दिल्ली में एक बार फिर से सियासत गरमा गई है. साउथ दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित दक्षिणी जोन के एमसीडी मुख्यालय पर AAP के निगम पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी हाथ में तख्तियां और शिकायत पत्र लेकर एमसीडी दफ्तर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की. इस हंगामे के दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने एमसीडी के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एमसीडी दफ्तर से खुलकर भ्रष्टाचार का काला धंधा चलाया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ADVERTISEMENT
सैदुलाजाब और मेहरौली हादसे को लेकर फूटा गुस्सा
आम आदमी पार्टी के पार्षदों की इस नाराजगी की मुख्य वजह हाल ही में सैदुलाजाब और मेहरौली में हुए हादसे हैं. पार्षदों का कहना है कि सैदुलाजाब में जो बिल्डिंग गिरी है, उसमें अब तक 6 लोगों की मौत की खबर आ चुकी है और करीब 200 से 250 लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं. इसके अलावा मेहरौली में भी पांच मंजिला अवैध बिल्डिंग के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया. पार्षदों का आरोप है कि इन हादसों के पीछे एमसीडी अधिकारियों और भाजपा की मिलीभगत है, क्योंकि यह दफ्तर एक तरीके से भ्रष्टाचार के मामले में भाजपा का ही दफ्तर बन चुका है.
सिर्फ जेई नहीं, बड़े अधिकारियों पर हो एक्शन
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के 10 निगम पार्षद मौके पर मौजूद रहे. पार्षदों ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर डीसी (DC) साहब को अपना ज्ञापन सौंप दिया है और इसकी रिसीविंग भी ले ली है. पार्षदों की मुख्य मांग है कि इस पूरे मामले में केवल जूनियर इंजीनियर (JE) को सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा. भ्रष्टाचार के इस खेल में शामिल ऊपर के बड़े अधिकारियों जैसे एससी (SC) और एक्सियन (Xen) को केवल सस्पेंड नहीं, बल्कि सीधे नौकरी से टर्मिनेट किया जाना चाहिए.
अधिकारियों के दफ्तरों पर चिपकाए पोस्टर, रेस्क्यू तेज करने की मांग
हंगामे के दौरान आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद राजीव चौधरी और नीरज चौधरी समेत कई नेता एमसीडी दफ्तर के अंदर घुस गए. उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों के कमरों के दरवाजों पर पोस्टर चिपका दिए और उनके दरवाजों को बंद कर दिया. पार्षदों ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मलबे के नीचे दबे मासूम लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज नहीं किया जाता, तब तक नगर निगम के किसी भी अधिकारी को एसी कमरे में बैठने का कोई अधिकार नहीं है. सभी अधिकारियों को दफ्तर छोड़कर तुरंत ग्राउंड पर जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद करनी चाहिए.
दो दिन का अल्टीमेटम, दी चक्का जाम की चेतावनी
एमसीडी के मुख्य गेट पर ताला लगाने के बाद आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया है. पार्षदों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर अगले दो दिनों के भीतर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे चुप नहीं बैठेंगे. आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा और एमसीडी दफ्तर के सामने वाली मुख्य सड़क पर बैठकर चक्का जाम किया जाएगा. पार्षदों ने साफ किया कि आम आदमी पार्टी पीड़ितों के परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाकर ही दम लेगी.
ADVERTISEMENT


