उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. दिल्ली में पिंक लाइन के विस्तार के साथ बन रहे दिल्ली के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर (Double Decker Flyover) का काम अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है. दिल्ली सरकार और डीएमआरसी (DMRC) की इस साझा परियोजना के शुरू होने का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है.
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दिवाली तक बनकर तैयार होगा रैंप
1.4 किलोमीटर लंबे इस अनोखे फ्लाईओवर का ढांचा लगभग तैयार है, लेकिन दोनों तरफ उतरने और चढ़ने वाले रैंप का काम रुका हुआ था. अब डीएमआरसी ने इन रैंप को बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है. अनुमान है कि अगले डेढ़ से दो महीनों में टेंडर फाइनल हो जाएगा और उसके बाद 6 महीने के भीतर, यानी दिवाली के आसपास, यह फ्लाईओवर वाहनों के लिए पूरी तरह खुल जाएगा.
पेड़ों की बाधा हुई दूर
इस प्रोजेक्ट के भजनपुरा और ब्रजपुरी की ओर रैंप बनाने के रास्ते में करीब 80 से ज्यादा हरे पेड़ आ रहे थे. लंबे समय से ये पेड़ काम में बाधा बने हुए थे, लेकिन अब इन पेड़ों को हटाने की मंजूरी मिलने और काम पूरा होने के बाद रैंप बनाने का रास्ता साफ हो गया है. सरकार ने इसके निर्माण के लिए जरूरी फंड भी जारी कर दिया है.
क्या है डबल डेकर फ्लाईओवर की खासियत?
यह दिल्ली का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जहां एक ही पिलर पर दो स्तर होंगे:
ऊपरी हिस्सा: यहां से मेट्रो ट्रेन गुजरेगी (जमीन से 18.5 मीटर की ऊंचाई पर).
निचला हिस्सा: यहां वाहनों के लिए 6-लेन की सड़क होगी (जमीन से 9.5 मीटर की ऊंचाई पर).
इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 200 करोड़ रुपये है.
किन इलाकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
भजनपुरा, यमुना विहार और आसपास के इलाकों में सुबह और शाम के पीक आवर्स में भीषण जाम की समस्या रहती है. इस फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद: भजनपुरा, यमुना विहार, मौजपुर, गंगा विहार, ब्रह्मपुरी, करावल नगर और बुराड़ी के लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा. स्थानीय जाम में फंसे बिना वाहन चालक 1.4 किलोमीटर का सफर मिनटों में तय कर सकेंगे.
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