राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो अब अपने नियमों को और भी सख्त बनाने की तैयारी में है. केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में मेट्रो रेलवे संचालन और रखरखाव अधिनियम में संशोधन का विधेयक पेश किया है. इस नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को अधिक अनुशासित बनाना और जेल की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय भारी जुर्माने के जरिए नियमों का पालन सुनिश्चित करना है.
ADVERTISEMENT
अब जेब पर पड़ेगा भारी असर: जुर्माने की नई लिस्ट
नए संशोधन प्रस्ताव के अनुसार, मेट्रो परिसर में छोटी सी लापरवाही भी अब हजारों रुपये का फटका लगा सकती है:
- गंदगी फैलाना या तोड़फोड़: अगर आप मेट्रो के अंदर गंदगी फैलाते हैं, पोस्टर चिपकाते हैं या कोच में कुछ लिखते हैं, तो पहले लगने वाले 500 रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर सीधे 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव है.
- महिला कोच में प्रवेश: महिला आरक्षित कोच में पुरुषों के प्रवेश पर अभी तक महज 250 रुपये का जुर्माना लगता था, जिसे अब बढ़ाकर 5,000 रुपये किया जा रहा है.
- नशे में हंगामा या फर्श पर बैठना: मेट्रो में फर्श पर बैठने, थूकने या नशे की हालत में हंगामा करने पर पहले 500 रुपये का दंड था, जिसे अब 2,500 रुपये करने का प्रस्ताव है.
- झगड़ा या आपत्तिजनक सामग्री: मेट्रो के अंदर किसी से झगड़ा करने या कोई प्रतिबंधित सामग्री साथ ले जाने पर भी अब 2,500 रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है.
क्यों बदला जा रहा है कानून?
सरकार का तर्क है कि जेल भेजने की प्रक्रिया काफी जटिल और लंबी होती है. इसकी जगह जुर्माने की राशि को इतना बढ़ा दिया जाए कि यात्री नियम तोड़ने से पहले सौ बार सोचें. इससे मेट्रो का सफर न केवल अधिक सुरक्षित होगा, बल्कि स्टेशनों और ट्रेनों में साफ-सफाई भी बेहतर बनी रहेगी.
तो अगली बार दिल्ली मेट्रो में सफर करते समय इन नए नियमों का ध्यान जरूर रखें, वरना आपकी एक छोटी सी जिद या गलती आपकी जेब पर बहुत भारी पड़ सकती है.
ADVERTISEMENT


