E20 पेट्रोल के खिलाफ अरविंद केजरीवाल का बड़ा मोर्चा, शुरू किया देशव्यापी सिग्नेचर कैंपेन

न्यूज तक डेस्क

• 02:40 PM • 14 Jul 2026

अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए StopE20petrol.com पर ऑनलाइन सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया है. जानें कम माइलेज, इंजन खराबी और पेट्रोल के विकल्पों को लेकर क्या हैं उनकी मांगें.

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तस्वीर: अरविंद केजरीवाल के सोशल मीडिया X से.
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देशभर में E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल) को लेकर वाहन मालिकों में बढ़ती चिंताओं के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है. केजरीवाल ने आज औपचारिक रूप से "स्टॉप E20 पेट्रोल" ऑनलाइन सिग्नेचर कैंपेन की शुरुआत की. इस अभियान के तहत जनता StopE20petrol.com वेबसाइट पर जाकर प्रधानमंत्री के नाम भेजी जाने वाली याचिका पर डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए अपना विरोध और चिंताएं दर्ज करा सकती है. 

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"बिना तैयारी के देश पर थोपा जा रहा है E20 पेट्रोल" 

अभियान की शुरुआत करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना किसी ठोस और मुकम्मल तैयारी के E20 पेट्रोल को पूरे देश पर जबरन थोप रही है. उन्होंने कहा, "लाखों वाहन मालिक लगातार शिकायत कर रहे हैं कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से उनकी गाड़ियों का माइलेज घट गया है, इंजन में तकनीकी खराबियां आ रही हैं और जेब पर खर्च बढ़ रहा है. लेकिन सरकार इन गंभीर चिंताओं को सुनने और उनका समाधान करने के बजाय सब कुछ सामान्य बताने की कोशिश में जुटी है."

जनता को मिलना चाहिए शुद्ध पेट्रोल और E10 का भी विकल्प 

केजरीवाल ने लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि जनता की आवाज़ सुनना चुनी हुई सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है, लेकिन मोदी सरकार नागरिकों को कोई दूसरा विकल्प देने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने मांग की कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को तीन विकल्प मिलने चाहिए- 

  • शुद्ध पेट्रोल (Pure Gasoline)
  • E10 पेट्रोल (10% एथेनॉल मिश्रण)
  • E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रण)

उन्होंने कहा कि जब तक जनता को अपनी गाड़ी और जरूरत के हिसाब से ईंधन चुनने की आज़ादी नहीं मिलेगी, तब तक इसे एकतरफा फैसला ही माना जाएगा.

आम और मध्यम वर्ग पर पड़ रही है दोहरी मार 

एथेनॉल ब्लेंडिंग के आर्थिक गणित पर सवाल उठाते हुए 'आप' संयोजक ने कहा कि E20 पेट्रोल की ऊर्जा क्षमता (Energy Density) कम होती है, जिसकी वजह से गाड़ियों का माइलेज स्वाभाविक रूप से गिर जाता है. इसके बावजूद सरकार इस पेट्रोल की कीमतों को सामान्य पेट्रोल के मुकाबले कम नहीं कर रही है. केजरीवाल ने कहा, "यह आम और मध्यम वर्ग के लोगों पर दोहरी मार है. एक तरफ ईंधन की कम क्षमता के कारण गाड़ियों का रनिंग कॉस्ट बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ सर्विसिंग और मेंटेनेंस पर भी लोगों को अपनी जेब से ज्यादा पैसे ढीले करने पड़ रहे हैं."

ग्राउंड सर्वे में सामने आईं इंजन और फ्यूल पंप की समस्याएं 

केजरीवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में उन्होंने खुद कई पेट्रोल पंपों और ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशनों का दौरा किया. इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने अपनी आपबीती साझा की. लोगों का कहना है कि E20 पेट्रोल के आने के बाद से गाड़ियों के फ्यूल पंप, इंजेक्टर और इंजन के अन्य संवेदनशील पार्ट्स में खराबी की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे वाहनों की मरम्मत का सालाना बजट बिगड़ गया है. 

केजरीवाल की केंद्र सरकार से दो प्रमुख मांगें- 

  • यदि सरकार को एथेनॉल ब्लेंडिंग लागू ही रखनी है, तो पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और E20 दोनों का स्पष्ट विकल्प दिया जाए, ताकि उपभोक्ता खुद चयन कर सकें. 
  • कम माइलेज देने वाले E20 पेट्रोल की कीमतों में कटौती की जाए ताकि जनता को आर्थिक राहत मिल सके. 

अरविंद केजरीवाल ने देश के सभी नागरिकों, वाहन मालिकों और प्रभावित वर्गों से अपील की है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और StopE20petrol.com पर जाकर हस्ताक्षर करें, ताकि सरकार को जनता की चिंताओं का सम्मान करने और अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया जा सके.