हरेली तिहार: मुख्यमंत्री बघेल की लोगों से विशेष अपील, जानें क्या कहा…

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16 Jul 2023 (अपडेटेड: Jul 16 2023 12:42 PM)

पूरा छत्तीसगढ़ इस समय अपना पहला त्यौहार ‘हरेली तिहार’ मनाने के लिए तैयार है. फसलों से जुड़े इस पारंपरिक त्यौहार को लेकर विशेषकर ग्रामीण अंचल…

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पूरा छत्तीसगढ़ इस समय अपना पहला त्यौहार ‘हरेली तिहार’ मनाने के लिए तैयार है. फसलों से जुड़े इस पारंपरिक त्यौहार को लेकर विशेषकर ग्रामीण अंचल में बेहद उत्साह का माहौल है. तो वहीं सरकार की ओर से भी कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए लोगों से एक पौधा लगाने की अपील की है. इतना ही नहीं उन्होंने लोगों से रोपित पौधे के साथ अपनी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा करने का आग्रह किया है.

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मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट किया गया है, “हरेली तिहार है हरियाली का और हरियाली ही तो श्रृंगार है हमारी छत्तीसगढ़_महतारी का…  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सभी प्रदेश वासियों से अपील की है कि इस बार हरेली पर एक पौधा जरूर लगाएं। रोपित पौधे के साथ अपनी तस्वीर हमसे सोशल मीडिया पर जरूर साझा करें।  हैश टैग #हरियर_हरेली  #hariyar_hareli के साथ….”

ट्वीट में आगे लिखा है, “वन विभाग द्वारा हरेली तिहार के दिन हर गांव में निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। #हमर_हरेली_तिहार #hamar_hareli”

बता दें कि बारिश के बाद धरती हरियाली से सराबोर हो जाती है.और धान का कटोरा कहे जाने वाला छत्तीसगढ़ अपना पहला त्यौहार ‘हरेली’ मनाता है. हरेली त्यौहार हर साल सावन के अमावस्या को मनाया जाता है. ये त्यौहार छत्तीसगढ़ी जीवन शैली और प्रकृति से जुड़ा हुआ है. हरेली का अर्थ होता है हरियाली. इस दिन लोग  हर तरफ हरियाली छाई रहने की कामना करते हैं. यहां ग्रामीण अपने फसलों को देवता की तरह पूजते हैं. किसान अपने कृषि कार्य, फसलों की उपज और अन्न के सम्मान के लिए विशेष प्रकार की पूजा करते हैं.

लोक संस्कृति और त्यौहारों को विशेष महत्व देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर हरेली पर सार्वजनिक अवकाश की भी घोषणा की गई है. इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की भी शुरुआत की जा रही है.