सीएम बनना चाहते हैं टीएस सिंहदेव, इसमें गलत क्या: भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को कहा कि उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव सीएम बनना चाहते हैं. यह बात वे सार्वजनिक तौर पर कह रहे…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को कहा कि उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव सीएम बनना चाहते हैं. यह बात वे सार्वजनिक तौर पर कह रहे हैं तो इसमें गलत क्या है.

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इंडिया टुडे ग्रुप की ओर से रायपुर में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ फर्स्ट’ कॉन्क्लेव में चर्चा के दौरान राज्य के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से अनबन दूर होने के सवाल पर सीएम बघेल ने कहा कि उनके बीच संबंध में पहले भी कोई गड़बड़ी नहीं थी. अब भी कोई गड़बड़ी नहीं है.

उन्होंने कहा, “वो मुख्यमंत्री बनना चाहते थे. वो आज भी कहते हैं कि मैं सीएम बनना चाहता हूं. अब ये बात वो सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं. तो उसमें गलत क्या है. इसे आप अनबन कैसे मान सकते हैं?”

बघेल ने कहा कि यहां साधु-संत लोग राजनीति में आ गए हैं. जो राजनीति में आया है क्या वो अपनी इच्छा भी व्यक्त न करे. जो संसार को त्याग देते हैं, गेरुआ वस्त्र धारण कर लेते हैं वो भी कुर्सी की मोह में फिर वापस आ गए हैं.

 

‘भाजपा से मिलकर लड़ेंगे…’

बघेल ने कहा कि घर में चार बर्तन है तो आवाज आएगी. आज शांत हैं. कल फिर हो सकता है. हालांकि उन्होंने आगे कहा, “हम एक साथ मिलकर लड़ रहे हैं. भाजपा से मिलकर लड़ेंगे. बाकी पार्टी तय करेगी.”

ग राज्य के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से अनबन दूर होने के सवाल पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पहले भी कोई गड़बड़ी नहीं थी. अब भी कोई गड़बड़ी नहीं है. वो मुख्यमंत्री बनना चाहते थे. वो आज भी कहते हैं कि मैं सीएम बनना चाहता हूं. अब ये बात वो सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं. तो उसमें गलत क्या है. इसे आप अनबन कैसे मान सकते हैं. यहां साधु-संत लोग राजनीति में आ गए हैं. जो राजनीति में आया है क्या वो अपनी इच्छा भी व्यक्त न करे. जो संसार को त्याग देते हैं, गेरुआ वस्त्र धारण कर लेते हैं वो कुर्सी की मोह में फिर वापस आ गए हैं.

घर में चार बर्तन है तो आवाज आएगी. आज शांत हैं. कल फिर हो सकता है. हम एक साथ मिलकर लड़ रहे हैं. भाजपा से मिलकर लड़ेंगे. बाकी पार्टी तय करेगी.

 

गुजरात मॉडल को लेकर कह दी ये बात…

छत्तीसगढ़ मॉडल और गुजरात मॉडल में अंतर के सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा, “गुजरात मॉडल पूरे नौ साल से हम लोग खोज रहे हैं. लोगों को मिला नहीं. गुजरात के लोग जानते होंगे लेकिन बाकी हिंदुस्तान के लोग इसे ढूंढ रहे हैं.” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और गुजरात के मॉडल में फर्क ये है कि छत्तीसगढ़ में खजाने का जो पैसा है वो आम जनता की जेब में जा रहा है. किसान, मजदूर, लघुवनोपज संग्रहणकर्ता, बेरोजगार, स्वसहायता समूह की महिलाओं के पास पैसा जा रहा है. बघेल ने कहा, “दूसरे शब्दों में कहूं तो छत्तीसगढ़ मॉडल में श्रम का सम्मान, मेहनतकश लोगों का सम्मान कर रहे हैं. हम लोग धान उत्पादकों, मोटे अनाज उत्पादकों और गन्ना उत्पादकों को पूरे देश भर में सबसे ज्यादा दाम दे रहे हैं. इन पांच सालों में तीन करोड़ की जनसंख्या में 40 लाख लोग गरीबी से बाहर आ गए. ये छत्तीसगढ़ मॉडल है. यहां आर्थिक सुधार आया है.”

वहीं गुजरात मॉडल पर तंज कसते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि गुजरात मॉडल में ये है कि हम दो हमारे दो, दो बेच रहे हैं, दो खरीद रहे हैं. इसके अलावा और क्या है? आज देश में महंगाई है , बेरोजगारी है.

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