कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर आंदोलन के बाद अब अगले चरण यानी 'सीजन-2' का ऐलान कर दिया है. दिल्ली के एक पार्क में आयोजित वॉलंटियर्स की बैठक के दौरान उन्होंने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस नए सीजन के तहत 15 अगस्त से 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की जाएगी, जिसमें देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों और सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति को सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
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अभिजीत दीपके ने बताया कि यह वॉलंटियर्स मीटिंग पहले इंडोर (होटल में) आयोजित की जानी थी और इसे मीडिया से दूर एक सामान्य चर्चा तक सीमित रखा जाना था. हालांकि, विरोधियों द्वारा होटल प्रबंधन को धमकी दिए जाने के कारण उन्हें अंतिम समय में पार्क में बैठक करनी पड़ी. उन्होंने कहा कि विरोधियों की इन हरकतों की वजह से एक सीमित मीटिंग अब जनता और मीडिया के बीच एक बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम बन गई.
जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता और जनता का बढ़ता भरोसा
अपनी बात रखते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चला आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश की आम जनता का आंदोलन बन गया था. 45 डिग्री की तेज धूप, आंधी, बारिश और लाठीचार्ज के बावजूद कार्यकर्ता वहां डटे रहे. उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी जीत यह रही कि इसने आम लोगों के दिलों से डर को खत्म कर दिया और जनता को सरकार से सवाल पूछने का हौसला दिया है.
15 अगस्त से पूरे देश में चलेगा 'स्कूल ठीक करो' अभियान
बैठक के मुख्य एजेंडे की जानकारी देते हुए अभिजीत दीपके ने बताया कि 15 अगस्त से कॉकरोच जनता पार्टी एक नया राष्ट्रव्यापी अभियान 'स्कूल ठीक करो' शुरू करने जा रही है. इस अभियान के तहत वॉलंटियर्स अपने-अपने गांवों में जाकर सरकारी स्कूलों की हालत का जायजा लेंगे. इसके बाद वे स्थानीय सरपंचों और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम करेंगे.
सरकारी स्कूलों की बदहाली और केंद्र सरकार पर हमला
अभिजीत दीपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के 80 साल पूरे होने के बावजूद देश के गांवों में सरकारी स्कूलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. पिछले 10 वर्षों में लगभग 94,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए, जबकि सरकार ने नई पार्लियामेंट, नया पीएम हाउस और पार्टी दफ्तरों के निर्माण पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर दिए. उन्होंने कहा कि यदि बड़े नेताओं और मंत्रियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते, तो नए भवनों के बजाय सरकारी स्कूलों के सुधार पर ध्यान दिया जाता.
गांव के बच्चों को समान अवसर दिलाने का संकल्प
अभिजीत दीपके ने जोर देकर कहा कि देश का असली भविष्य केवल प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे नहीं, बल्कि गांवों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी हैं. उन्होंने अपने निजी अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं और मार्गदर्शन के अभाव में 14-15 साल के बच्चों को पढ़ाई छोड़कर मजदूरी या गैरेज में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. CJP का लक्ष्य है कि गांव का बच्चा भी आत्मविश्वास से डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देख सके. उन्होंने सभी वॉलंटियर्स से अपने गांवों में जाकर इस अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया.
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