देश की राजधानी दिल्ली की सूरत और सीरत बदलने के लिए सरकार ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एक हाई-प्रोफाइल मुलाकात की है. इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक के बाद सरकार ने एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है जो दिल्ली की पूरी तस्वीर को बदल कर रख देगा. इस बैठक में सरकार ने तय किया है कि 1 जनवरी तक दिल्ली में जितनी भी झुग्गी बस्तियां बसी हुई हैं, उन सभी के रहने वालों को झुग्गी पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा. इसका सीधा मतलब यह है कि अब दिल्ली को पूरी तरह से झुग्गी मुक्त बनाने और हर हाथ को पक्का मकान देने की तैयारी पूरी हो चुकी है.
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16 जून को तैयार हुई थी महाप्लान की रूपरेखा
इस पूरे महत्वाकांक्षी प्लान की रूपरेखा 16 जून को ही तैयार हो गई थी, जब देश के गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली को पूरी तरह से झुग्गी मुक्त बनाने को लेकर एक हाई-लेवल मीटिंग की थी. उसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की और दिल्ली सरकार के इस बड़े फैसले पर अपनी मुहर लगाई.
मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुलाकात की तस्वीरें और पोस्ट शेयर करते हुए जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि दिल्ली के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों, विशेषकर जन कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए उन्हें गृह मंत्री अमित शाह का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है. सीएम ने आगे कहा कि जनसेवा के प्रति अमित शाह की निष्ठा और समर्पण हम सभी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है.
कल्याणकारी योजनाओं को रफ्तार देने पर फोकस
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में सिर्फ झुग्गी पुनर्वास का मुद्दा ही शामिल नहीं था, बल्कि दिल्ली में चल रही केंद्र और राज्य सरकार की तमाम बड़ी कल्याणकारी योजनाओं को रफ्तार देने पर भी गहन चर्चा हुई. इस समय दिल्ली में पीएम उदय योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और आयुष्मान योजना जैसी कई बड़ी योजनाएं जमीनी स्तर पर चल रही हैं. सरकार का पूरा फोकस इस बात पर केंद्रित है कि इन सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ दिल्ली के सबसे गरीब और पिछड़े वर्ग यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी रुकावट के सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचे.
यमुना सफाई, प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
गरीबों को घर और मकान देने के साथ-साथ दिल्ली के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और पर्यावरण को लेकर भी इस बैठक में गंभीर मंथन किया गया है. दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली यमुना नदी को साफ करने का काम इस समय युद्ध स्तर पर चल रही है, जिसकी बैठक के दौरान समीक्षा की गई.
इसके अलावा दिल्ली वासियों को रोज-रोज के कष्टदायक ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने और प्रदूषण की गंभीर समस्याओं को हल करने के लिए राजधानी में कई बड़ी सड़क परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है. इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद दिल्ली का ट्रैफिक ना सिर्फ सुगम और स्मूथ होगा, बल्कि यहां की हवा भी साफ होगी. केंद्र और दिल्ली सरकार के इस साझा प्रयास से साफ है कि आने वाले दिनों में लाखों झुग्गी वासियों को अपने पक्के मकान का सपना पूरा होते हुए दिखने वाला है.
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