दिल्ली की महिलाओं के लिए इंतजार की घड़ियां अब खत्म होने वाली हैं. विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया एक बड़ा वादा अब हकीकत बनने जा रहा है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार अपनी सबसे महत्वाकांक्षी योजना, जिसे 'मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना' या अब 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के नाम से जाना जाएगा, उसे लॉन्च करने की पूरी तैयारी कर चुकी है. जून 2026 से दिल्ली की लाखों महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक मदद पहुंचनी शुरू हो जाएगी. सरकार ने इस योजना के लिए अपने पहले बजट में 5100 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है.
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योजना का नया नाम और उद्देश्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा शुरू की जा रही इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सीधे नकद प्रोत्साहन देकर उन्हें सशक्त बनाना है. पहले इस योजना का नाम 'मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना' प्रस्तावित किया गया था, लेकिन ताजा जानकारी के मुताबिक इसे 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के नाम से पेश किया जा सकता है. सरकार का अनुमान है कि इस योजना से दिल्ली की करीब 17 से 18 लाख महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा.
पात्रता के कड़े नियम और शर्तें
इस योजना का लाभ हर किसी को नहीं मिलेगा, क्योंकि सरकार ने इसके लिए कुछ सख्त नियम तय किए हैं. सबसे पहली शर्त उम्र की है, जिसके तहत महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए. आय सीमा को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है, परिवार की कुल वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए. यदि आपकी सालाना कमाई 5 लाख से ज्यादा है, तो आप आवेदन के पात्र नहीं होंगे. इसके अलावा, यदि परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है या महिला के नाम पर कोई चार पहिया वाहन पंजीकृत है, तो उन्हें इस योजना के दायरे से बाहर रखा जाएगा. साथ ही, यदि महिला पहले से किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ ले रही है, तो वह 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के लिए योग्य नहीं मानी जाएगी. सरकार 'एक परिवार, एक लाभ' के सिद्धांत पर भी विचार कर रही है.
इन जरूरी दस्तावेजों को रखें तैयार
योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अभी से तैयार कर लेने चाहिए ताकि ऐन वक्त पर कोई परेशानी न हो. इसमें सबसे अहम 'इनकम सर्टिफिकेट'है, जो यह साबित करेगा कि आपकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा के भीतर है. इसके अलावा पहचान और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है. योजना की राशि सीधे बैंक खाते में 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर'(DBT) के जरिए भेजी जाएगी, इसलिए एक सक्रिय बैंक खाता होना जरूरी है जो आधार से लिंक हो. अंत में, आवेदकों को एक 'सेल्फ डिक्लेरेशन' भी देना होगा, जिसमें वे प्रमाणित करेंगी कि उनके द्वारा दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह सत्य हैं.
जून में लॉन्च होगा पोर्टल और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
सरकार इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है. जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 को एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया जा सकता है. इसी पोर्टल के माध्यम से महिलाएं घर बैठे अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगी और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर पाएंगी. हालांकि विपक्ष इस योजना में हो रही देरी को लेकर सवाल उठा रहा है, लेकिन सरकार जून से इसे लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रही है. आवेदन के बाद वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी काफी सख्त रखी जाएगी ताकि आर्थिक मदद केवल वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक ही पहुंचे.
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