देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद डरावना और हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर इलाके में एक चार मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. बुधवार की शाम को हुआ यह हादसा किसी फिल्म के सेट जैसा खौफनाक था, जहां एक हंसता-खेलता आशियाना चंद सेकंडों में मलबे के ढेर में तब्दील हो गया और चारों तरफ धूल का गुबार और लोगों की चीख-पुकार गूंज उठी. राहत की बात यह रही कि समय रहते सूझबूझ दिखाने की वजह से एक बहुत बड़ी जनहानि टल गई, लेकिन हादसे ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है.
ADVERTISEMENT
शाम के वक्त अचानक जमींदोज हुई बहुमंजिला इमारत
मामला करावल नगर के प्रकाश विहार गली नंबर दो का है, जो उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सीमा से सटा हुआ इलाका है. बुधवार शाम करीब साढ़े 6 बजे करावल नगर थाने को सूचना मिली कि एक बहुमंजिला इमारत अचानक जमींदोज हो गई है. इमारत गिरने की खबर मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए आनन-फानन में दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर दौड़ पड़ीं.
हादसे के पीछे की चौंकाने वाली वजह आई सामने
प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे की वजह बेहद चौंकाने वाली है. दरअसल, इस मकान के पास उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे इलाके में नागरिक विभाग द्वारा एक बड़े नाले के निर्माण और मरम्मत का काम किया जा रहा था. सड़क को चौड़ा करने और नाला बनाने के लिए जेसीबी से खुदाई चल रही थी. इसी खुदाई के चलते बुधवार सुबह और दोपहर से ही इस चार मंजिला इमारत की दीवारों में भयंकर दरारें दिखाई देने लगीं और मकान एक तरफ झुकने लगा था. खतरा सिर पर मंडराता देख मकान मालिक और स्थानीय प्रशासन ने सूझबूझ दिखाई और दोपहर में ही पूरी बिल्डिंग को एहतियातन खाली करा लिया गया.
किराएदारों का फूटा दर्द, बोले- 'हम रोड पर आ गए'
भले ही इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस बिल्डिंग में रहने वाले किराएदारों का सबकुछ तबाह हो गया है. मकान में पिछले 3 साल से रहने वाले एक किराएदार (उमेश) ने बताया कि नाले की खुदाई कर रही जेसीबी मशीन ने मकान का बीम (पिलर) तोड़ दिया था, जिसकी वजह से मकान लटक गया. उन्होंने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि जब यह हादसा हुआ तब वह और उनकी पत्नी अपनी-अपनी नौकरी पर गए हुए थे. मकान मालिक का फोन आने के बाद जब तक वे वापस लौटते, तब तक देर हो चुकी थी. उनका सारा सामान, जरूरी दस्तावेज, कैश और सिलेंडर सब कुछ मलबे में दबकर नष्ट हो गया. पीड़ित परिवार ने अब शासन-प्रशासन से रहने की जगह और मुआवजे की गुहार लगाई है.
पड़ोसी मकानों पर भी मंडराया खतरा
इस चार मंजिला इमारत के गिरने का असर आस-पास के मकानों पर भी पड़ा है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब यह बिल्डिंग भरभराकर नीचे गिरी, तो इसके छज्जे टूटने की वजह से बगल वाले मकान में भी भारी दरारें आ गई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पड़ोसी मकान भी अब पूरी तरह से डैमेज हो चुका है और वह कभी भी गिर सकता है. निवासियों ने मांग की है कि एमसीडी (MCD) को तुरंत कार्रवाई करते हुए उस डैमेज मकान को भी खाली करा देना चाहिए ताकि आगे कोई और बड़ी दुर्घटना या जानमाल का नुकसान न हो.
लापरवाही की जांच में जुटी पुलिस
इस भयानक हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि समय रहते लिए गए फैसलों की वजह से कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ. फिलहाल, दिल्ली पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की बारीकी से जांच कर रही हैं. जांच इस बात को लेकर की जा रही है कि क्या नाले के निर्माण कार्य के दौरान नागरिक विभाग या ठेकेदार द्वारा भारी लापरवाही बरती गई थी और इस पूरे नुकसान का असली जिम्मेदार कौन है.
ADVERTISEMENT


