आम आदमी पार्टी और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच चल रही तकरार अब बेहद निजी और कड़वे स्तर पर पहुँच गई है. पार्टी की ओर से राघव चड्ढा पर 'डरपोक', 'मौकापरस्त' और 'एहसान फरामोश' होने का ठप्पा लगाते हुए उन्हें तीन प्रतीकात्मक 'अवार्ड' दिए गए हैं. 'दिल्ली तक' की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी ने चड्ढा के हालिया फिल्मी डायलॉग्स और उनके विदेश दौरे को लेकर तीखे सवाल खड़े किए हैं.
ADVERTISEMENT
"डरपोक नंबर वन": जेल के डर से भाजपा से सेटिंग का आरोप
पार्टी की ओर से जारी बयान में राघव चड्ढा को 'डरपोक नंबर वन' का अवार्ड दिया गया है. आरोप लगाया गया है कि जब अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे दिग्गज नेता जेल में थे, तब राघव चड्ढा गिरफ्तारी के डर से विदेश भाग गए थे.
विदेश दौरा और विंबलडन: चड्ढा ने विदेश जाने का कारण अपनी आंखों का इलाज बताया था, लेकिन पार्टी का आरोप है कि वे वहां विंबलडन के मैच देख रहे थे.
भाजपा से साठगांठ: यह भी दावा किया गया है कि राघव चड्ढा ने जेल जाने से बचने के लिए भाजपा के साथ गुप्त 'सेटिंग' की है और इसीलिए वे अब भाजपा के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलते.
"एहसान फरामोश": उंगली पकड़कर चलना सिखाने वाली पार्टी को दिया धोखा. राघव चड्ढा को दूसरा अवार्ड 'एहसान फरामोश नंबर वन' का दिया गया है. पार्टी का कहना है कि जिस पार्टी ने चड्ढा को राजनीति का ककहरा सिखाया, उन्हें विधायक बनाया, पंजाब का सह-प्रभारी नियुक्त किया और देश का सबसे युवा राज्यसभा सांसद बनाया, आज वे उसी पार्टी की पीठ में छुरा घोंप रहे हैं. पार्टी सूत्रों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल ने हमेशा चड्ढा को उनकी हैसियत से बढ़कर दिया, लेकिन उन्होंने इसकी कद्र नहीं की.
"मौकापरस्त": पाला बदलने और कर्ज उतारने की तैयारी
तीसरा अवार्ड 'मौकापरस्त नंबर वन' के रूप में दिया गया है. आरोप है कि जब चड्ढा को लगा कि आम आदमी पार्टी से जितना मिल सकता था, वे ले चुके हैं, तो उन्होंने पाला बदलने की तैयारी कर ली.
संविधान पर चुप्पी: पार्टी ने सवाल उठाया कि देश के संविधान और चुनाव आयोग जैसे बड़े मुद्दों पर चड्ढा के मुँह में 'दही क्यों जम जाता है'?
बीजेपी का कर्ज: आरोप लगाया गया है कि चड्ढा अब उस 'सेटिंग' का कर्ज उतार रहे हैं जिसने उन्हें जेल जाने से बचाया.
धोबी के कुत्ते जैसी होगी हालत
पार्टी ने राघव चड्ढा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि हर पार्टी आम आदमी पार्टी जैसी उदार नहीं होती और हर नेता अरविंद केजरीवाल नहीं होता. बयान में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा गया कि आने वाले समय में उनकी हालत बेहद खराब होने वाली है और जनता उनका असली चेहरा पहचान चुकी है.
ADVERTISEMENT


