धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने अपना देशव्यापी आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया था. लेकिन इसी बीच मांगें नहीं पूरी होने के कारण CJP लगातार सरकार को चेतावनी दे रही है. इसी बीच अभिजीत दीपके ने सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है और उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि, अगर गवर्नमेंट नहीं सुधरती है तो वापस से आंदोलन करना पड़ेगा. इससे पहले भी बीती रात अभिजीत दीपके और पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी बात रखते हुए सरकार को चेताया था. आइए विस्तार से समझते है पूरी बात.
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अभिजीत दीपके ने सरकार को दिया अल्टीमेटम
दिल्ली में जब आज CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके से पूछा गया कि क्या वे फिर से नया आंदोलन शुरू करेंगे? इसपर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, हम इसे बहुत जल्द करेंगे. अगर सरकार नहीं मानती है, अगर सरकार नहीं सुधरती है, तो हमें यह करना ही पड़ेगा.' साथ ही उनसे जब कंगना रनौत के Gen-Z पर दिए गए बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, 'उन्हें आखिर कौन ही सीरियसली लेता हैं?'
बीती रात भी सरकार को दी थी चेतावनी
बीती रात भी अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि, 'अगर पुलिस लगातार छात्रों को परेशान करती रही, तो कॉकरोच जनता पार्टी जल्द ही एक बड़े शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए इसका जवाब देगी. सरकार को सरकार को छात्रों को निशाना बनाना और उन्हें परेशान करना बंद करना चाहिए.'
'प्रदर्शन के अलावा नहीं बचेगा कोई चारा'- सौरव दास
वहीं कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी X पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट लिखते हुए सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने अपने पोस्ट में साफतौर पर लिखा कि, 'CJP विरोध प्रदर्शन से जुड़ी PILs (जनहित याचिकाओं) पर भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित अंतरिम आदेश से पूरे देश में चिंता की घंटी बजनी चाहिए. खासकर, निर्देश नंबर 4, जो सरकारों को मौजूदा FIRs पर आगे बढ़ने और जांच करने की अनुमति देता है, बहुत गंभीर चिंताएं पैदा करता है.'
उन्होंने पोस्ट में आगे सरकार से बातचीत का जिक्र करते हुए लिखा कि,
भारत सरकार के लिए अपने वादों को पूरा करने की समय-सीमा खत्म हो रही है. हम एक बार फिर उनसे अपील करते हैं कि वे अपना हर वादा पूरा करें: FIR वापस लें, यह पक्का करें कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई न हो, और उस वादे का अक्षरशः और उसकी भावना के अनुरूप सम्मान करें जिसकी वजह से प्रदर्शन खत्म हुआ था.
उन्होंने आगे लिखा कि, अगर ऐसा नहीं होता है, और जैसा कि पहले ही कहा जा चुका है, तो 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पास उन छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा, जो न केवल अपने लिए, बल्कि इस देश के भविष्य के लिए खड़े हुए थे. जो सरकार अपनी बात से मुकर जाती है, वह युवाओं के चुप रहने की उम्मीद नहीं कर सकती. अगर वादों का सम्मान नहीं किया गया, तो भारत की सड़कें एक बार फिर युवाओं की आवाज बन जाएंगी.
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