अगर भारत में एक मजबूत प्रधानमंत्री होता तो उन हत्याओं के लिए ट्रंप से बिना शर्त माफी की मांग करता- केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फ्रांस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि तीन भारतीयों की हत्या का मुद्दा नहीं उठाया गया और कहा कि देश को एक मजबूत प्रधानमंत्री की जरूरत है. जानिए केजरीवाल ने क्या-क्या कहा.

Arvind Kejriwal News
अरविंद केजरीवाल

न्यूज तक डेस्क

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फ्रांस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हुई मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री की ओर से तीन भारतीयों की हत्या का मुद्दा नहीं उठाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ट्रंप की निगरानी में तीन भारतीयों की हत्या हुई और मुलाकात के दौरान मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति की तारीफ करने में व्यस्त थे. आज अगर भारत में एक मजबूत प्रधानमंत्री होता तो डटकर अपने देश की आवाज उठाता और उन हत्याओं के लिए ट्रंप से बिना शर्त माफी की मांग करता, ना कि उनकी तारीफ करता. प्रधानमंत्री ये तो कह सकते थे कि भारत उम्मीद करता है कि इस कृत्य के लिए अमेरिका बिना शर्त माफी मांगेगा और भविष्य में ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा. अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का लगातार हो रहा अपमान अब बर्दाश्त नहीं होता. अब देश को एक मजबूत प्रधानमंत्री की जरूरत है.

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शनिवार को वीडियो जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरा मन बहुत दुखी है. जिस ट्रंप ने तीन निर्दाेष भारतीयों की निर्मम हत्या कर दी, उसी ट्रंप के साथ मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी जमकर तारीफ की. प्रधानमंत्री ने खूब तारीफ की, लेकिन भारतीयों की हत्या का मुद्दा तक नहीं उठाया. मोदी जी की ऐसा करने की हिम्मत ही नहीं हुई.
 
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जब एक पत्रकार ने ट्रंप से सीधे सवाल किया कि अमेरिका ने तीन भारतीयों की हत्या कर दी है, तो क्या ट्रंप को इसका अफसोस है? ट्रंप ने अहंकार में जवाब दिया और अफसोस जताने से साफ मना कर दिया, जैसे वह भारत को कुछ समझता ही नहीं हो. इतने अपमानजनक जवाब को सुनकर भी हमारे प्रधानमंत्री चुप रहे. आखिर प्रधानमंत्री जी ट्रंप से इतना डरते क्यों हैं? क्या हमारा प्रधानमंत्री इतना कमजोर है?

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि गाली-गलौज करनी है, लेकिन सख्त और सौम्य भाषा में प्रधानमंत्री को अपना विरोध जताना चाहिए था. क्या हम अमेरिका के गुलाम हैं? प्रधानमंत्री जी ट्रंप से इतना तो कह सकते थे कि मिस्टर प्रेसिडेंट, कई भारतीयों पर अमेरिका द्वारा किए गए अकारण हमले पर भारत अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त करता है, जिसमें तीन निर्दाेष भारतीय मारे गए. हमारे लिए हर एक भारतीय की जान कीमती है और हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका इस कृत्य के लिए माफी मांगेगा. हमें आशा है कि भविष्य में ऐसा कभी नहीं दोहराया जाएगा.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री इतना तो कह सकते थे. क्या प्रधानमंत्री को यह नहीं बोलना चाहिए था? आज देश को एक मजबूत और सख्त प्रधानमंत्री की जरूरत है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का लगातार अपमान हो रहा है, जो अब और बर्दाश्त नहीं होता.
 

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