CJP के अभिजीत दिपके सहित 4 लोगों पर दर्ज हुई FIR, डीपफेक मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

अनीशा माथुर

• 01:01 PM • 25 Sep 2026

CJP Deepfake Case: दिल्ली में एक 25 वर्षीय महिला की शिकायत पर कथित तौर पर उनकी तस्वीर को AI तकनीक से आपत्तिजनक तरीके से मॉर्फ करने के मामले में FIR दर्ज हुई है. शिकायत में CJP से जुड़े अभिजीत दिपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के नाम लिए गए हैं. जानिए CJP Deepfake Case में FIR, महिला के आरोप और दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई से जुड़ी पूरी जानकारी.

CJP Deepfake Case
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देशभर में इस वक्त CJP यानी 'कॉकरोच जनता पार्टी' की चर्चाएं सुर्खियों में बनी हुई है. CJP लगातार अलग-अलग मुद्दाएं उठा रहा है और सरकार को घेरने का काम कर रहा है. इसी बीच सीजेपी संगठन से जुड़े लोगों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. एक 25 साल की महिला ने सीजेपी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं पर उनकी तस्वीर से छेड़छाड़ करने और डीपफेक तस्वीर बनाने को लेकर FIR दर्ज कराया है. महिला ने इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसपर आज दोपहर बाद सुनवाई हो सकती है. आइए विस्तार से जानते हैं क्या है पूरा मामला.

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किन पर और क्या लगाए आरोप?

25 साल की महिला ने अपने याचिका में सीजेपी के चार कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए है. इसमें CJP संस्थापक अभिजीत दिपके, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह का नाम शामिल है. महिला ने आरोप लगाते हुए कहा है कि जुलाई महीने में हुए सीजेपी प्रदर्शन के दौरान उनकी निजी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई है और विरोध प्रदर्शन के दौरान दिखाया गया है. उन्होंने बताया कि, उनकी प्राइवेट तस्वीरों को AI की मदद से बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सेक्सुअली एक्सप्लिसिट यानी अश्लील डीपफेक तस्वीर तैयार की गई और उसे सार्वजनिक तौर पर फैलाया गया.

FIR दर्ज लेकिन नहीं हुई कोई कार्रवाई!

महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि, इस घटना की वजह से उन्हें काफी मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न को झेलना पड़ा है. हालांकि इस मामले में दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में FIR नंबर 22/2026 पहले ही दर्ज की जा चुकी है. महिला ने अपने याचिका में आरोप लगाते हुए कहा है कि, FIR दर्ज होने के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही की वजह से अभी तक ना तो मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई हुई है और ना ही मेटा प्लेटफॉर्म्स को इन तस्वीरों को हटाने के लिए कोई नोटिस भेजा गया है. इसी वजह से महिला ने अब हाई कोर्ट का रुख किया और तुरंत प्रभाव से इसे हटाने की मांग की है. दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आज ही सुनवाई का फैसला लिया है.

क्या होती है डीपफेक तस्वीर?

डीपफेक तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप लर्निंग तकनीक का उपयोग करके बनाई गई एक ऐसी डिजिटल रूप से हेरफेर की गई फर्जी तस्वीर होती है, जिसमें किसी असली व्यक्ति के चेहरे या शरीर को किसी अन्य व्यक्ति या संदर्भ में इस प्रकार सटीक रूप से फिट किया जाता है कि वह पहली नजर में पूरी तरह असली लगती है.

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