दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है. मेट्रो में सफर के दौरान आपने अक्सर 'अगला स्टेशन राजीव चौक है, दरवाजे दाईं या बाईं तरफ खुलेंगे' जैसी घोषणाएं हजारों बार सुनी होंगी. अब तक आपको मेट्रो के अंदर सिर्फ स्टेशनों और यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारियां ही सुनाई देती थीं. लेकिन बहुत जल्द जब आप दिल्ली मेट्रो में सफर करेंगे, तो आपको इस चिर-परिचित आवाज के साथ-साथ एक और नई आवाज सुनाई देने वाली है. यह नई आवाज किसी स्टेशन की नहीं बल्कि कमर्शियल विज्ञापनों यानी एड्स की होगी.
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इन 4 लाइनों पर शुरू होने जा रही है यह सेवा
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) इस नई सेवा की शुरुआत बेहद जल्द करने जा रहा है. शुरुआती चरण में इसे दिल्ली मेट्रो के सभी रूटों पर लागू नहीं किया जा रहा है, बल्कि इसके लिए चार प्रमुख रूटों का चयन किया गया है. अगर आप दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन, येलो लाइन, ब्लू लाइन या फिर मजेंटा लाइन पर सफर करते हैं, तो अब आपको ट्रेनों के अंदर रेगुलर अनाउंसमेंट के साथ-साथ कंपनियों के ऑडियो विज्ञापन भी सुनने को मिलेंगे. इन चार रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को आने वाले समय में अब इस नई व्यवस्था की आदत डालनी होगी.
आखिर दिल्ली मेट्रो क्यों ले रही है यह फैसला?
इस नए फैसले के पीछे दिल्ली मेट्रो का एक खास और बड़ा आर्थिक गणित छिपा हुआ है. दरअसल, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) लगातार अपने आय के स्रोतों यानी रेवेन्यू को बढ़ाने के प्रयासों में जुटा हुआ है. डीएमआरसी अपनी गैर-किराया आय यानी 'नॉन-फेयर रेवेन्यू' को बढ़ाना चाहता है. सबसे राहत की बात यह है कि मेट्रो प्रशासन अपनी कमाई तो बढ़ाना चाहता है, लेकिन वह इसका वित्तीय बोझ अपने यात्रियों के कंधों पर नहीं डालना चाहता. मेट्रो का किराया बढ़ाए बिना अपनी आय में इजाफा करने के लिए ही डीएमआरसी ने यह बीच का रास्ता निकाला है और इसके लिए कई बड़ी कंपनियों के साथ टाई-अप यानी हाथ मिलाया है.
क्या विज्ञापन की आवाजों से परेशान होंगे यात्री?
मेट्रो के अंदर विज्ञापनों की घोषणा की बात सुनकर बहुत से यात्रियों के मन में यह सवाल उठ सकता है कि क्या इससे उनके सफर में खलल पड़ेगा या वे परेशान होंगे. इस शंका को दूर करते हुए डीएमआरसी का साफ कहना है कि इस नई व्यवस्था का मकसद यात्रियों को परेशान करना बिल्कुल भी नहीं है. मेट्रो स्टेशनों और सुरक्षा से जुड़ी जो जरूरी घोषणाएं होती हैं, वे बिल्कुल वैसे ही जारी रहेंगी जैसे हमेशा से होती आ रही हैं. विज्ञापनों को केवल उन खाली समय के दौरान प्ले किया जाएगा जो दो स्टेशनों के बीच रेगुलर अनाउंसमेंट के बाद बच जाता है. यानी छोटे-छोटे ऑडियो विज्ञापन खाली वक्त में ही सुनाए जाएंगे.
यात्रियों को भी होगा इस व्यवस्था से फायदा
मेट्रो प्रशासन का मानना है कि इन ऑडियो विज्ञापनों से यात्रियों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी, बल्कि यह उनके अनुभव को बिल्कुल एक रेडियो की तरह बना देगा जैसे लोग अक्सर सफर में रेडियो सुनते हैं. इसके साथ ही इन विज्ञापनों के जरिए यात्रियों को बाजार में आने वाले नए प्रोडक्ट्स, अलग-अलग ब्रांड्स के ऑफर्स और किफायती डील्स की सटीक जानकारियां भी मिल सकेंगी. कुल मिलाकर, यात्रियों पर बिना किसी आर्थिक दबाव के दिल्ली मेट्रो अपने खजाने को भरने के लिए यह नया दांव खेलने जा रही है. अगली बार जब आप मेट्रो की इन लाइनों पर सफर करें और कोई विज्ञापन सुनाई दे, तो चौंकिएगा मत.
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Delhi Metro: दिल्ली में दौड़ेगी देश की पहली 3 कोच वाली मेट्रो, जानें रूट-स्टेशन और इसकी खासियत
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