Results: छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 10 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं कांग्रेस बस अपनी कोरबा सीट ही बचा पाई.यहां तक की पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी राजनांदगांव लोकसभा सीट से चुनाव हार गए. इसी तरह कांग्रेस के कई दिग्गज नेता ताम्रध्वज साहू, कवासी लखमा, शिवकुमार डहरिया और देवेंद्र यादव को भी करारी हार का सामना करना पड़ा. वहीं बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से चुनाव जीता है.
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चुनाव आयोग के द्वारा घोषित रिजल्ट के अनुसार बीजेपी ने रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, सरगुजा (एसटी), रायगढ़ (एसटी), कांकेर (एसटी), बस्तर (एसटी) और जांजगीर-चांपा (एससी)पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस बस कोरबा सीट जीतने में कामयाब रही.रोचक बात ये रही कि दुर्ग क्षेत्र के 4 नेता, जिन्होंने दूसरी जगह जाकर चुनाव लड़ा,वो सभी हार गए. इनमें भूपेश बघेल, देवेंद्र यादव, ताम्रध्वज साहू और सरोज पांडेय का नाम शामिल है.
कोरबा लोकसभा सीट- 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने दो सीटों पर कोरबा और बस्तर पर चुनाव जीता था. लेकिन इस बार सिर्फ कोरबा सीट ही कांग्रेस बचा पाई. यहां से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत ने बीजेपी प्रत्याशी सरोज पांडेय को 43,283 वोटों से हराया औऱ अपनी सीट बरकरार रखी. 2019 में भी ज्योत्सना महंत ने इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी ज्योतिनंद दुबे को हराया था.
राजनांदगांव लोकसभा सीट- कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व सीएम भूपेश बघेल को भी हार का सामना करना पड़ा. राजनांदगांव से मौजूदा सांसद और बीजेपी प्रत्याशी संतोष पांडेय ने उन्हें 44,411 वोटों के अंतर से हराया. कांग्रेस को उम्मीद थी कि भूपेश बघेल राजनांदगांव सीट निकाल लेंगे. कड़ी मेहनत और जबरदस्त चुनाव प्रचार के बावजूद बघेल को शिकस्त झेलनी पड़ी.
रायपुर लोकसभा सीट- सबसे हाई-प्रोफाइल रायपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी बृजमोहन अग्रवाल रिकॉर्डतोड़ वोटों से जीते हैं. उन्होंने कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को 5,75,285 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया. अग्रवाल को 10,50,351 वोट मिले, जबकि उपाध्याय को 4,75,066 वोट मिले.
दुर्ग लोकसभा सीट- वहीं दुर्ग लोकसभा सीट में भी बीजेपी प्रत्याशी और मौजूदा सांसद विजय बघेल ने प्रचंड बहुमत के साथ चुनाव जीता.उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के राजेंद्र साहू को 4,38,226 वोटों के महत्वपूर्ण अंतर से हराया. विजय बघेल दूसरी बार बीजेपी से सांसद बने हैं.
सरगुजा लोकसभा सीट- यहां से बीजेपी प्रत्याशी चिंतामणि महाराज ने जीत हासिल की. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी शशि सिंह कोरम को 64,822 वोटों से हराया. चिंतामणि महाराज दो बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं. लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हो गए थे.
बस्तर लोकसभा सीट- बस्तर लोकसभा क्षेत्र में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां भाजपा के महेश कश्यप ने कांग्रेस के प्रभावशाली आदिवासी नेता और पूर्व राज्य मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ 55,245 वोटों से जीत हासिल की. 2019 में कांग्रेस ने जो दो सीटें जीतीं उनमें बस्तर भी शामिल थी. तब दीपक बैज यहां से चुनाव जीते थे.
महासमुंद लोकसभा सीट- महासमुंद में भाजपा की पूर्व विधायक रूपकुमारी चौधरी ने राज्य के पूर्व मंत्री कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू के खिलाफ 1,45,456 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. रूपकुमारी बसना से पूर्व विधायक रह चुकी हैं. वर्तमान में वे बीजेपी जिला अध्यक्ष हैं.
रायगढ़ लोकसभा सीट- यहां राधेश्याम राठिया ने गजब का प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्डमतों से जीत हासिल की है.उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. मेनका देवी सिंह पर 2,40,391 के अंतर से हराया. मेनका सिंह सारंगढ़ के पूर्व शाही परिवार से हैं.
कांकेर लोकसभा सीट- इस सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली. अंतिम राउंड की गिनती तक मुकाबला काफी रोचक रहा. बीजेपी उम्मीदवार भोजराज नाग मामूली वोटों के अंतर से यहां से चुनाव जीत गए. कांग्रेस प्रत्याशी बीरेश ठाकुर 1884 वोटों के अंतर से हार गए. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बीरेश ठाकुर महज 6 हजार वोटों के अंतर से हारे थे.
बिलासपुर लोकसभा सीट- बिलासपुर सीट में बीजेपी प्रत्याशी और पूर्व विधायक तोखन साहू ने जीत हासिल की. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार देवेंद्र यादव को 1,64,558 मतों के अंतर से हराया. देवेंद्र यादव वर्तमान में भिलाई नगर से विधआयक हैं.
जांजगीर-चांपा सीट- एकमात्र एससी-आरक्षित जांजगीर-चांपा सीट पर भी भाजपा ने अपना कब्जा बरकार रखा. बीजेपी प्रत्याशी कमलेश जांगड़े ने ने कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व राज्य मंत्री शिवकुमार डहरिया को 60,000 वोटों के अंतर से हराया.
वोट शेयर में भी बीजेपी को मिली बढ़त
बीजेपी ने वोट शेयर के मामले में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. पिछले साल विधानसभा चुनाव में भगवा पार्टी को 46.27 फीसदी वोट मिले थे, जो लोकसभा चुनाव में बढ़कर 52.65 फीसदी हो गए. कांग्रेस का वोट शेयर, जो विधानसभा चुनावों में 42.23 प्रतिशत था, लोकसभा चुनाव में घटकर 41.06 प्रतिशत हो गया.छत्तीसगढ़ के गठन के बाद 2004, 2009 और 2014 में हुए तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए तीनों बार 11 में से 10 सीटें जीतीं. 2019 में बीजेपी ने 9 और कांग्रेस ने 2 सीटें जीती थीं.
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