दिल्ली में भारी पुलिस बल के बीच गरजा बुलडोजर, कई नई इमारतें जमींदोज, जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली के बदरपुर क्षेत्र (खड्डा कॉलोनी) में यमुना के ओ-जोन (O-Zone) में बने अवैध और गैर-कानूनी पक्के निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर चला है. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस बड़ी तोड़फोड़ की कार्रवाई में कई नई इमारतें जमींदोज़ कर दी गईं, जिससे वहाँ रह रहे कई गरीब परिवार बेघर हो गए हैं.

दिल्ली में गरजा बुलडोजर
दिल्ली में गरजा बुलडोजर

आशुतोष कुमार

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Delhi Bulldozer Action: देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रशासन का पीला पंजा (बुलडोजर) पूरी ताकत के साथ गरजा है. राजधानी के बदरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जयतपुर वार्ड के खड्डा कॉलोनी इलाके में मंगलवार को बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई. भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रशासन ने यहां बने कई नए और पक्के निर्माणों को जमींदोज़ कर दिया. इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है.

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ओ-जोन (O-Zone) में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

प्रशासन का दावा है कि खड्डा कॉलोनी के इस हिस्से में किया गया पूरा निर्माण पूरी तरह से अवैध और गैर-कानूनी था. दरअसल, यह पूरा इलाका यमुना नदी के पास स्थित 'ओ-जोन' (O-Zone) और प्रसिद्ध इको पार्क से सटा हुआ है. नियमों के मुताबिक, ओ-जोन क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी तरह के पक्के निर्माण की कानूनी रूप से अनुमति नहीं होती है. प्रशासन के अनुसार, यहां नियमों की धज्जियां उड़ाकर नई इमारतें खड़ी की जा रही थीं, जिसके बाद 6 से 7 बुलडोजरों की मदद से इन्हें ढहा दिया गया.

"सामान भी नहीं निकालने दिया..." मलबे में तब्दील हुई आशियाने

ग्राउंड ज़ीरो से सामने आई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि नई बनी ऊंची-ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं. बेघर हुए लोग अब मलबे से अपना कीमती सामान और ईंटें बटोरने को मजबूर हैं. 

मूल रूप से मुजफ्फरनगर की रहने वाली आसिया बेगम ने रोते हुए बताया, "हम 10-15 साल से यहां रह रहे थे. पुलिस ने अचानक आकर पूरा घर पलटा दिया और हमें अपना सामान निकालने तक का वक्त नहीं दिया. हमारा आटा-चक्की सब मलबे के नीचे दब गया." वहीं, बरेली के रहने वाले एक अन्य शख्स ने बताया कि वे यहां पिछले 20 सालों से रहकर खेतीबाड़ी और जमीन की देखभाल का काम करते थे.

खेती की इजाजत, निर्माण पर पाबंदी

दिल्ली के इस मैदानी इलाके में बाहर से आए कई गरीब परिवार और मजदूर वर्ग के लोग जमीन मालिकों के प्लॉट्स पर रहकर खेतीबाड़ी और सब्जी उगाने का काम करते हैं. कानूनन इस क्षेत्र में खेतीबाड़ी करने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन जैसे ही यहां पक्के कमरों या इमारतों का अवैध ढांचा खड़ा किया जाता है, प्रशासन सक्रिय हो जाता है. इसी के तहत मंगलवार सुबह भारी संख्या में दिल्ली पुलिस की गाड़ियों और प्रशासनिक अमले ने पहुंचकर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया. 

 

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