कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रशांत किशोर की जीत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने काफी मेहनत की है और उसी का परिणाम उन्हें मिला है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब देश में युवाओं के असल मुद्दों पर बात होना बेहद जरूरी है. चाहे शिक्षा व्यवस्था हो, बेरोजगारी हो या फिर बिहार में पलायन की गंभीर समस्या, किसी भी राजनीतिक दल को आगे आकर युवाओं के इन मूलभूत सवालों को उठाना ही पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यदि कोई भी दल युवाओं के असल मुद्दों को ईमानदारी से उठाएगा, तो जनता उसे सकारात्मक रिस्पॉन्स जरूर देगी.
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CJP की बैठक और भविष्य की रणनीति
CJP के आंदोलन और देश भर में संगठन के प्रभाव पर बोलते हुए आशुतोष रांका ने बताया कि बीते दो महीनों में कॉकरोच जनता पार्टी देश में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है. इसी आंदोलन को आगे किस दिशा में ले जाना है, इस पर गहन विचार-विमर्श करने के लिए CJP की पूरी लीडरशिप इकट्ठा हुई है. अगले दो दिनों तक शीर्ष नेतृत्व मिलकर आगे की पूरी रणनीति तैयार करेगा, ताकि युवाओं के मुद्दों को और मजबूती से उठाया जा सके.
2 महीने का आंदोलन और एफआईआर की स्थिति
आशुतोष रांका ने खुशी जताते हुए कहा कि देश का युवा अब जाग चुका है और अपने हक के लिए बिना डरे सड़कों पर उतरा है. जंतर-मंतर पर भीषण गर्मी, उमस और बारिश के बीच दो महीने तक चले प्रदर्शन और देशभर में हुए विरोध का ही दबाव था कि सरकार को झुकना पड़ा. 25 जुलाई के बाद कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर दर्ज करने जैसी वादाखिलाफी हुई थी, लेकिन अब ज्यादातर राज्यों में दर्ज मामले वापस ले लिए गए हैं और युवाओं को रिहा कर दिया गया है. जिन राज्यों में कानूनी अड़चनें बची हैं, वहां CJP की लीगल टीम लगातार काम कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि 15-16 साल के बच्चों को डराना सरकार के डर को दर्शाता है और CJP अपने किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ेगी, जरूरत पड़ने पर फिर सड़कों पर उतरा जाएगा.
मोहन भागवत और पीएम की पहल पर प्रतिक्रिया
मुंबई में मोहन भागवत द्वारा जैन जी और युवाओं के साथ चर्चा की पहल पर बात करते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि इतने सालों बाद अगर सब जाग रहे हैं तो यह बहुत अच्छी बात है. CJP ने सभी को युवाओं की बात सुनने के लिए मजबूर कर दिया है. उन्होंने कहा कि भाषणबाजी से हटकर युवाओं की वास्तविक दिक्कतों और परेशानियों को सुनना और उनका समाधान करना ही सही कदम है, जिसका वे स्वागत करते हैं.
झारखंड छात्र आंदोलन और अन्य विवाद
झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) में सुधार तथा पेपर लीक के खिलाफ पिछले 12 दिनों से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि वे छात्रों की मांगों के साथ पूरी तरह खड़े हैं. पूरे देश में पेपर लीक ने बच्चों का भविष्य बर्बाद किया है, इसलिए सरकार को युवाओं की जायज मांगों को अनदेखा नहीं करना चाहिए. वहीं दूसरी ओर, दिल्ली में दर्ज एफआईआर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से जुड़े सवालों को उन्होंने पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ऐसे फ्रिंज एलिमेंट्स केवल 'रील' बनाने और पब्लिसिटी के लिए ऐसा करते हैं, जबकि CJP का मुख्य ध्यान देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की रणनीति बनाने पर है.
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