दिल्ली MCD में वार्ड समिति चुनाव के बाद AAP ने क्यों सस्पेंड कीं 3 महिला पार्षद? सामने आई इनसाइड स्टोरी

वैशाली

18 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 18 2026 9:01 AM)

AAP Councillor Suspended News: दिल्ली नगर निगम के वार्ड समिति चुनावों के बाद आम आदमी पार्टी में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया. क्रॉस वोटिंग के आरोप में तीन महिला पार्षदों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया. उधर बीजेपी ने 12 में से 10 वार्ड समितियों पर कब्जा जमाकर MCD की सियासत का पूरा समीकरण बदल दिया.

दिल्ली MCD में वार्ड समिति चुनाव के बाद AAP में मचा बवाल (फाइल फोटों)
दिल्ली MCD में वार्ड समिति चुनाव के बाद AAP में मचा बवाल (फाइल फोटो)
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Delhi MCD Ward Committee Election: दिल्ली नगर निगम (MCD) के वार्ड समिति चुनावों के नतीजों के बाद से आम आदमी पार्टी में हलचल मची हुई है. इसी क्रम में गुरुवार को पार्टी ने अपनी ही तीन महिला पार्षदों को सस्पेंड कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, इन महिला पार्षदों पर चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करने का गंभीर आरोप लगा है. एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी के अंदर यह बड़ी कार्यवाही हुई वहीं दूसरी तरफ BJP ने नतीजों में ऐसा दांव चला जिससे आम आदमी पार्टी हैरान रह गई. चलिए  इस खबर में जानते हैं कि MCD के वार्ड समिति चुनावों में ऐसे क्या हुआ है और कौन हैं वो चेहरे जिन्हें किया गया सस्पेंड.

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इन तीन महिला पार्षदों पर गिरी गाज

दरअसल, गुरुवार, 16 जुलाई को पार्टी की तरफ से एक लेटर जारी किया गया. इस लेटर में तीन महिला पार्षदों को सस्पेंड करने की जानकारी दी गई. इन पार्षदों के नाम निर्मला देवी, कृष्णा राघव और सुल्ताना आबादा हैं. इस निलंबन पत्र को खुद आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने अपने एक्स अकाउंट से शेयर किया. इसमें उन्होंने इन तीनों पार्षदों को तुरंत प्रभाव से पार्टी से सस्पेंड किए जाने की जानकारी दी.

आखिर क्यों आई निलंबन की नौबत?

अब सवाल यह उठता है कि पार्टी को अपने ही नेताओं पर इतना बड़ा एक्शन क्यों लेना पड़ा? दरअसल, बुधवार 15 जुलाई को दिल्ली नगर निगम की 12 वार्ड समितियों के चुनाव हुए थे. इन चुनावों के जो नतीजे आए, उसने सबको चौंका दिया. बीजेपी ने एकतरफा खेल दिखाते हुए 12 में से 10 वार्ड समितियों में अध्यक्ष पद पर अपना कब्जा जमा लिया.

इतना ही नहीं निगम की सबसे ताकतवर मानी जाने वाली स्टैंडिंग कमेटी (स्थाई समिति) की 6 सीटों में से 5 सीटें भी बीजेपी के खाते में चली गईं. दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के हिस्से में सिर्फ 2 वार्ड समितियों के अध्यक्ष पद और स्थाई समिति की महज 1 सीट आई.

इन नतीजों के सामने आने के बाद 18 सदस्यों वाली शक्तिशाली स्थाई समिति में बीजेपी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है. अब इस कमेटी में बीजेपी के सदस्यों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जबकि आम आदमी पार्टी के पास सिर्फ 6 सदस्य ही बचे हैं. बताया जा रहा है कि इसी हार और पार्टी के क्रॉस वोटिंग  करने के आरोप में आम आदमी पार्टी ने अपनी इन महिला पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की.

ऐन वक्त पर AAP पार्षद ने बदला पाला

आम आदमी पार्टी की मुश्किलें यहीं पर खत्म नहीं हुईं. चुनाव वाले दिन यानी बुधवार को सिविल लाइंस वार्ड से आम आदमी पार्टी के पार्षद विकास टाक ने पार्टी को एक और तगड़ा झटका दे दिया. सिटी सदर पहाड़गंज जोन के अध्यक्ष विकास टाक सीधे बीजेपी में शामिल हो गए. वाल्मीकि समुदाय से ताल्लुक रखने वाले इस युवा नेता ने बीजेपी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल और मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर की मौजूदगी में बीजेपी का दामन थाम लिया. विकास टाक के जाने से अब एमसीडी सदन में बीजेपी पार्षदों की संख्या बढ़कर 140 तक पहुंच गई है.

क्या कमजोर हो रही है आम आदमी पार्टी की पकड़?

MCD चुनावों में मिली इस करारी शिकस्त और अपने ही पार्षदों की क्रॉस वोटिंग के बाद अब कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या आम आदमी पार्टी दिल्ली नगर निगम में अपनी पकड़ खोती जा रही है? क्या सौरभ भारद्वाज का यह निलंबन वाला सख्त एक्शन पार्टी के भीतर मची इस दलबदल को रोक पाएगा? इस पूरे सियासी ड्रामे ने दिल्ली की राजनीति का पारा पूरी तरह गरमा दिया है.

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