दिल्ली में पुलिस अधिकारियों और वकीलों के बीच हाल ही में सामने आए विवाद और एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के निलंबन (Suspension) के बाद वकीलों ने बड़ा बयान दिया है. इस पूरे मामले को लेकर वकीलों की एसोसिएशन और कमेटी ने अपनी बात रखी है.
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क्या बोले वकील?
वकीलों का कहना है कि गृह मंत्रालय (MHA) का यह कदम एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन ऐसे अधिकारियों के खिलाफ केवल सस्पेंशन ही नहीं, बल्कि डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के बाद टर्मिनेशन (सेवा से बर्खास्तगी) जैसी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. वकीलों ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी अपनी मर्यादा भूलकर इस तरह की बयानबाजी करते हैं जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति और टकराव की स्थिति पैदा होती है.
हड़ताल वापस, लेकिन आगे की रणनीति पर चर्चा जारी
वकीलों की कमेटी ने जानकारी दी कि घटना की जानकारी मिलने के बाद रात को ही 11 सदस्यीय कमेटी की अर्जेंट मीटिंग बुलाई गई थी. इसमें एकमत होकर यह निर्णय लिया गया था कि जब तक एसीपी मनस्वी वशिष्ठ का सस्पेंशन नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. हालांकि, गृह मंत्रालय द्वारा सस्पेंशन की कार्रवाई का आदेश मिलते ही हड़ताल वापस ले ली गई. वकीलों ने बताया कि इस पूरे मामले में आगे की क्या रणनीति होगी, इसे लेकर दोपहर 3 बजे कमेटी की दोबारा बैठक बुलाई गई है जिसमें आगे के कदम पर फैसला लिया जाएगा.
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