Delhi Double Death: न्यू राजेंद्र नगर में बंद मकान से आ रही थी बदबू, अंदर का नजारा देख उड़े होश

New Rajendra Nagar Case: दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर में एक बंद कोठी से दो बुजुर्ग महिलाओं के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. जानिए कैसे बदबू आने पर खुला डबल डेथ का राज, कौन थीं मृतक महिलाएं, क्या है पुलिस की शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से क्या खुलासा हो सकता है.

Delhi Crime News
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हिमांशु मिश्रा

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राजधानी दिल्ली के बेहद पॉश इलाके न्यू राजेंद्र नगर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक कोठी के अंदर दो बुजुर्ग महिलाओं के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया है और मामले की तफ्तीश में जुट गई है.

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सालों से कोठी में अकेली रह रही थीं दोनों महिलाएं

मृतक महिलाओं की पहचान चंद्रकांता और सरोज के रूप में हुई है. इनमें से चंद्रकांता की उम्र 80 साल थी और वह रिश्ते में भाभी लगती थीं, जबकि सरोज की उम्र 78 साल थी जो उनकी ननद थीं. ये दोनों बुजुर्ग महिलाएं पिछले कई सालों से इस बड़े मकान में बिल्कुल अकेली रह रही थीं. कोठी के काम के लिए एक कामवाली जरूर रखी गई थी, लेकिन उसका काम सिर्फ घर के बाहरी हिस्से की साफ-सफाई करना था. वह मेड भी रोजाना कोठी पर नहीं आती थी.

कामवाली के आने पर हुआ घटना का खुलासा

इस दर्दनाक घटना का खुलासा गुरुवार की सुबह तब हुआ जब मेड काम करने के लिए कोठी पर पहुंची. जैसे ही वह मकान के पास आई, उसे अंदर से बेहद तेज बदबू महसूस हुई. कुछ अनहोनी की आशंका होने पर उसने तुरंत इस बात की जानकारी इन महिलाओं के रिश्तेदारों और परिवार के अन्य लोगों को दी, जिसके बाद फौरन पुलिस को भी सूचित किया गया. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जब घर का दरवाजा खोला गया, तो अंदर चंद्रकांता और सरोज दोनों मृत अवस्था में पड़ी हुई मिलीं.

गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं ननद-भाभी

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों बुजुर्ग महिलाएं काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं. कोठी में रहने वाली 80 वर्षीय चंद्रकांता पूरी तरीके से 'बेड रिडन' थीं, यानी वह बीमारी के कारण बिस्तर से उठने-बैठने में भी असमर्थ थीं. वहीं उनकी 78 वर्षीय ननद सरोज भी शारीरिक रूप से काफी कमजोर थीं और केवल किसी चीज का सहारा लेकर ही चल पाती थीं. इस लाचारी के बावजूद सरोज ही अपनी बीमार भाभी चंद्रकांता की देखरेख और उनका पूरा ध्यान रखती थीं.

लूटपाट या जबरन एंट्री के सबूत नहीं, पोस्टमार्टम का इंतजार

दोनों महिलाओं की मौत किन परिस्थितियों में और कैसे हुई, इसकी सटीक वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शवों को कब्जे में ले लिया गया है और पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा. हालांकि, शुरुआती जांच में पुलिस को घर के अंदर किसी के भी जबरन घुसने के कोई निशान नहीं मिले हैं. इसके साथ ही घर के अंदर किसी भी तरह की लूटपाट या तोड़फोड़ के सबूत भी नहीं पाए गए हैं, जिससे पुलिस फिलहाल इसमें किसी बाहरी साजिश या 'फाउल प्ले' की आशंका से इनकार कर रही है. पुलिस हर एंगल से मामले की बारीकी से जांच कर रही है.

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