महिला डांसर ने दिखाए प्राइवेट पार्ट तो SDM तुलसी मरकाम का रिएक्शन हुआ वायरल, कलेक्टर ने लिया एक्शन

Chhattisgarh: गरियाबंद के उरमाल गांव में ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान अफसरों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में डांसर्स का अर्धनग्न डांस वीडियो वायरल हो गया. मामला सामने आते ही SDM तुलसी दास मरकाम को हटा दिया गया और तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी गई.

छत्तीसगढ़ में अश्लील डांस का वीडियो वायरल
छत्तीसगढ़ में अश्लील डांस का वीडियो वायरल

नरेश शर्मा

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Chhattisgarh News: जिन हुक्मरानों पर महिलाओं की अस्मिता बचाने की जिम्मेदारी हो वो ही जब उसे लूटने पर उतर आए तो क्या हो? ये सवाल इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने महिला सम्मान की धज्जियां उड़ा दी हैं. 

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यहां के उरमाल गांव में आर्केस्ट्रा का आयोजन हुआ जहां महिला डांसर्स ने कपड़े उतारकर अश्लील डांस किएं. वह मंच पर काफी देर अर्धनग्न होकर नाचती रहीं. ये देखकर वहां मौजूद SDM और पुलिसवालों ने उन्हें रोकने के बजाय उन पर पैसे लुटाने शुरू कर दिए. सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि कुछ पुलिसवालों ने तो उन्हें जबरन चूमना भी शुरू कर दिया. अब ये मामला तूल पकड़ चुका है और SDM और पुलिसवालों पर कार्रवाई बैठ गई है. 

SDM को पद से हटाया गया

इस मामले में सबसे बड़ा नाम सामने आया है मैनपुर के तत्कालीन SDM तुलसी दास मरकाम का. आरोप है कि वे खुद कार्यक्रम में मौजूद थे और वीडियो बनाते भी दिखे. वीडियो वायरल होने के बाद गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने SDM तुलसी दास मरकाम को तत्काल उनके पद से हटा दिया है और पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी बना दी है. कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए फाइल कमिश्नर को भेजी जाएगी.

इधर, पुलिस विभाग ने भी सख्त कदम उठाए हैं. SP वेदव्रत सिरमौर्य ने ऑर्केस्ट्रा डांसर्स के अर्धनग्न होने पर उसके साथ डांस और किस करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है. इस मामले में देवभोग थाने में पदस्थ हेड कॉन्सटेबल डिलोचन रावटे और आरक्षक शुभम चौहान व जय कंसारी को सस्पेंड कर दिया है. 

मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल संरक्षण आयोग ने भी दखल दिया है. आयोग ने निर्देश दिया है कि कार्यक्रम में किसी नाबालिग या बच्चे की मौजूदगी तो नहीं थी इसकी जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट पेश की जाए.

अब पूरा मामला जान लीजिए

दरअसल, उरमाल गांव में एक युवा समिति ने 6 दिन के ओपेरा (ऑर्केस्ट्रा) कार्यक्रम का आयोजन कराया था. 29 दिसंबर 2025 को इस आयोजन की अनुमति मैनपुर SDM तुलसी दास मरकाम से ली गई थी. कार्यक्रम में ओडिशा के कटक की एक ऑर्केस्ट्रा पार्टी को बुलाया गया था.

यह डांस शो 8, 9 और 10 जनवरी को होना तय था जिसका पूरे इलाके में प्रचार किया गया था. आयोजन में एंट्री टिकट 200 से 400 रुपये तक रखे गए थे और डांसर्स को एक दिन का करीब 60 हजार रुपये दिया जाना था. समिति को रोजाना लगभग 1.20 लाख रुपये का खर्च उठाना पड़ रहा था.

आगे की सीट SDM के लिए रिजर्व

8 जनवरी को कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी. 9 जनवरी को SDM तुलसी दास मरकाम खुद पहुंचे थे और आयोजकों ने उनके लिए आगे की सीट भी रिजर्व कर रखी थी. बताया जा रहा है कि रात लगभग 11 बजे से लेकर सुबह के 3 बजे तक यह कार्यक्रम चलता रहा. भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि अलग-अलग वर्ग के लोग मंच के सामने जमकर हंगामा करते दिखे.

आयोजक गिरफ्तार, फिर जमानत पर छोड़े गए

देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह के अनुसार एक स्थानीय युवक की शिकायत पर 10 जनवरी को मामला दर्ज किया गया. इसके बाद आयोजनकर्ता देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ एफआईआर रजिस्टर किया गया. सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर बाद में बॉन्ड पर छोड़ दिया गया है.

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