"बिल भरो वरना कटेगा नल!", दिल्ली में ठगों के इस मैसेज ने मचाया हड़कंप, जल बोर्ड ने रातों-रात ऐसे निकाला समाधान

दिल्ली जल बोर्ड ने पानी के बिल के नाम पर हो रही साइबर ठगी को रोकने के लिए अपने पोर्टल में बड़ा सुरक्षा बदलाव किया है, जिसके तहत अब बिना OTP के कोई भी जानकारी साझा नहीं की जाएगी. विभाग ने उपभोक्ताओं को कनेक्शन काटने की धमकी देने वाले फर्जी कॉल और मैसेज से सतर्क रहने की सलाह दी है.

दिल्ली जल बोर्ड
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अगर आपके मोबाइल पर दिल्ली जल बोर्ड के नाम से कोई ऐसा मैसेज आया है जिसमें बकाया बिल न भरने पर कनेक्शन काटने की धमकी दी गई है, तो सावधान हो जाइए. यह साइबर ठगों का एक नया जाल हो सकता है. दिल्ली में पिछले कुछ समय से पानी के बिल के नाम पर हो रही ठगी को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने अपने पोर्टल में एक बहुत बड़ा सुरक्षा अपडेट किया है, ताकि आपके बैंक खाते को सुरक्षित रखा जा सके.

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क्या था वो 'लूपहोल' जिसका फायदा उठा रहे थे ठग?

अब तक दिल्ली जल बोर्ड की वेबसाइट पर एक बड़ी तकनीकी खामी थी. कोई भी व्यक्ति सिर्फ 10 अंकों का के.एन.ओ. (KNO) नंबर डालकर किसी भी उपभोक्ता का नाम, पता और मोबाइल नंबर आसानी से देख सकता था. साइबर अपराधी इसी डेटा का इस्तेमाल कर लोगों को असली अधिकारी बनकर फोन करते थे और उन्हें डरा-धमकाकर या फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर उनके खाते खाली कर देते थे. दिल्ली पुलिस के अनुसार, शहर के कुल साइबर अपराधों में से करीब 20% मामले अकेले जल बोर्ड के नाम पर हो रहे थे.

जल बोर्ड का नया 'सुरक्षा कवच'

अपने करीब 29 लाख उपभोक्ताओं के डेटा को सुरक्षित करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने अब पोर्टल को अपडेट कर दिया है. अब बदलाव के बाद:

  • केवल रजिस्टर्ड यूजर ही लॉगिन कर पाएंगे.
  • बिना वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के कोई भी जानकारी एक्सेस नहीं की जा सकेगी.
  • उपभोक्ता अब लॉगिन करने के बाद सिर्फ अपनी ही जानकारी देख पाएंगे, दूसरों की डिटेल पूरी तरह ब्लॉक कर दी गई है.

साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?

दिल्ली जल बोर्ड ने साफ चेतावनी दी है कि विभाग कभी भी फोन पर आपसे आपकी बैंकिंग जानकारी या पिन नहीं मांगता.

  • हेल्पलाइन नंबर: किसी भी शंका की स्थिति में दिल्ली जल बोर्ड की हेल्पलाइन 1916 पर कॉल करें.
  • साइबर क्राइम रिपोर्ट: अगर आप ठगी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत 1930 पर संपर्क करें.
  • आधिकारिक पोर्टल: बिल भुगतान के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें.

याद रखें, सतर्कता ही बचाव है. किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई अनजान ऐप डाउनलोड करें.

 

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