आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में जबरन लागू किए जा रहे E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित ईंधन) को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. शनिवार को दिल्ली के सर्विस सेंटर्स और पेट्रोल पंपों का दौरा करने के बाद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर E20 पेट्रोल के कारण गाड़ियों के खराब होने की लंबी लाइनें लगी हुई हैं और लोग भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं. झूठे इंटरव्यू और फर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से जमीनी हकीकत नहीं बदलने वाली.
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ग्राउंड जीरो पर पहुंचे केजरीवाल: लोगों ने बयां किया दर्द
दिल्ली के एक बड़े सर्विस सेंटर पर पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने वहां मौजूद मैकेनिक अशरफ और जसवीर सिंह से जब E20 पेट्रोल की जमीनी सच्चाई पूछी, तो उन्होंने चौंकाने वाले खुलासे किए. मैकेनिकों ने बताया कि गाड़ियां इतनी ज्यादा खराब हो रही हैं कि लोग उन्हें धक्का मारकर या क्रेन से खिंचवाकर लाने को मजबूर हैं.
वहां मौजूद लोगों और मैकेनिकों ने ये बड़ी समस्याएं गिनाईं
E20 कंपैटिबल गाड़ियां भी फेल: सर्विस सेंटर पर खड़ी एक हफ्ते पुरानी और E20 अनुकूल (Compatible) होने का दावा करने वाली 2023 मॉडल की होंडा सिटी स्टार्ट ही नहीं हो रही थी. मैकेनिक ने बताया कि गाड़ी लगातार मिसिंग कर रही थी, इसका फ्यूल पंप पूरी तरह डैमेज हो चुका है और इंजेक्टर चोक हो गए हैं.
माइलेज में ऐतिहासिक गिरावट: उक्त होंडा सिटी गाड़ी का माइलेज जो पहले 22 किमी प्रति लीटर था, वह घटकर मात्र 13 किमी रह गया है.
इंजेक्टरों पर कार्बन की मार: मैकेनिकों ने बताया कि एथेनॉल की वजह से इंजेक्टरों पर भारी मात्रा में कार्बन जमा हो रहा है, जिससे कई गाड़ियों में इन्हें महीने में चार-चार बार बदलना पड़ रहा है. चार पीस का एक सेट 7 से 8 हजार रुपये का आता है, जिससे लोग कर्जदार हो रहे हैं.
पुरानी गाड़ियों का दम घुट रहा: सर्विस सेंटर पर अपनी 2017 मॉडल की मारुति कार को क्रेन से बंधवाकर लाए एक मालिक ने बताया कि उनकी गाड़ी हर 500 मीटर पर बंद हो रही थी. इसके स्पार्क प्लग और इंजेक्टर पूरी तरह ठप हो गए हैं. टू-व्हीलर्स (स्कूटी और बाइक) का माइलेज भी घटकर आधा रह गया है.
पेट्रोल पंप पर पहुंचे केजरीवाल, फूटा ग्राहकों का गुस्सा
सर्विस सेंटर के बाद केजरीवाल दिल्ली के एक पेट्रोल पंप पर पहुंचे, जहां ईंधन भरवा रहे आम लोगों ने सीधे तौर पर अपना गुस्सा जाहिर किया.
एक ग्राहक ने बताया कि उनकी 7 साल पुरानी गाड़ी दो महीने में तीन बार खराब हो चुकी है और उन्हें नया फ्यूल पंप डलवाना पड़ा. एसी के साथ जो कार पहले 15 का एवरेज देती थी, अब केवल 5 से 8 का माइलेज दे रही है.
एक अन्य वाहन मालिक ने कहा, "पहले एक फुल टैंक पेट्रोल आराम से 12-13 दिन चलता था, अब वह महज 7 दिनों में खाली हो जाता है. इंजन से लगातार नॉकिंग (खटखटाहट) की आवाजें आ रही हैं."
लोगों ने इस बात पर सबसे ज्यादा नाराजगी जताई कि जब पेट्रोल में सस्ता एथेनॉल मिलाया जा रहा है, तो सरकार इसकी कीमत कम क्यों नहीं कर रही? जनता से शुद्ध पेट्रोल के बराबर पैसे वसूले जा रहे हैं और बदले में उनकी गाड़ियों की लाइफ आधी हो रही है.
"ब्राजील ने 50 साल लगाए, मोदी सरकार ने 3 साल में थोप दिया"
अरविंद केजरीवाल ने इस नीति की तुलना वैश्विक मानकों से करते हुए कहा, "मैंने एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर दुनिया के अन्य देशों का बारीकी से अध्ययन किया है. ब्राजील जैसे देश ने इस तकनीक को पूरी तरह विकसित करने और लागू करने में 50 साल का लंबा वक्त लिया. वहीं, हमारी सरकार ने बिना किसी मुकम्मल तैयारी या टेस्टिंग के महज 3 साल के भीतर इसे देश की जनता पर जबरन थोप दिया है."
केजरीवाल की केंद्र सरकार से दो टूक मांग
ईंधन का विकल्प दे सरकार: पेट्रोल पंपों पर तानाशाही बंद की जाए. ग्राहकों को विकल्प मिलना चाहिए कि वे अपनी इच्छा के अनुसार E20 पेट्रोल लें या फिर शुद्ध (Pure) पेट्रोल लें.
कीमतें कम की जाएं: जब पेट्रोल में भारी मिलावट (ब्लेंडिंग) हो रही है, तो मध्यम वर्ग की जेब राहत देने के लिए E20 पेट्रोल के दाम तुरंत घटाए जाएं। अब पानी मध्यम वर्ग के सिर से ऊपर जा चुका है.
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