'मैं सेक्स वर्कर हूं तो क्या मेरा गैंगरेप करेंगे?' दिल्ली बस कांड की पीड़िता का छलका दर्द, किया बड़ा खुलासा

Delhi Bus Gangrape Update: दिल्ली की चलती स्लीपर बस में हुए कथित गैंगरेप मामले की पीड़िता ने कैमरे पर अपना दर्द बयां किया है. पीड़िता ने कहा कि मजबूरी में सेक्स वर्क करने का मतलब यह नहीं कि कोई उसके साथ दरिंदगी करे. 'निर्भया 2.0' कहे जा रहे इस मामले में महिला ने बस कंडक्टर और आरोपियों पर जबरन बस में खींचने और गैंगरेप का आरोप लगाया है. जानिए पीड़िता के खुलासे.

Delhi Bus Gangrape Case Update
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न्यूज तक डेस्क

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देश की राजधानी दिल्ली में 11 और 12 मई की दरमियानी रात एक स्लीपर बस में हुई दरिंदगी ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है. इस वारदात को 'निर्भया 2.0' कहा जा रहा है क्योंकि ठीक 14 साल पहले दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में ऐसी ही हैवानियत को अंजाम दिया गया था. अब इस पूरे मामले में खुद गैंगरेप पीड़िता सामने आई है और उसने कैमरे पर रोते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पीड़िता ने समाज और सिस्टम के सामने एक बेहद गंभीर सवाल खड़ा किया है कि अगर वह अपनी मजबूरियों के कारण सेक्स वर्कर है, तो क्या किसी को उसका गैंगरेप करने का हक मिल जाता है?

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चरित्र हनन और समाज के तानों से आहत है पीड़िता

घटना के बाद के हालातों को बयां करते हुए गैंगरेप पीड़िता ने कैमरे पर रोते हुए बताया कि मीडिया के कैमरे उसके घर तक पहुंच गए हैं, जिससे पूरी झुग्गी-झोपड़ी में सबको इस बात का पता चल चुका है कि उसके साथ क्या हुआ है. वह अपने परिवार के साथ रहती है और उसने बेहद मजबूरी में कुछ ही दिन पहले सेक्स वर्क का काम शुरू किया था, जिसके बारे में उसके घर वालों को भी कोई जानकारी नहीं थी.

पीड़िता का दर्द है कि अब लोग उसके साथ हुई दरिंदगी पर बात करने के बजाय उसके काम को लेकर उसका चरित्र हनन कर रहे हैं. पीड़िता ने स्पष्ट किया कि भले ही वह घर चलाने के लिए सेक्स वर्क कर रही थी, लेकिन उस रात वह इस काम के लिए घर से बाहर नहीं निकली थी. वह उस समय अपने भाई का कमरा बदलवाकर वापस अपने घर लौट रही थी.

बस कंडक्टर ने बुलाया और जबरन अंदर खींच लिया

वारदात की खौफनाक रात को याद करते हुए पीड़िता ने बताया कि बस स्टैंड पर एक स्लीपर बस रुकी थी, जिसके कंडक्टर ने उसे आवाज देकर बुलाया. जब वह बस के दरवाजे के पास खड़ी होकर बात कर रही थी, तो उसने किसी भी तरह का काम करने से साफ मना कर दिया था. इसके बावजूद आरोपियों ने उसे जबरन बस के भीतर खींच लिया. आरोपियों ने उसे सेक्स के बदले पैसे देने की बात कही थी, लेकिन पीड़िता ने लगातार उनके प्रस्ताव को ठुकराया. 

पीड़िता के मुताबिक उस वक्त बस में कुल पांच लोग मौजूद थे, जिनमें से एक व्यक्ति सो रहा था. आरोपी पूरी रात उसे अपने पास बंधक बनाकर रखना चाहते थे और जब उसने बार-बार मना किया, तो उनमें से दो लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया. पीड़िता ने यह भी साफ किया कि आरोपियों से उसकी कोई पुरानी जान-पहचान नहीं थी.

गंभीर रूप से बीमार पति और तीन बेटियों की मजबूरी

कैमरे पर फूट-फूटकर रोते हुए पीड़िता ने अपनी लाचारी की कहानी भी साझा की. उसने बताया कि उसके पति पिछले कई सालों से गंभीर रूप से बीमार हैं और घर में कोई दूसरा कमाने वाला सदस्य नहीं है. उसकी तीन छोटी बेटियां हैं जिनका पेट भरने और परवरिश के लिए उसने कई अन्य काम ढूंढने की कोशिश की थी, लेकिन कोई ऐसा काम नहीं मिला जिससे घर का खर्च चलाया जा सके. 

इसी घोर मजबूरी के चलते उसने कुछ दिन पहले ही यह कदम उठाया था. पीड़िता का कहना है कि तीन बच्चियों की मां अगर घर से बाहर कदम निकाल रही है तो वह उसकी मजबूरी है, और किसी को भी उसकी इस मजबूरी का नाजायज फायदा उठाने का अधिकार नहीं है.

इंसाफ मिलने तक लड़ूंगी कानूनी लड़ाई

पीड़िता ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि वह इस मुकदमे को तब तक लड़ेंगी जब तक कि उन्हें पूरा इंसाफ नहीं मिल जाता. उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी अकेले की सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश की उन हजारों लड़कियों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है जो सड़कों पर निकलती हैं; सड़क पर खड़ी हर लड़की को सुरक्षा का उतना ही अधिकार है जितना किसी अन्य महिला को. पीड़िता ने संकल्प जताया कि वह अपनी तीनों बेटियों को अच्छी शिक्षा देना चाहती हैं और जो दुखद परिस्थितियां उन्होंने खुद झेली हैं, वह नहीं चाहतीं कि उनकी बेटियों को कभी उनका सामना करना पड़े. आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए वह पीछे नहीं हटेंगी, चाहे इसके लिए उन्हें पुलिस स्टेशन और अदालत के कितने ही चक्कर क्यों न काटने पड़ें.

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