अगर आप भी दिल्ली के ब्रिटानिया चौक, गुरु हरकिशन रोड या शकुरबस्ती रेलवे स्टेशन के आसपास लगने वाले रोजाना के भारी ट्रैफिक जाम से परेशान रहते हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है. दिल्ली सरकार ने इस पूरे इलाके को ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार की ओर से ब्रिटानिया चौक से लेकर आउटर रिंग रोड तक, गुरु हरकिशन रोड के रास्ते एक शानदार 6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड (फ्लाईओवर) बनाने की महा परियोजना को तैयार किया गया है. इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने के बाद उत्तर और पश्चिमी दिल्ली के लाखों वाहन चालकों को जाम के झाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
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प्रोजेक्ट की शुरुआती तैयारियों को मिली मंजूरी
इस महा परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने शुरुआती स्तर की तैयारियों को अपनी प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है. इस प्रोजेक्ट के लिए सलाहकार सेवाएं यानी कंसल्टेंसी सर्विसेज और फिजिबिलिटी स्टडी के लिए करीब 2 करोड़ 19 लाख रुपये की प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति जारी की गई है. पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता द्वारा इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव 15 मई 2026 को भेजा गया था, जिसे दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव ने 23 जून 2026 को ई-फाइल के जरिए मंजूरी दे दी है.
इन प्रमुख इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
इस 6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के बन जाने से दिल्ली और उसके आसपास के लाखों लोगों को सीधे तौर पर बड़ा फायदा होने जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के तैयार होने से शकुरबस्ती, वजीरपुर, लॉरेंस रोड, केशवपुरम, त्रिनगर, पंजाबी बाग और अशोक विहार जैसे घने रिहाइशी और इंडस्ट्रियल (औद्योगिक) इलाकों को सीधा लाभ पहुंचेगा. इसके बन जाने से ब्रिटानिया चौक और उसके आसपास की सड़कों पर गाड़ियों का भारी दबाव पूरी तरह से कम हो जाएगा. साथ ही, गुरु हरकिशन रोड (रोड नंबर 43) पर लोगों का सफर बेहद तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगा.
रेलवे यात्रियों और मालवाहकों की राह होगी आसान
इस नए कॉरिडोर के निर्माण से सबसे बड़ी राहत शकुरबस्ती रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को मिलने वाली है. स्टेशन तक पहुंचना अब बेहद आसान हो जाएगा, जिससे ट्रेन पकड़ने वाले मुसाफिरों को रास्ते में लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से नहीं जूझना पड़ेगा. इसके अलावा, हरियाणा की ओर से दिल्ली में आने-जाने वाले मालवाहक और व्यावसायिक वाहनों का आवागमन भी काफी आसान हो जाएगा. इंडस्ट्रियल एरिया तक माल की ढुलाई तेज होने से इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और नए इन्वेस्टमेंट्स को भी एक नया व बड़ा बूस्ट मिलने की संभावना जताई जा रही है.
समय, ईंधन की बचत और प्रदूषण में आएगी कमी
ट्रैफिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस एलिवेटेड रोड के चालू होने से न केवल आम जनता का कीमती समय बचेगा, बल्कि बार-बार लगने वाले जाम से मुक्ति मिलने के कारण ईंधन की भी भारी बचत होगी. गाड़ियों के सुचारू रूप से चलने के कारण इस क्षेत्र में होने वाले वायु प्रदूषण में भी बड़ी कमी दर्ज की जाएगी. कुल मिलाकर देखा जाए तो दिल्ली सरकार के इस बड़े कदम से उत्तर और पश्चिमी दिल्ली की इस पूरी बेल्ट की सूरत बदलने वाली है.
टेंडर प्रक्रिया शुरू, जल्द तैयार होगी DPR
इस प्रोजेक्ट की फाइल अब तेजी से आगे बढ़ रही है और काम को गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान चुनी जाने वाली सलाहकार एजेंसी के चयन हेतु टेंडर प्रक्रिया को जारी कर दिया गया है. टेंडर के माध्यम से चुनी जाने वाली एजेंसी इस पूरे रूट का एक विस्तृत ट्रैफिक सर्वे करेगी और इसकी फिजिबिलिटी स्टडी (व्यावहारिकता अध्ययन) करेगी. इसके साथ ही, अलाइनमेंट तय करने और लागत का पूरा अनुमान लगाने के बाद एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, जिसके बाद जमीन पर कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया जा सकेगा.
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