दिल्ली में इंडिया गेट के नीचे से दौड़ेगी मेट्रो, बनेगा 9.9 किमी का नया कॉरिडोर और 9 स्टेशन, जानें किसे मिलेगा फायदा?

दिनेश यादव

• 04:53 PM • 01 Oct 2026

DMRC India Gate Underground Station: दिल्ली मेट्रो (DMRC) सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत 9.9 किलोमीटर लंबा नया अंडरग्राउंड कॉरिडोर तैयार कर रही है. इस रूट पर इंडिया गेट के नीचे से मेट्रो गुजरेगी. हाल ही में DMRC ने इस प्रोजेक्ट के तहत चार नए अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के टेंडर को मंजूरी दे दी है.

 दिल्ली मेट्रो के इस नए रूट से जुड़ेगा कर्तव्य पथ (प्रतिकात्मक फोटो)
दिल्ली मेट्रो के इस नए रूट से जुड़ेगा कर्तव्य पथ (प्रतिकात्मक फोटो)
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Delhi Metro Central Vista Project: देश की राजधानी दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है. इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली मेट्रो दो नई सुरंगे और चार नए अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाने जा रही है. खास बात यह है कि अब इंडिया गेट के नीचे से भी नई मेट्रो लाइन गुजरेगी. DMRC ने इस सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के तहत बनने वाले चार नए अंडरग्राउंड स्टेशनों के निर्माण टेंडर को मंजूरी दे दी है.

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9.9 किलोमीटर लंबा होगा नया कॉरिडोर, बनेंगे कुल 9 स्टेशन

यह पूरा मेट्रो कॉरिडोर 9.9 किलोमीटर लंबा होगा, जो सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का एक बेहद अहम हिस्सा है. इस पूरे रूट पर कुल नौ अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे सेंट्रल दिल्ली की कनेक्टिविटी पूरी तरह से बदल जाएगी. वर्तमान में जिन चार स्टेशनों के टेंडर जारी किए गए हैं, उनमें इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल, हाई कोर्ट और भारत मंडप शामिल हैं.

बिना सड़क पर आए सीधे पहुंच सकेंगे प्रमुख संस्थान

इन स्टेशनों को इंटरलॉकिंग सबवे के जरिए इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि यात्री बिना मुख्य सड़क पर आए सीधे कर्तव्य पथ, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और भारत मंडप (कन्वेंशन सेंटर) तक आ-जा सकेंगे. इसके अलावा पूरे 9.9 किलोमीटर के रूट पर शिवाजी स्टेडियम, कर्तव्य भवन, युग युगीन भारत, इंडिया गेट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडप, वॉर मेमोरियल, हाई कोर्ट और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल रहेंगे.

लाखों कर्मचारियों और सैलानियों को मिलेगा फायदा

इस नए मेट्रो कॉरिडोर के बनने से सेंट्रल दिल्ली में रोजाना आने-जाने वाले करीब 60 हजार सरकारी कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा. ये कर्मचारी बिना किसी ट्रैफिक जाम के अपने दफ्तर पहुंच सकेंगे. इसके साथ ही इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल और भारत मंडप घूमने आने वाले 2 लाख से अधिक सैलानियों के लिए भी इन जगहों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा.

2029 से पहले प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद

इस कॉरिडोर के पहले स्टेशन यानी शिवाजी स्टेडियम पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. चार स्टेशनों के टेंडर जारी होने के बाद बाकी बचे स्टेशनों के टेंडर भी जल्द जारी किए जाएंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि यह पूरा अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट 2029 से पहले बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा.

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