छत्तीसगढ़ के जशपुर में पुलिस ने नशे के काले कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी चोट की है. ओडिशा से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ले जाया जा रहा 2.20 करोड़ रुपये का गांजा चेकिंग के दौरान पकड़ा गया. तस्करों ने खाकी की नजरों से बचने का पूरा इंतजाम किया था और गांजे की खेप को मिर्ची की बोरियों के नीचे छुपा रखा था. हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के आगे तस्करों की यह चालाकी धरी की धरी रह गई.
ADVERTISEMENT
मिर्ची के नीचे छुपा था 440 किलो नशा
'ऑपरेशन आघात' के तहत जशपुर की एंटी नारकोटिक्स टीम और तपकरा पुलिस लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर तैनात थी. इसी दौरान मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि ओडिशा की सीमा से गांजे से लदा एक मिनी ट्रक जशपुर में दाखिल होने वाला है. सुबह करीब 9 बजे जब ओडिशा की तरफ से आते टाटा आईसर मिनी ट्रक (UP-71-T-6592) को रोककर तलाशी ली गई, तो उसमें सवार लोगों ने दावा किया कि गाड़ी में सिर्फ मिर्ची की बोरियां लदी हैं. पुलिस को शक हुआ, तो बोरियों को हटाकर गहराई से छानबीन शुरू की गई. मिर्ची की बोरियां हटते ही खाकी के भी होश उड़ गए- नीचे टेप से कसकर पैक किए गए गांजे के 440 पैकेट छिपाए गए थे.
जब कुल गांजे का वजन कराया गया, तो वह 440.63 किलोग्राम निकला. बाजार में इस गांजे की कीमत लगभग 2 करोड़ 20 लाख 31 हजार 500 रुपये आंकी गई है. पुलिस ने नशीली खेप के साथ करीब 20 लाख रुपये का मिनी ट्रक भी जब्त कर लिया है. इस तरह कुल जब्ती 2.40 करोड़ रुपये से ज्यादा की है.
प्रयागराज के दो आरोपी धरे गए
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो तस्करों को रंगे हाथों दबोचा:
- मो. वसीम (उम्र 28 वर्ष)
- मो. आसिफ (उम्र 34 वर्ष)
दोनों आरोपी मुंडेरा गांव, थाना धूमनगंज (जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं. शुरुआती पूछताछ में दोनों ने कबूला कि वे यह माल ओडिशा के बोध इलाके से उठाकर प्रयागराज ले जा रहे थे. तपकरा थाने में दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
ऑपरेशन आघात से हड़कंप
डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह की अगुवाई में हुई इस बड़ी कार्रवाई को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, जशपुर पुलिस इस साल जनवरी से अब तक गांजा तस्करी के 16 अलग-अलग मामलों में कुल 1906 किलो गांजा जब्त कर चुकी है और 22 तस्करों को जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर पैनी नजर रखी जा रही है और तस्करी के इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने का अभियान आगे भी जारी रहेगा.
ये भी पढ़ें: इश्क के चक्कर में ग्वालियर से रायगढ़ पहुंचा युवक, जेब खाली हुई तो बन गया शातिर बाइक चोर
ADVERTISEMENT


